चित्रकूट में 42वें गौरी-जया पार्वती व्रत का समापन:171 बालिकाओं ने की शिव-पार्वती की आराधना
चित्रकूट के परमहंस संत रणछोड़दास जी महाराज की तपोस्थली जानकीकुण्ड स्थित श्री रघुवीर मंदिर ट्रस्ट में गौरी एवं जया पार्वती व्रत का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। पिछले करीब 42 वर्षों से आयोजित किए जा रहे इस धार्मिक अनुष्ठान में इस वर्ष 171 बालिकाओं ने भाग लिया। सदगुरु महिला समिति की अध्यक्ष उषा बी जैन ने बताया कि यह व्रत प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी से श्रावण कृष्ण द्वितीया तक पांच दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान कुंवारी बालिकाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना करती हैं। उन्होंने बताया कि व्रत की शुरुआत पहले दिन ज्वारारोपण से होती है। इसके बाद प्रतिदिन नियमित पूजा, आराधना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। अंतिम दिन माता का रात्रि जागरण आयोजित होता है, जिसमें बालिकाएं धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती हैं। ज्वारा विसर्जन के साथ व्रत का विधिवत समापन किया जाता है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए गुरुभाई-बहनों और शिष्य परिवारों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने व्रत करने वाली बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण प्रक्षालन एवं पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

