Breaking News
गोंडा में पूर्व बसपा नेता के पिता ने हटाया अतिक्रमण:2 दिन तक खुद बुलडोजर से तुड़वाया अपना दो मंजिला मकान, HC ने दिया था आदेश

गोंडा जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के शाहपुर गांव में पूर्व बसपा नेता अब्दुल राजिक उस्मानी के पिता अब्दुल खालिक ने दो दिन में तालाब की जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर के माध्यम से तोड़वा करके स्वयं हटा दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद उन्होंने अपने दो मंजिला मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर सरकारी जमीन खाली की है। यह कार्रवाई कल रविवार दोपहर 2 बजे शुरू हुई और आज सोमवार देर शाम 4 बजे तक चली है। दो दिनो तक चले इस अभियान में ढाई बीघा तालाब की जमीन पर बना दो मंजिला तीन कमरों, बरामदे का मकान और बाउंड्री वॉल वाला मकान पूरी तरह से तोड़ दिया गया अतिक्रमण हटाने का पूरा खर्च अब्दुल खालिक ने खुद वहन किया। तरबगंज तहसील प्रशासन ने सोमवार शाम 4 बजे मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाए जाने की रिपोर्ट तैयार की। यह स्टेटस रिपोर्ट 29 जुलाई को लखनऊ हाईकोर्ट में पेश की जाएगी, जहां इस पूरे मामले की अगली सुनवाई होनी है। अब्दुल खालिक ने वर्ष 2015 से गाटा संख्या 460 जो कि तालाब के नाम पर दर्ज थी, उस पर अवैध कब्जा कर रखा था। गांव के निवासी मोहम्मद रफीक ने कई बार सरकारी तालाब की जमीन खाली कराने के लिए आवेदन दिए थे, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने लखनऊ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने बीते दिनों अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। हालांकि, पहले अतिक्रमण नहीं हटाया गया था। 29 जुलाई को अगली सुनवाई निर्धारित होने और योगी सरकार की बुलडोजर कार्रवाई के डर से अब्दुल खालिक ने स्वयं अतिक्रमण हटाने का फैसला किया। एसडीएम तरबगंज प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि अतिक्रमण का मलबा अभी भी वहीं पड़ा है, जिसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

गोहत्या पर केंद्रीय कानून-‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांग:सहारनपुर में गौ सम्मान अभियान के तहत 3.46 लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सौंपा

सहारनपुर में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के दूसरे चरण के तहत सोमवार दोपहर बड़ी संख्या में संत, गौसेवक और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। अभियान से जुड़े लोगों ने दावा किया कि देशभर से 15 करोड़ से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर जुटाए गए हैं। वहीं, सहारनपुर से करीब 3.46 लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन भेजा गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। कार्यक्रम की शुरुआत गोपूजन, शंखनाद और सामूहिक मंत्रोच्चार से हुई। इसके बाद लोगों ने बैनर और तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण प्रार्थना यात्रा निकाली। यात्रा डीएम कार्यालय पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और गोमाता की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रही। 30 से ज्यादा मांगें रखीं ज्ञापन में सरकार के सामने 30 से अधिक मांगें रखी गईं। इनमें गोहत्या रोकने के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने, केंद्रीय गो मंत्रालय बनाने, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और राष्ट्रीय गो-चारा नीति लागू करने जैसी मांगें प्रमुख रहीं। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। उनका कहना था कि सरकार को जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक फैसला लेना चाहिए। कई संगठनों ने दिया समर्थन कार्यक्रम में भारतीय किसान संगठन भानु, गोरक्षा दल समेत कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। उन्होंने अभियान का समर्थन करते हुए कहा कि गौ संरक्षण से जुड़े हर प्रयास में वे साथ रहेंगे। अभियान के प्रतिनिधियों ने बताया कि अप्रैल 2026 में पहले चरण के दौरान भी देशभर से हस्ताक्षर अभियान चलाकर ज्ञापन सौंपा गया था। मांगों पर अपेक्षित निर्णय नहीं होने के बाद दूसरे चरण में अनुस्मारक ज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा।

चित्रकूट में 42वें गौरी-जया पार्वती व्रत का समापन:171 बालिकाओं ने की शिव-पार्वती की आराधना

चित्रकूट के परमहंस संत रणछोड़दास जी महाराज की तपोस्थली जानकीकुण्ड स्थित श्री रघुवीर मंदिर ट्रस्ट में गौरी एवं जया पार्वती व्रत का आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। पिछले करीब 42 वर्षों से आयोजित किए जा रहे इस धार्मिक अनुष्ठान में इस वर्ष 171 बालिकाओं ने भाग लिया। सदगुरु महिला समिति की अध्यक्ष उषा बी जैन ने बताया कि यह व्रत प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी से श्रावण कृष्ण द्वितीया तक पांच दिनों तक मनाया जाता है। इस दौरान कुंवारी बालिकाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना करती हैं। उन्होंने बताया कि व्रत की शुरुआत पहले दिन ज्वारारोपण से होती है। इसके बाद प्रतिदिन नियमित पूजा, आराधना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। अंतिम दिन माता का रात्रि जागरण आयोजित होता है, जिसमें बालिकाएं धार्मिक प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती हैं। ज्वारा विसर्जन के साथ व्रत का विधिवत समापन किया जाता है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए गुरुभाई-बहनों और शिष्य परिवारों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने व्रत करने वाली बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनके चरण प्रक्षालन एवं पूजन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन के दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।

