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दिल्ली दंगों के 12 आरोपी बरी हुए:कोर्ट ने कहा- केवल भीड़ में शामिल होना दोष साबित नहीं करता

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में 12 आरोपियों को हत्या, दंगा और डकैती के आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ सिर्फ इसलिए आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती, क्योंकि वह गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा था। अदालत ने कहा कि आरोपी के व्यक्तिगत कृत्य का सबूत जरूरी है। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश परवीन सिंह कर रहे थे। इन 12 आरोपियों पर था केस मामले में लोकेश सोलंकी, पंकज शर्मा, अंकित चौधरी, प्रिंस, जतिन शर्मा, हिमांशु ठाकुर, विवेक पंचाल, ऋषभ चौधरी, सुमित चौधरी, टिंकू अरोड़ा, संदीप और साहिल आरोपी थे। 25 अगस्त के आदेश में कोर्ट ने कहा, “गैरकानूनी सभा में रहते हुए किसी व्यक्ति का घातक हथियार से लैस होना उसका व्यक्तिगत कृत्य है, जो IPC की धारा 144 के तहत अपराध बनता है। सिर्फ गैरकानूनी सभा का सदस्य होने से किसी व्यक्ति पर ऐसी जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।” कोर्ट ने कहा कि अभियोजन को हर आरोपी के खिलाफ उन खास कृत्यों का सबूत देना था, जिनसे कथित अपराध हुए। केवल भीड़ में शामिल होने के आरोप के आधार पर दोष साबित नहीं किया जा सकता। नाले में मिला था मुरसलीन का शव सभी 12 आरोपी मुरसलीन की हत्या से जुड़े मामले में आरोपी थे। मुरसलीन का शव 28 फरवरी 2020 को जौहरीपुर तिराहे के पास एक नाले में मिला था। अभियोजन के मुख्य गवाह दिवेश राजपूत को मुरसलीन की हत्या का प्रत्यक्षदर्शी बताया गया था। उस पर कई आरोपियों के नाम लेने का भी आरोप था, लेकिन सुनवाई के दौरान वह अपने बयान से मुकर गया। कोर्ट ने कहा कि उससे लंबी जिरह के बावजूद उसके बयान में ऐसा कुछ सामने नहीं आया, जिससे आरोपियों का गैरकानूनी भीड़ या हत्या से संबंध साबित हो। एक अन्य गवाह निसार अहमद ने भी आरोपियों पर कोई खास कृत्य करने का आरोप नहीं लगाया। यह आरोप उस समय का था, जब वे कथित तौर पर भीड़ का हिस्सा थे। भीड़ की पहचान को लेकर कोर्ट की टिप्पणी कोर्ट ने कहा, “सिर्फ यह कहने से कि जौहरीपुर पुलिया पर उसने जिस भीड़ को देखा था, वही उसके घर हुई घटना के लिए जिम्मेदार थी, यह नहीं माना जा सकता कि आरोपी उसके घर में तोड़फोड़, लूट और आगजनी करने वाली भीड़ का हिस्सा बने रहे।” अदालत ने उस पुलिस गवाह पर अभियोजन की निर्भरता भी खारिज कर दी, जो भीड़ में मौजूद लोगों की पहचान नहीं कर सका था। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के नाम पुकारे जाने की आवाज सुन लेना उनकी पक्की पहचान नहीं माना जा सकता। हिमांशु पर मोबाइल रखने का आरोप साबित हालांकि, कोर्ट ने हिमांशु ठाकुर को IPC की धारा 411 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने पाया कि मुरसलीन का मोबाइल फोन हिमांशु के पास से मिला था और वह उस हैंडसेट में सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था।

सोनिया गांधी की किताब छापने पर अटका पेंगुइन इंडिया:कहा- बाहरी दबाव नहीं था, एक मुद्दे पर राइटर्स की टीम से सहमति नहीं बनी

