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प्लास्टिक और फेंके गए तार में फंसा आठ फुट लंबा अजगर

 

अपनी जान बचाने के लिए करता रहा संघर्ष: वाइल्डलाइफ़ एसओएस ने बचाया

बाबा न्यूज 

आगरा। वाइल्डलाइफ़ एसओएस रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट ने आगरा के सिकंदरा छेत्र से रेप्टाइल्स बचाने के दो अनोखे ऑपरेशन किए। उन्होंने एक आठ फ़ीट लंबे अजगर को बचाया, जो टेलीफ़ोन के तार और प्लास्टिक कचरे में फंसकर घायल हो गया था, इसके साथ ही वॉशिंग मशीन में फंसे एक इंडियन वुल्फ़ स्नेक को भी सुरक्षित बचाया गया। ये घटनाएं दिखाती हैं कि कैसे फेंका गया कचरा और तेज़ी से बढ़ता शहरीकरण वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

आगरा में लापरवाही से फेंके गए टेलीफ़ोन के तार और प्लास्टिक की बोतल में एक अजगर बुरी तरह से फँस गया था। घायल साँप मुश्किल से हिल-डुल पा रहा था; हर कोशिश के साथ तार उसके शरीर को और गहरी तरह से जकड़ रहा था। वाइल्डलाइफ़ एसओएस की टीम ने तुरंत अजगर को बाहर निकाला और उसे आगरा भालू संरक्षण केंद्र पहुँचाया। वहाँ पशु-चिकित्सकों ने सर्जरी करके फँसे हुए तार को निकाला और उसे प्लास्टिक की बोतल से आज़ाद किया; साथ ही, रेडियोग्राफ़िक जाँच से पुष्टि हुई कि उसकी हड्डियों में कोई चोट नहीं आई थी। साँप अभी भी पशुचिकित्सा टीम की देखरेख में है और पूरी तरह से ठीक होने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

एक अलग घटना में, आगरा के ही सिकंदरा छेत्र की एक हाउसिंग कॉलोनी के निवासियों ने अपनी वॉशिंग मशीन के अंदर इंडियन वुल्फ स्नेक को देखा, जिसके तुरंत बाद उन्होंने वाइल्डलाइफ एसओएस हेल्पलाइन नंबर (+91 9917109666) पर संपर्क किया। रेस्क्यू टीम ने सावधानी से वॉशिंग मशीन को खोला और सांप को सुरक्षित बाहर निकाला। सांप को कोई चोट नहीं आई थी, जिसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया।

आई.यू.सी.एन की रेड लिस्ट में ‘नियर थ्रेटन्ड’ (संकट के करीब) के तौर पर शामिल, इंडियन रॉक पायथन या अजगर (पायथन मोलुरस) को वाइल्डलाइफ़ संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत सबसे ऊँचे स्तर की कानूनी सुरक्षा मिलती है।

आगरा के डीएफओ और नेशनल चंबल सैंक्चुअरी प्रोजेक्ट के डिप्टी कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट, IFS राजेश कुमार ने कहा, “जब कचरा जमा होता है, तो इसका खामियाजा जंगली जानवरों को भुगतना पड़ता है। महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवासों के आस-पास के इलाकों में कचरे को गैर-जिम्मेदाराना तरीके से फेंकने की वजह से ही यह अजगर जानलेवा स्थिति में फँस गया था। वन विभाग की मदद करते हुए वाइल्डलाइफ़ एसओएस की त्वरित कार्रवाई ने अजगर की जान बचा ली, लेकिन कचरे को सही तरीके से एवं सही जगह पर फेंकना ही एकमात्र समाधान है।

वाइल्डलाइफ़ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “इंसानों की लापरवाही की कीमत जंगली जानवरों को चुकानी पड़ रही है। जब प्राकृतिक आवासों के पास कचरा फेंका जाता है, तो फेंकी गई प्लास्टिक की बोतल या तार का एक टुकड़ा भी जानलेवा जाल बन सकता है। वाइल्डलाइफ़ की सुरक्षा की शुरुआत कचरे को ज़िम्मेदारी से निपटाने और हमारे साझा इलाकों को खतरनाक कचरे से मुक्त रखने जैसे आसान कामों से होती है।”