अयोध्या में ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर बनाई सड़क-पुलिया:जर्जर रास्ते से परेशान लोग बोले- नेताओं ने सिर्फ आश्वासन दिए, खुल रही विकास की पोल

अयोध्या के रुदौली विकासखंड की नरौली ग्रामसभा के साहपरी गांव में विकास कार्यों की हकीकत सामने आई है। लंबे समय से जर्जर पड़ी सड़क और पुलिया का निर्माण नहीं होने पर ग्रामीणों ने खुद चंदा जुटाकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। निर्माण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया है। ग्रामीणों के अनुसार, साहपरी गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल है। बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। कई दोपहिया चालक फिसलकर घायल हो चुके हैं और वाहन अक्सर रास्ते में फंस जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की, लेकिन केवल आश्वासन मिले। स्कूल बस फंसने के बाद लिया फैसला नरौली ग्राम पंचायत की आबादी करीब पांच हजार है, जबकि साहपरी गांव में लगभग 1100 लोग रहते हैं। इसी मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले सप्ताह 60 से अधिक बच्चों को लेकर जा रही एक स्कूल बस जर्जर नाले में फंस गई थी। दोनों ओर गहरे तालाब होने से बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन ग्रामीणों की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घर-घर चंदा जुटाकर शुरू कराया निर्माण इस घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क और पुलिया का निर्माण स्वयं कराने का निर्णय लिया। गांव-गांव और घर-घर से चंदा एकत्र कर निजी धनराशि से निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन जीत के बाद गांव की बुनियादी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। एसडीएम बोले- कराएंगे जांच रुदौली के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों द्वारा चंदा जुटाकर सड़क निर्माण कराया जा रहा है, तो मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह मुख्य मार्ग है, तो इसका निर्माण पहले ही हो जाना चाहिए था।

एटा में लोकशांति से खिलवाड़ पर डीएम का सख्त एक्शन:5 शस्त्र लाइसेंस निलंबित, सार्वजनिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग कर दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं

एटा में कानून-व्यवस्था और लोकशांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट अरविंद सिंह ने शस्त्रों के दुरुपयोग की शिकायतों और जांच रिपोर्टों के आधार पर पांच शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। संबंधित थाना प्रभारियों को सभी लाइसेंसी शस्त्रों को तुरंत जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध अभिलेखों की जांच में यह सामने आया कि कुछ लाइसेंसधारकों पर आम नागरिकों, पड़ोसियों और परिजनों को धमकाने के आरोप थे। इसके अतिरिक्त, शादी-विवाह एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग करने तथा लोकशांति और जनसुरक्षा को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप भी इन पर लगे थे। इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई। निलंबित लाइसेंसधारकों से शस्त्र तत्काल जमा कराए निलंबित किए गए लाइसेंसधारकों में द्वारिकापुरी, आगरा रोड, कोतवाली नगर निवासी योगेश कुमार शर्मा के एनपीबी राइफल और रिवॉल्वर/पिस्टल के दो लाइसेंस शामिल हैं। इनके अलावा, ग्राम कुसवाह, थाना अवागढ़ के रघुराज सिंह का एनपीबी राइफल लाइसेंस, नगला दाऊदगंज, थाना अलीगंज के जबर सिंह का डीबीबीएल गन लाइसेंस और दिनेश नगर, थाना कोतवाली नगर के दीपक कुमार उर्फ विनय कुमार का 32 बोर पिस्टल लाइसेंस भी निलंबित किया गया है। डीएम अरविंद सिंह ने संबंधित थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी निलंबित लाइसेंसधारकों से उनके शस्त्र तत्काल जमा कराए जाएं और न्यायालय के आदेश का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई व्यक्ति लाइसेंसी शस्त्र का दुरुपयोग करता है, हर्ष फायरिंग करता है या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करता है तो उसके खिलाफ शस्त्र अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनपद में कानून का राज सर्वोपरि है और लोकशांति एवं जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंसी शस्त्र केवल सुरक्षा एवं आत्मरक्षा के लिए हैं, उनका दुरुपयोग किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि शस्त्रों के दुरुपयोग या हर्ष फायरिंग जैसी किसी भी घटना की सूचना तत्काल पुलिस या जिला प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।