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने सोनिया गांधी की किताब प्रकाशित नहीं करने के फैसले पर सफाई दी है। पब्लिशर ने कहा कि इस फैसले के पीछे कोई बाहरी दबाव नहीं था, बल्कि ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ पर चर्चा के दौरान एक खास मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। हालांकि PRHI ने उस मुद्दे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। पब्लिशर ने इसके लिए समझौते और लेखक की गोपनीयता का हवाला दिया है। यह सफाई कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के संस्मरण के भारत में प्रकाशन को लेकर चल रहे विवाद के बीच आई है। अमेरिका के अल्फ्रेड ए नॉफ ने घोषणा की है कि पेंगुइन रैंडम हाउस की यह इकाई किताब को 10 नवंबर को पूरी दुनिया में जारी करेगी। PRHI ने बाहरी दबाव की बात खारिज की PRHI की प्रवक्ता पल्लवी नारायण ने PTI को दिए विशेष बयान में कहा, “हमारे लिए यह जरूरी है कि आने वाले संस्मरण ‘Belonging’ के बारे में की गई कुछ गलत प्रस्तुतियों को ठीक किया जाए। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इस किताब को प्रकाशित करने के लिए बहुत उत्सुक था, क्योंकि इसे हासिल करने के लिए हमने काफी प्रयास किए थे।” प्रकाशक ने कहा कि किताब की सामग्री गोपनीय है और अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इस मामले में किसी भी तरह का बाहरी दबाव नहीं था। PRHI ने बताया कि पांडुलिपि सामान्य संपादकीय प्रक्रिया से गुजरी थी। इस दौरान कई मुद्दे उठाए गए और सोनिया गांधी के प्रतिनिधियों के साथ उन पर चर्चा की गई। प्रकाशक के मुताबिक, कुछ मुद्दों पर बदलाव के लिए सहमति बनी और कुछ मामलों में लेखक का पक्ष स्वीकार किया गया। हालांकि, अंत में एक खास मुद्दे पर समझौता नहीं हो सका। लेखक की टीम ने प्रकाशन से मना किया PRHI ने कहा कि इसके बाद सोनिया गांधी की टीम ने प्रकाशक को बताया कि वह किताब के प्रकाशन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाना चाहती। प्रकाशक ने कहा कि उसने टीम के इस फैसले का सम्मान किया। PRHI ने कहा, “हम एक समझौते से बंधे हैं और लेखक की गोपनीयता हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए हम यह नहीं बताएंगे कि किस बात के कारण गतिरोध पैदा हुआ।” पेंगुइन इंडिया ने कहा कि प्रकाशक के तौर पर किसी पांडुलिपि का आलोचनात्मक आकलन करना, सवाल पूछना, सुझाव देना और स्वतंत्र संपादकीय फैसला लेना उसकी जिम्मेदारी है। प्रकाशक के मुताबिक, ‘Belonging’ के मामले में भी उसने यही प्रक्रिया अपनाई। कांग्रेस नेताओं ने सरकारी दबाव का मुद्दा उठाया PRHI के सोमवार के बयान में उसकी पहले कही गई बात दोहराई गई है कि वह सोनिया गांधी का संस्मरण प्रकाशित करने के लिए तैयार और उत्सुक था। प्रकाशक ने यह भी कहा था कि तथ्य जांच और संपादकीय सुझाव उसकी सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया का हिस्सा हैं। किताब के प्रकाशन को लेकर विवाद तब तेज हुआ, जब ऐसी रिपोर्ट सामने आईं कि संपादकीय बदलावों पर मतभेद के बाद PRHI ने संस्मरण प्रकाशित करने से कदम पीछे खींच लिए। इसके बाद प्रकाशन संस्था को सोशल मीडिया यूजर्स और विपक्षी नेताओं की आलोचना का सामना करना पड़ा। कई कांग्रेस नेताओं ने सरकारी दबाव और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सवाल उठाए। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि पेंगुइन इंडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, RSS और मोदी सरकार के दौरान चीन के भारतीय क्षेत्र पर कब्जे से जुड़े हिस्सों को हटाने का दबाव डाला गया। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी सवाल उठाया था कि क्या प्रकाशक का रुख कहीं और से आए दबाव से प्रभावित हुआ। 10 नवंबर को दुनिया भर में जारी होगी किताब सोनिया गांधी के संस्मरण में उनके युद्ध के बाद के इटली में बचपन, नेहरू-गांधी परिवार में उनकी शादी, उनके पति राजीव गांधी की हत्या और राजनीति में उनके प्रवेश के बारे में लिखे जाने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन से पहले ही इस किताब को काफी ध्यान मिल रहा है। अमेरिका स्थित अल्फ्रेड ए नॉफ, पेंगुइन रैंडम हाउस की एक इकाई, ने इसे 10 नवंबर को दुनिया भर में जारी करने की घोषणा की है। PRHI वैश्विक प्रकाशन समूह पेंगुइन रैंडम हाउस की भारतीय सहायक और संचालन कंपनी है।

69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण विसंगति को लेकर प्रदर्शन:रायबरेली के सारस चौराहे पर नारेबाजी, इलाहाबाद विवि से लखनऊ तक ‘आरक्षण बचाओ यात्रा’