वाइल्डलाइफ़ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, “हर रेस्क्यू हमें याद दिलाता है, कि जंगली जानवर ऐसे इलाकों में ढल रहे हैं, जहाँ तेज़ी से इंसानों का कब्ज़ा बढ़ रहा है। जंगलों के पास फेंका गया कचरा न सिर्फ़ पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि जंगली जानवरों की जान भी ले सकता है।”

वाइल्डलाइफ़ एसओएस के कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स के डायरेक्टर, बैजू राज एम.वी. ने कहा, “चूहों की आबादी को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करके स्वस्थ इकोसिस्टम बनाए रखने में सांप बहुत ज़रूरी भूमिका निभाते हैं। जब वे घायल हो जाते हैं या इंसानी इलाकों में फंस जाते हैं, तो सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि उन्हें छेड़ा न जाए और रेस्क्यू टीम को बुलाया जाए, ताकि लोगों या जानवर दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”

वाइल्डलाइफ़ एसओएस की पशु चिकित्सा सेवाओं के डिप्टी डायरेक्टर, डॉ. एस. इलयाराजा ने कहा, “जब अजगर को लाया गया, तो तार उसकी खाल में धंस गया था और उसे सांस लेने में बहुत तकलीफ़ हो रही थी। सबसे पहले तार को हटाना और ज़ख्मों को साफ़ करना ज़रूरी था। रेडियोग्राफ़िक जांच से राहत मिली कि हड्डियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन ज़ख्म गहरे हैं और इसे जंगल में छोड़ने से पहले रोज़ाना लगातार देखभाल की ज़रूरत होगी।”

रक्तदान से पहले स्वास्थ्य मानकों की जानकारी जरूरी: डॉ. नीतू चौहान

2000 यूनिट रक्त संग्रह के लक्ष्य के साथ आगरा व्यापार मंडल ने शुरू किया जनजागरण अभियान

रक्तदान जागरूकता गोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताए सुरक्षित रक्तदान के महत्वपूर्ण नियम
16 अगस्त को आगरा व्यापार मंडल लगाएगा चतुर्थ विशाल रक्तदान शिविर

बाबा न्यूज 

आगरा। आगरा व्यापार मंडल द्वारा 16 अगस्त को दरेसी स्थित रामस्वरूप गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित होने जा रहे चतुर्थ विशाल रक्तदान शिविर से पूर्व कमला नगर स्थित लोकहितम ब्लड बैंक में रक्तदान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की मुख्य वक्ता एसएन मेडिकल कॉलेज के रक्तकोष विभाग की अध्यक्ष डॉ नीतू चौहान ने रक्तदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जागरूक किया।
डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति ने टैटू बनवाया है तो वह तीन माह बाद ही रक्तदान कर सकता है। अल्कोहल का सेवन करने के अगले दिन रक्तदान नहीं करना चाहिए। रक्तदान के लिए हीमोग्लोबिन कम से कम 12.5 ग्राम तथा वजन न्यूनतम 45 किलोग्राम होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंसुलिन पर निर्भर मधुमेह रोगी रक्तदान नहीं कर सकते, जबकि नियंत्रित मधुमेह (ब्लड शुगर 200 के भीतर) वाले व्यक्ति चिकित्सकीय परीक्षण के बाद रक्तदान कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करते रहे हैं, वे 65 वर्ष की आयु तक रक्तदान कर सकते हैं, जबकि पहली बार रक्तदान करने वाले व्यक्ति के लिए अधिकतम आयु 60 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने कहा कि प्लेटलेट्स किसी भी ब्लड ग्रुप के मरीज को चढ़ाई जा सकती हैं। साथ ही यह भी जानकारी दी कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को उनके माता-पिता का रक्त नहीं चढ़ाया जा सकता, हालांकि अभिभावक अन्य मरीजों के लिए रक्तदाता बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि ओ-नेगेटिव रक्त समूह को सार्वभौमिक दाता माना जाता है, जबकि एबी पॉजिटिव रक्त समूह का व्यक्ति किसी भी ब्लड ग्रुप का रक्त प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सेवा और जीवन बचाने की गौरवशाली परंपरा है।
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि संस्था इस वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2000 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
लोकहितम ब्लड बैंक के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी ब्लड बैंक आगरा व्यापार मंडल के इस महाअभियान में पूर्ण सहयोग देगा। ब्लड बैंक की विशेषज्ञ टीम शिविर में पूरे दिन उपस्थित रहकर रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श एवं रक्तदान की समस्त व्यवस्थाएं संभालेगी।
महामंत्री अखिलेश अग्रवाल एवं निदेशक संजीव जैन ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान समाज के प्रति सबसे बड़ा मानवीय दायित्व है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
गोष्ठी का संचालन राजीव गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अशोक मंगवानी, नितेश अग्रवाल, कन्हैयालाल राठौर, जयप्रकाश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, राजेंद्र सचदेवा, सुरेश बरेजा, राजेश सिंघल, योगेश रखवानी, बृजमोहन रेपुरिया, नितिन अग्रवाल, दुष्यंत गर्ग, रितेश राठौर, साहूकार सिंह आदि ने रक्तदान से संबंधित जिज्ञासाओं पर विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे।

