गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की तैयारियां पूरी:12 लाख शिवभक्तों आने की संभावना, 1467 CCTV से होगी निगरानी
गाजियाबाद जिला प्रशासन ने श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन को इस बार जिले में 12 लाख से अधिक शिवभक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, यातायात और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री और शासन के निर्देशों के अनुरूप कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिले के प्रमुख शिव मंदिरों और कांवड़ मार्ग को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। दूधेश्वर नाथ मंदिर के पास 12 ज्योतिर्लिंगों की आकर्षक पेंटिंग बनाई जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण का अनुभव हो सके। कांवड़ मार्ग और मंदिरों के आसपास व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है। शिवरात्रि के अवसर पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए गाजियाबाद पहुंचते हैं, और इस बार भी 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अतिरिक्त चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं। पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का भंडारण किया गया है और मेडिकल टीमों को तैनात किया गया है। छोटा हरिद्वार घाट पर स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। करीब 170 मीटर लंबे घाट पर दोनों ओर बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें तैनात की जाएंगी। घाट पर गोताखोरों और नावों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। एडीएम सिटी विकास कश्यप ने बताया कि कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 24 से 25 किलोमीटर लंबे पाइपलाइन मार्ग पर विशेष लाइटिंग की जा रही है। पूरे कांवड़ रूट की निगरानी के लिए 1,467 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग मेरठ रोड स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत, सिंचाई तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हो सके।