रायबरेली में 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी कथित विसंगतियों को लेकर सोमवार, 31 अगस्त 2026 को ओबीसी संघ के पदाधिकारियों और समर्थकों ने रायबरेली में विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 1 बजे सारस चौराहे पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उनके हाथों में तिरंगे और संगठन के झंडे थे। बैनरों पर ‘आरक्षण महाघोटाला—69000 शिक्षक भर्ती’ जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी और एससी वर्ग के अभ्यर्थियों के संवैधानिक आरक्षण के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। इसके चलते बड़ी संख्या में पात्र अभ्यर्थी अपने अधिकार से वंचित हुए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल नौकरी का नहीं, बल्कि संवैधानिक आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़ा है। इलाहाबाद से लखनऊ जा रही ‘आरक्षण बचाओ यात्रा’ ओबीसी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर ‘आरक्षण बचाओ यात्रा’ इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लखनऊ के ईको गार्डन में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए निकाली गई है। रायबरेली पहुंचने पर यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं ने सरकार और विपक्ष के खिलाफ भी नारे लगाए। उन्होंने पूरे मामले में स्पष्ट जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों के बैनरों पर ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत और एससी के लिए 21 प्रतिशत आरक्षण पूरा किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। उनका आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों के अनुपालन में हुई कथित गड़बड़ियों से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। पारदर्शी जांच और स्थायी समाधान की मांग प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पिछड़ा वर्ग आयोग और न्यायालय की कार्यवाही के दौरान भी आरक्षण संबंधी विसंगतियों का मुद्दा सामने आया है। उन्होंने सरकार से राजनीतिक बयानबाजी के बजाय भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शी जांच कराने और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पूर्व सोशल मीडिया बयान का भी हवाला दिया, जिसमें उनके अनुसार सरकार ने आरक्षण संबंधी विसंगति को स्वीकार किया था। उनका कहना था कि इसके बावजूद 69000 शिक्षक भर्ती विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। प्रदर्शन के दौरान सारस चौराहा नारों से गूंजता रहा। ओबीसी संघ के कार्यकर्ताओं ने कहा कि आरक्षण के अधिकार से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि भर्ती में कथित आरक्षण विसंगतियों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

मृत कोटेदार की दुकान से 148 कुंतल खाद्यान्न की कालाबाजारी:बेटे पर होगी FIR; जांच में 32 कुंतल गेहूं, 116 कुंतल चावल और 39 किलो चीनी गायब मिली

देवरिया के भाटपाररानी तहसील क्षेत्र के खामपार गांव में मृत उचित दर विक्रेता की दुकान के खाद्यान्न में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में 148.608 कुंतल खाद्यान्न की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी के अनुमोदन पर मृत कोटेदार के बेटे करुणेश कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन के मुताबिक, ग्राम पंचायत खामपार की उचित दर विक्रेता चंद्रावती देवी का 1 अगस्त 2026 को निधन हो गया था। इसके बाद उनकी दुकान का संबद्धीकरण इसी ग्राम पंचायत के उचित दर विक्रेता शिव अवतार सिंह के साथ कर दिया गया। आदेश की प्रति चंद्रावती देवी के बेटे करुणेश कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह को भी उपलब्ध कराई गई थी। संबद्ध विक्रेता को मिला सिर्फ 13 कुंतल खाद्यान्न दुकान के संबद्धीकरण के बाद वितरण उपकरण और करीब 13 कुंतल खाद्यान्न शिव अवतार सिंह को हस्तांतरित किया गया। इसके बाद शिव अवतार सिंह ने तहसील दिवस में शिकायत की कि उन्हें दुकान का पूरा खाद्यान्न नहीं मिला है। शिकायत पर नायब तहसीलदार भाटपाररानी और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। ग्रामीणों ने बताया- बेटा करता था दुकान का संचालन जांच के दौरान ग्रामीणों ने टीम को बताया कि चंद्रावती देवी की उचित दर दुकान का संचालन उनके बेटे मुन्ना सिंह द्वारा किया जाता था। प्रशासन ने उन्हें शेष खाद्यान्न संबद्ध विक्रेता को हस्तांतरित करने के लिए नोटिस भी जारी किया। आरोप है कि इसके बावजूद खाद्यान्न हस्तांतरित नहीं किया गया, जिससे कार्डधारकों को राशन वितरण प्रभावित हुआ। जांच में 148.608 कुंतल खाद्यान्न की गड़बड़ी जांच में 32.196 कुंतल गेहूं, 116.412 कुंतल चावल और 39 किलोग्राम चीनी की कथित कालाबाजारी सामने आई। कुल मिलाकर 148.608 कुंतल खाद्यान्न में गड़बड़ी का मामला पाया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद FIR की तैयारी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद करुणेश कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