डिपीए ने पुण्य तिथि पर स्वर्गीय  राम उजागर पांडे को किया याद 

बाबा न्यूज 

आगरा। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संस्थापक महामंत्री फार्मेसी रत्न स्वर्गीय  राम उजागर पांडे की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एस एन मेडिकल कॉलेज आगरा के वाह्य रोग विभाग में जनपद आगरा के सभी फार्मासिस्ट साथियों द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके संगठन के प्रति समर्पण एवं आदर्शों पर चलने का सभी ने संकल्प लिया ।उनके द्वारा संगठन के उत्थान हेतु किए गए कार्यों एवं व्यक्तित्व पर विचार व्यक्त किए। प्रांतीय महामंत्री डॉ रवींद्र सिंह राना ने उनके संगठन के प्रति समर्पण और आदर्शो पर चलने का प्रयास किया जाएगा। मुख्य संरक्षक डॉ महेश बघेल, डॉ रामभक्त मिश्रा,जिलाध्यक्ष डॉ मुकेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष डॉ राजीव उपाध्याय, मंडलीय सचिव डॉ रामनरेश परमार, डॉ सुभाष बघेल,प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ मुनेन्द्र चाहर,उपाध्यक्ष डॉ जितेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ प्रवीण मिश्रा, डॉ योगेश चौधरी, डॉ एन के पाल ,डॉ अनुराग शर्मा, डॉ श्याम सुंदर, डॉ योगेन्द्र शर्मा, डॉ उदय प्रताप, डॉ सुशील शर्मा, डॉ कमलेश जैन,डॉ प्रतिभा शर्मा, डॉ शर्मिष्ठा चाहर, डॉ विनोद पाल, विमल कुमार शर्मा, धीरज तिवारी एवं ट्रेनी फार्मासिस्टों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

वाइल्डलाइफ एसओएस ने अभी तक 5 लाख से अधिक देशी पौधे लगाकर रचा नया कीर्तिमान

बाबा न्यूज
वाइल्डलाइफ एसओएस ने भारत के विभिन्न पुनर्स्थापना स्थलों पर पिछले 5 वर्षों में 5 लाख से अधिक देशी पौधे रोपित कर संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि संस्था की पारिस्थितिक पुनर्स्थापना, जलवायु संरक्षण तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देशभर में मनाए जा रहे वन महोत्सव के अवसर पर संस्था इस उपलब्धि के साथ-साथ वृक्षारोपण के माध्यम से क्षतिग्रस्त प्राकृतिक जंगलों के पुनर्जीवन से हो रहे सकारात्मक एवं दीर्घकालिक प्रभावों को रेखांकित कर रही है।

इसके अंतर्गत इसी वर्ष मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में 2,000 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान के दौरान जामुन, अनार, अमरूद, शहतूत, इमली, नीम, गूलर तथा कटहल जैसे फलदार एवं देशी वृक्ष लगाए गए, जिन्हें स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध करने की क्षमता के आधार पर चुना गया।

यह व्यापक पहल उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एलिफेंट प्रोजेक्ट, कर्नाटक के बनेरघट्टा भालू बचाव केंद्र तथा रामदुर्गा वैली हैबिटेट कंजर्वेशन प्रोजेक्ट जैसे प्रमुख पुनर्स्थापना स्थलों तक फैली हुई है। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र स्थित लेपर्ड प्रोजेक्ट तथा जम्मू-कश्मीर में वाइल्डलाइफ एसओएस के विभिन्न परियोजना स्थलों पर भी वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक आवासों के पुनर्स्थापना के कार्य किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य देशी वनस्पतियों के रोपण के माध्यम से क्षतिग्रस्त पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्जीवित करना है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हो, मृदा अपरदन को रोका जा सके, कार्बन अवशोषण को बढ़ावा मिले तथा वन्यजीवों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ प्राकृतिक आवास विकसित किए जा सकें।

इन प्रयासों का सबसे उल्लेखनीय परिणाम कर्नाटक की रामदुर्गा घाटी में देखने को मिला, जहाँ खनन एवं वनों की कटाई से प्रभावित एक बंजर क्षेत्र को व्यापक वृक्षारोपण एवं जंगल पुनर्स्थापना के माध्यम से एक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तित किया गया। इन प्रयासों से भूजल पुनर्भरण में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे अब गर्मियों के दौरान भी बोरवेल के माध्यम से खेती संभव हो पाई है तथा ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन में कमी आई है।

इसी प्रकार मथुरा स्थित एलिफेंट प्रोजेक्ट के आसपास बड़े पैमाने पर किए गए वृक्षारोपण ने देशी हरित क्षेत्र का विस्तार किया है और जैव विविधता के अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इसके परिणामस्वरूप यहाँ जकोबियन कुक्कू, काला तीतर, येलो फुट ग्रीन पिजन, इंडियन ग्रे हॉर्नबिल, किंगफिशर जैसी अनेक पक्षी प्रजातियों की वापसी देखी गई है। पक्षियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ इस क्षेत्र में बंगाल मॉनिटर लिज़र्ड की उपस्थिति भी दर्ज की गई है, जो एक स्वस्थ एवं संतुलित तंत्र का महत्वपूर्ण संकेत है।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा “5 लाख से अधिक पौधे लगाना केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह उन पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्जीवित करने की हमारी वर्षों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिन पर वन्यजीवों और मानव समुदायों दोनों का भविष्य निर्भर करता है। वर्षों के दौरान हमने क्षतिग्रस्त वनों को पुनर्जीवित होते, वन्यजीव आवासों को फिर से जुड़ते तथा स्थानीय समुदायों को संरक्षण के सक्रिय भागीदार बनते देखा है। लगाया गया प्रत्येक पौधा जैव विविधता और पृथ्वी के अधिक सुरक्षित एवं सुदृढ़ भविष्य में किया गया एक निवेश है।”

वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक एवं सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, सफल संरक्षण तभी संभव है जब उससे वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी लाभ मिले। वनों को पुनर्स्थापना और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से हमने वनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी सशक्त बनाने का कार्य किया है।

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजू राज एम.वी, ने कहा*, देशी वृक्ष केवल हरियाली नहीं बढ़ाते, बल्कि वे सम्पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र का पुनर्निर्माण करते हैं। ये मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, भूजल स्तर को पुनर्भरित करने तथा वन्यजीवों के लिए भोजन और आश्रय उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में पक्षियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ इस क्षेत्र में बंगाल मॉनिटर लिज़र्ड की उपस्थिति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारे संरक्षण प्रयास दीर्घकालिक और सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।

वाइल्ड लाइफ एसओएस को प्रतिष्ठित टाइगर प्रोटेक्शन एंड एंटी-पोचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड से किया सम्मानित