होटल में पार्टी के दौरान हंगामा-मारपीट:तय समय से ज्यादा चली पार्टी को रोकने पर शुरू हुआ विवाद, कर्मचारी से मारपीट

महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र में एक होटल में पार्टी के तय समय से अधिक चलने को लेकर विवाद हो गया। होटल संचालक की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पार्टी खत्म होने के बाद जब होटल स्टाफ ने मेहमानों से परिसर खाली करने के लिए कहा तो कुछ लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर होटल कर्मचारी के साथ मारपीट की गई और धारदार हथियार से हमला करने का भी आरोप है। घटना में कर्मचारी के घायल होने की बात तहरीर में कही गई है। बन्नादेवी थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, शिकायतकर्ता होटल स्वामी अमित शर्मा, निवासी बरौला/बन्नादेवी क्षेत्र, अलीगढ़ में होटल अमित रेजीडेंसी संचालित करते हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार 30 अगस्त की रात होटल में एक जन्मदिन पार्टी मयंक श्रीवास्तव द्वारा आयोजित की गई थी। इसके लिए शाम करीब 7 बजे से रात 11 बजे तक का समय निर्धारित था। इसके लिए करीब 18,500 रुपये का भुगतान किया जाना था। रात 11 बजे के बाद भी होटल में रुके लोग
आरोप है कि तय समय रात 11 बजे समाप्त होने के बावजूद पार्टी में शामिल लोग होटल में मौजूद रहे। होटल स्टाफ और प्रबंधन की ओर से उन्हें समय समाप्त होने की जानकारी दी गई और परिसर खाली करने के लिए कहा गया। इसी दौरान विवाद शुरू हो गया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पार्टी में शामिल कुछ लोगों ने होटल के कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार किया। मामला बढ़ने पर होटल संचालक के भाई और स्टाफ ने स्थिति को संभालने की कोशिश की। कर्मचारी को रोकने पर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि होटल कर्मचारी अंकित ने जब विवाद कर रहे लोगों को रोकने की कोशिश की तो उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अंकित के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गया। तहरीर में अंदरूनी चोट लगने की बात भी कही गई है। घटना के बाद होटल प्रबंधन की ओर से मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में यह भी कहा गया है कि होटल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है और फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा सकती है। होटल संचालक ने सख्त कार्रवाई की मांग की
शिकायतकर्ता ने तहरीर में बताया है कि घायल कर्मचारी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। उन्होंने पुलिस से घटना की जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
इंस्पेक्टर बन्नादेवी हरिभान सिंह राठौर के अनुसार मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