बाबा न्यूज
आगरा। वाइल्डलाइफ एसओएस को वन्यजीव संरक्षण, एंटी-पोचिंग पहलों तथा भारत के बाघों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने में उत्कृष्ट योगदान के लिए 5वें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक 2026 में सम्मानित किया गया।
रणथंभौर में आयोजित 5वें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक 2026 के दौरान वाइल्डलाइफ एसओएस को प्रतिष्ठित टाइगर प्रोटेक्शन एंड एंटी-पोचिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान संगठन को वन्यजीव संरक्षण, एंटी-पोचिंग पहलों तथा भारत के बाघों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में उसके उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया। वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने संगठन की ओर से यह सम्मान ग्रहण किया तथा वाइल्डलाइफ एसओएस के एंटी-पोचिंग प्रयासों पर एक प्रस्तुति दी।
5वें रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक 2026 में देश-विदेश के प्रमुख संरक्षणविदों, नीति-निमार्ताओं, वन अधिकारियों, शोधकर्ताओं, फोटोग्राफरों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों तथा वन्यजीव प्रेमियों ने भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत की बाघ संरक्षण में उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ अब भी विद्यमान चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा ने किया। इंटरनेशनल टाइगर वीक कंजर्वेशन अवॉर्ड्स 2026 के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण, एंटी-पोचिंग प्रयासों, संरक्षण नेतृत्व, पत्रकारिता, फोटोग्राफी तथा संरक्षण के क्षेत्र में आजीवन योगदान सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित किया गया।
पिछले तीन दशकों से अधिक समय से वाइल्डलाइफ एसओएस अवैध वन्यजीव व्यापार पर अंकुश लगाने तथा बाघ सहित भारत के संकटग्रस्त वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। संगठन की एंटी-पोचिंग इकाई फॉरेस्ट वॉच वन विभाग, पुलिस विभाग तथा अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वन्यजीव तस्करों तथा अवैध वन्यजीव व्यापार से जुड़े अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, उनके कब्जे से वन्यजीवों की खाल, शरीर के अंग, हाथीदांत तथा और कई मामलों में जीवित वन्यजीवों को भी सुरक्षित बरामद करने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करती है। हमारे प्रयासों से प्रवर्तन एजेंसियों को संगठित शिकार गिरोहों का पदार्फाश करने, घातक जॉ ट्रैप, फंदों तथा अन्य शिकार उपकरणों को बरामद करने और संरक्षित क्षेत्रों में फंदों की तलाश के अभियान संचालित करने में सहायता मिली है। साथ ही, इन प्रयासों ने वन्यजीव अपराधियों के सफल अभियोजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें लगभग दो वर्ष तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद तमिलनाडु में बाघ के शिकार में संलिप्त एक गिरोह को दोषसिद्ध किए जाने जैसा ऐतिहासिक मामला भी शामिल है। भारत के सबसे प्रतिष्ठित बाघ संरक्षण मंचों में से एक पर प्राप्त यह सम्मान बाघों और उनके प्राकृतिक आवास के दीर्घकालिक संरक्षण के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को पुन: स्थापित करता है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा,यह सम्मान हमारी पूरी टीम, वन विभाग में हमारे सहयोगियों तथा उन समुदायों के सामूहिक प्रयासों की पहचान है, जो भारत के बाघों की रक्षा में हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। एंटी-पोचिंग कार्य अक्सर लोगों की नजरों से दूर रहता है। यह दूरस्थ क्षेत्रों में, अंधेरे में और उन लोगों के सहयोग से किया जाता है, जो वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक का जोखिम उठाते हैं। हम यह सम्मान उन सभी की ओर से स्वीकार करते हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति धर्मेश शर्मा ने कहा, कार्तिक सत्यनारायण द्वारा एंटी-पोचिंग प्रयासों और बाघ संरक्षण पर दिया गया व्याख्यान अत्यंत ज्ञानवर्धक था। इस सत्र ने वन्यजीव अपराधों से जुड़ी जटिल चुनौतियों तथा जन-जागरूकता और संरक्षण संबंधी प्रयासों को और अधिक सशक्त बनाने की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया। इस प्रकार की पहलें वन्यजीव संरक्षण के प्रति व्यापक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। न्यायपालिका भी वन्यजीव अपराधों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध सशक्त और समयबद्ध कानूनी कार्रवाई तथा सफल अभियोजन को समर्थन देकर निवारक प्रभाव उत्पन्न करने में योगदान दे सकती है। मैं वाइल्डलाइफ एसओएस और इंटरनेशनल टाइगर वीक के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा करता हूँ तथा उनके संरक्षण प्रयासों की निरंतर सफलता की कामना करता हूँ।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने आगे कहा,भारत ने संसार चंद और भीमा बावरिया जैसे कुख्यात अपराधियों के नेतृत्व में संचालित संगठित शिकार गिरोहों के कारण बाघों, तेंदुओं, ऊदबिलावों तथा अन्य वन्यजीवों की बड़ी संख्या खोई है। इन अपराधियों का संबंध सरिस्का और पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघों और तेंदुओं के गायब होने सहित कई बड़े वन्यजीव अपराधों से रहा है। वाइल्डलाइफ एसओएस की एंटी-पोचिंग इकाई ने समन्वित प्रवर्तन अभियानों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई है। इनमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी), हरियाणा पुलिस और हरियाणा वन विभाग के साथ संयुक्त रूप से की गई छापेमारी भी शामिल है, जिसके दौरान गुरुग्राम (दिल्ली एनसीआर) में भीमा बावरिया को बाघ के कंकाल, बाघ की खाल, दो कछुओं तथा अन्य अवैध वन्यजीव सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था। अनेक राज्यों में दोषसिद्ध होने के बावजूद भीमा को लगातार जमानत मिलती रही है और वह आज भी बाघों के अवैध शिकार तथा उनके शरीर के अंगों की तस्करी में संलिप्त है। यह स्थिति खुफिया जानकारी आधारित सतत प्रवर्तन, गैर-सरकारी संगठनों और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय, अभियोजन की निरंतर प्रक्रिया तथा जनसामान्य की अधिक सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है। भारत के बाघों की सुरक्षा सामूहिक प्रयासों से ही संभव है और वाइल्डलाइफ एसओएस इस उद्देश्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, भारत में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन यह उपलब्धि अभी भी नाजुक है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। अवैध शिकार आज भी बाघों के अस्तित्व के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है और उनके दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करने के लिए अटूट प्रतिबद्धता आवश्यक है। इस सम्मान से हम अत्यंत गौरवान्वित हैं और भारत के बाघों के सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

देश की आर्थिक तरक्की के मौन शिल्पकार हैं सीए

 

स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरुस्कृत कर हुआ सीए माह का समापन

द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आगरा शाखा ने मनाया 78वां सीए स्थापना दिवस

बाबा न्यूज 

आगरा। चार्टर्ड एकाउंटेंट्स देश की आर्थिक विश्वसनीयता, पारदर्शिता और जवाबदेही की आधारशिला है। भारत की अर्थव्यवस्था जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। व्यापार, उद्योग से लेकर प्रशासन तक में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स आज मुख्य नेतृत्वकर्ता की भूमिका में हैं। सही मायने में सीए भारत की आर्थिक तरक्की के मौन शिल्पकार हैं। ये कहना था 78वें सीए स्थापना दिवस के अवसर पर द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की आगरा शाखा के सीए माह के समापन समारोह में जीएसटी ट्राइब्यूनल के न्यायाधीश अजीत सिंह का। बुधवार को आईसीएआई ने सीए स्थापना दिवस फतेहाबाद रोड स्थित सिग्नेचर रिसोर्ट में धूमधाम से मनाया गया।

*अध्यक्ष सीए सौरभ नारायण सक्सेना* ने कहा कि चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का देशव्यापी कार्यान्वयन हो या फिर डिजिटल टैक्स प्रशासन, इन सभी सुधारों को धरातल पर सफल बनाने में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ने सरकार और उद्योग जगत के बीच एक प्रभावी सेतु की भूमिका निभाई है।

सचिव सीए सचिन बुबना ने बताया कि सीए स्थापना दिवस के अंतर्गत फुटबॉल, बॉलीबॉल, क्रिकेट लीग, पौधारोपण, संगीत प्रतियोगिता, रक्तदान शिविर, स्वस्थ्य शिविर, योग दिवस, खेल दिवस, रंगोली और सेमिनार का महीने भर आयोजन किया गया। स्पर्धाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विजेताओं और सहयोगियों को मुख्य मंच से स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इससे पहले सुबह दस बजे संजय प्लेस स्थित सीए भवन पर सभी ने ध्वजारोहण व पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कोषाध्यक्ष सीए अंकित मित्तल ने बताया कि सीए दिवस के उपलक्ष में सीए छात्रों ने भी समारोह मैं गीतों पर ग्रुप डांस, गायन और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियो से सभी का मन मोह लिया। सूफी बैंड की सुरमयी और धमाकेदार प्रस्तुतियों ने महफिल में चार चांद लगा दिए। वरिष्ठ उघमी रजत अस्थाना ने लघु उद्योग के बारे में सीए छात्रों को विस्तार से मंच बताया। सभी का धन्यवाद सीए गौरव सिंघल ने दिया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष आयुष गोयल, विनय बंसल, अजय गोयल, तुषार मंगल, वीरेंद्र अग्रवाल, गुणदीप आहूजा, रूपल गर्ग, हर्षित गोयल, अभिषेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

यूपी रोडवेज कर्मचारी संघ बीएम एस के राजकुमार क्षेत्रीय अध्यक्ष, आलोक शर्मा क्षेत्रीय मंत्री बने

 

 

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आगरा।उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ सम्बद्ध (भारतीय मजदूर संघ) आगरा क्षेत्र का क्षेत्रीय कार्यकारिणी का चुनाव आज ईदगाह बस स्टेशन प्रांगण में चुनाव अधिकारी मनोज राठौर प्रदेश उपाध्यक्ष एवं शैलेंद्र सिंह यादव की देखरेख संपन्न हुआ। इसमें राजकुमार क्षेत्रीय अध्यक्ष, आलोक शर्मा क्षेत्रीय मंत्री, नेत्रपाल सिंह कार्यकारी अध्यक्ष, चंद्रेश शर्मा संगठन मंत्री एवं चंद्रवीर सिंह क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष सर्वसम्मति से चुने गये। नवनिर्वाचित पदाधिकारीयों का सभी उपस्थित कार्यकर्ताओ द्वारा फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। सभी ने हर्ष व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकुमार क्षेत्रीय अध्यक्ष द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश भगौर जिला अध्यक्ष भारतीय मजदूर संघ ने किया। उक्त बैठक में कर्मचारी समस्याओं पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा हुई, जिसमें 2001 तक के सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, संविदा कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने, नियमित कर्मचारियों को राज्य कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता दिए जाने, तकनीकी कर्मचारियों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने, आउटसोर्स कर्मचारी के लिए सेवा नियमावली बनाए जाने, विभाग में परिचालकों की आपूर्ति हेतु सीधे विभाग द्वारा भर्ती किए जाने एवं रिक्त पदों को नियमित भर्ती से भरे जाने, संविदा कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने इत्यादि विषयों पर अविलंब उच्च प्रबंधन से वार्ता कर समाधान कराने का प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में वरिष्ठ कार्यकर्ता आर बी लाल शर्मा, रमाकांत त्यागी, जयप्रकाश शुक्ला जिला मंत्री भारतीय मजदूर संघ, शैलेंद्र लवानिया, अशोक त्यागी, के के पचौरी, राहुल शर्मा, आलोक शर्मा, अजय शर्मा, श्यामवीर सिंह, राजेंद्र चतुर्वेदी, नितिन शर्मा, धीरेंद्र सिंह, कृष्णकांत सिंह, गिरीश चंद्र, शुभम गुप्ता, पुष्प पाल सिंह, अशोक त्यागी, सुरेश पटवा, राजेंद्र सिंह प्रधान, कम्मोद सिंह, गौरीशंकर त्यागी, तारा सिंह, नवल सिंह, विनीत सिंह आदि शाखा अध्यक्ष एवं शाखा मंत्रियों सहित सभी डिपोज से आए लगभग 400 कर्मचारियों ने इस चुनावी सभा में भाग लिया।

अविवि शिक्षक कर्मचारी संघ चुनाव: पहले दिन चार लोगों ने परचे किए दाखिल

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आगरा। डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ चुनाव 2026 के अन्तर्गत आज नामांकन प्रक्रिया प्रारम्भ हुई। नामांकन के प्रथम दिन कुल चार प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसमें उपाध्यक्ष पद पर कुलदीप यादव, महामंत्री पद पर निखिल शर्मा, सहमंत्री पद पर राहुल पचौरी, कोषाध्यक्ष पद पर पवन कुशवाह ने नामांकन किया। कल अवकाश होने के कारण शनिवार 27 जून को नामांकन प्रक्रिया जारी रहेगी। यह नामांकन प्रक्रिया विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर जुबली हॉल में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर चुनाव अधिकारी प्रो. ब्रजेश रावत एवं सहयोग के लिये अधीक्षक प्रशासन नवीन अग्रवाल, पराग दीक्षित एवं मोहित भटनागर उपस्थित रहे। सभागार की व्यवस्था शिवम एवं राजू ने सम्भाली। विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के चुनाव की घोषणा होते ही हलचल शुरू हो गई है चुनाव के दावेदार मतदाताओं से संपर्क करने लगे हैं। कुछ लोगों ने तो घर-घर जाकर वोट मांगने का काम भी आरंभ कर दिया है। शनिवार को नामांकन का आखिरी दिन है। उसके बाद 29 जून को तस्वीर साफ होगी। अभी यह नहीं कहा जा सकता की मुकाबला किन-किन लोगों के बीच में होगा।

छावनी कर्मियों को मिलेगा वर्दी के बदले नकद भुगतान

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आगरा। पिछले 10 वर्षों से वर्दी मिलने से वंचित छावनी परिषद के सफाई कर्मचारियों व अन्य वर्दी के पात्र चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को वर्दी के बदले नकद भुगतान दिया जायेगा।
वर्दी के बदले नकद धनराशि का भुगतान दिलवाये जाने के लिए उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने आज मंगलवार को छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन को एक पत्र दिया।
पत्र में मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन को अवगत कराया गया है कि सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग ने भौतिक वर्दी वितरण पर रोक लगा दी थी। विकल्प के लिये सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया था कि वर्दी न देकर 01 जुलाई 2017 से 5000 रुपये वर्दी, जूता व धुलाई भत्ता के लिए प्रतिवर्ष दिये जायेंगे।
सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग ने एक शर्त ये भी रखी थी कि जब कर्मचारियों का मॅंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो जायेगा। ऐसी स्थिति में वर्दी की धनराशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि और हो जायेगी।
केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2024 को मॅंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत कर दिया है। इसलिए 01 जुलाई 2026 से 6250 रुपये का भुगतान छावनी परिषद के कर्मचारियों को मिलेगा।
इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, कार्मिक प्रशिक्षण विभाग नार्थ ब्लॉक नई दिल्ली का फा०स०14/04/2015- जे०सी०ए-2 दिनांक: 01 सितम्बर 2017 व रक्षा लेखा महा नियंत्रक दिल्ली छावनी का पत्र संख्या:- सं०प्रशा०/XIV 14164/ सातवां के०वे०आ०/ परिपत्र/ जिल्द- l दिनांक: 30-10-2017 पत्र के साथ संलग्न कर दिया है।
पत्र देने बालों में सुन्दर बाबू चंचल, विनोद इलाहाबादी, गुलशन दयाल, कान्हा ठाकुर आदि प्रमुख थे

लखनऊ में हुए अग्निकांड से सभी को सबक लेनी चाहिए:राजेश गोयल

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आगरा। लखनऊ में घटित अग्निकांड में प्राण गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रतापपुर स्थित रमाना मैरिज होम शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने कहा कि यह घटना हृदय को झकजोर कर देने वाली है। हमें इससे सबक लेना चाहिए। अपनेघरों, प्रतिष्ठान, होटल और रेस्टोरेंट आदि में अग्निशमन यंत्रों का इंतजाम रखना चाहिए। प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होने चाहिए। आगरा प्रशासन से अनुरोध है कि वह गैर पंजीकृत कोचिंग संस्थानों पर अपना शिकंजा कसे। श्रद्धांजलि सभा में विजय कुमार, किशोर कुमार, धर्मेश यादव, राजू शाहिद, राहुल उपाध्याय, विनोद बघेल, संजीव कपूर, अंकुर अग्रवाल, हिमांशु सचदेवा, सुनहरी लाल आदि मौजूद रहे।