आदर्श मंडी का सपना अधूरा, सड़क-सफाई और समस्याओं से जूझ रहा मोतीगंज बाजार

व्यापारिक समस्याओं के समाधान को लेकर श्री मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति की गोष्ठी, जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और दाल-बाटी के साथ हुआ पारिवारिक स्नेह मिलन
बाबा न्यूज
आगरा। शहर के प्रमुख खाद्य व्यापारिक केंद्रों में शामिल श्री मोतीगंज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित करने की घोषणा के बावजूद आज भी व्यापारी सड़क, सफाई, जलभराव और आवागमन जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। व्यापारियों ने इन समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग उठाते हुए कहा कि यदि मोतीगंज को वास्तव में आदर्श मंडी बनाना है तो यहां स्वच्छता व्यवस्था के साथ-साथ सड़कों का निर्माण और उनका समयबद्ध रखरखाव आवश्यक है।
श्री मोतीगंज खाद्य व्यापार समिति द्वारा लोहा मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में व्यापारिक समस्याओं के समाधान पर गोष्ठी एवं पारिवारिक स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने भाग लेकर मोतीगंज मंडी से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, वीरेंद्र अग्रवाल, श्री रामलीला कमेटी के उपाध्यक्ष भगवान दास बंसल, विष्णु दयाल बंसल, बीडी अग्रवाल, समिति के अध्यक्ष महावीर प्रसाद मंगल एवं महामंत्री शैलेंद्र अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक नेताओं का समिति की ओर से स्वागत एवं सम्मान किया गया।
गोष्ठी में समिति के सदस्यों ने बताया कि मोतीगंज क्षेत्र शहर का महत्वपूर्ण खाद्य व्यापारिक केंद्र है और प्रतिदिन यहां बड़ी मात्रा में व्यापारिक गतिविधियां संचालित होती हैं। इसके बावजूद मंडी की सड़क और सफाई व्यवस्था अभी तक अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।
व्यापारियों ने कहा कि मंडी में आवागमन के दौरान लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से माल की भारी ढुलाई और वाहनों की आवाजाही में कठिनाई उत्पन्न होती है। खराब सड़कों के कारण व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं।
व्यापारियों ने मांग रखी कि मोतीगंज को आदर्श मंडी के स्वरूप में विकसित करने के लिए सुदृढ़ सड़क निर्माण, नियमित सफाई व्यवस्था, सुचारु आवागमन और जलभराव से मुक्ति के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
व्यापारियों ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मंडी में बनी हुई सड़कों की समय-समय पर मरम्मत कराई जाए। बरसात के दिनों में सड़कों की खराब स्थिति और जलभराव के कारण व्यापारियों तथा ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आदर्श मंडी का स्वरूप केवल घोषणा से नहीं, बल्कि वहां उपलब्ध सुविधाओं से दिखाई देना चाहिए। स्वच्छ वातावरण, बेहतर सड़कें और सुगम यातायात व्यवस्था ही मोतीगंज को वास्तव में एक आदर्श व्यापारिक मंडी बना सकती है।
मुख्य अतिथि मेयर हेमलता दिवाकर ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कहा कि व्यापारिक क्षेत्रों की सुविधाओं में सुधार नगर के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने मंडी की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि व्यापारी शहर की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ होना चाहिए। उन्होंने मोतीगंज क्षेत्र के विकास और व्यापारियों की सुविधाओं के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
व्यापारिक गोष्ठी के बाद पारिवारिक स्नेह मिलन कार्यक्रम ने आयोजन को उल्लास और आनंद से भर दिया। वृंदावन से आए कलाकारों ने अपनी मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से ऐसा भक्तिमय वातावरण बनाया कि उपस्थित सभी लोग भाव-विभोर हो उठे।
मयूर नृत्य, फूलों की होली और सावन की मल्हार की आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में ब्रज संस्कृति की अनुपम छटा बिखेर दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर उपस्थित परिवारों ने जमकर आनंद लिया।
पारिवारिक स्नेह मिलन के दौरान समिति के सदस्यों और उनके परिवारों ने आपसी आत्मीयता के साथ समय बिताया। पारंपरिक दाल-बाटी के स्वाद के साथ व्यापारिक परिवारों ने स्नेह, सौहार्द और एकजुटता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष मयंक मंगल, उपाध्यक्ष श्रीनाथ बंसल, विशन स्वरूप गोयल, अखिलेश गोयल, मोहित गर्ग, संजीव सिंघल, प्रमोद कुमार गुप्ता, मनोज अग्रवाल, अखिल मंगल, पवन गोयल आदि उपस्थित रहे।

25 सितंबर को मुकुट पूजन से होगा रामलीला का शुभारंभ

वार्षिक पत्रिका रामांजली का हुआ विमोचन,150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करेगी आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला
बाबा न्यूज
आगरा। आगरा की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की पहचान श्रीरामलीला इस वर्ष अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है। 149 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूर्ण कर श्रीरामलीला महोत्सव अब अपने 150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए श्रीरामलीला कमेटी द्वारा इस वर्ष महोत्सव को भव्य, आकर्षक और अविस्मरणीय स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
आगामी 150वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए गौरवशाली आयोजनों की विशेष रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस वर्ष आयोजित होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव में जहां सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण किया जाएगा, वहीं आधुनिक तकनीक और नवीन प्रयोगों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी श्रीराम के आदर्शों और रामलीला की परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
रविवार को रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर पर श्रीरामलीला कमेटी की वार्षिक पत्रिका रामांजली का विमोचन किया गया। कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि श्रीरामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी महान संस्कृति, परंपराओं और आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। 150वें वर्ष में प्रवेश कर रही इस ऐतिहासिक रामलीला को विशेष और भव्य स्वरूप देने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि वार्षिक पत्रिका रामांजली में 25 सितंबर से प्रारंभ होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव के दैनिक कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी एवं मुकुट पूजन के साथ श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला प्रारंभ होगी।
26 सितंबर को मुकुट की सवारी निकाली जाएगी। 28 एवं 29 सितंबर को रावण की दुहाई की सवारियां निकाली जाएंगी। 30 सितंबर को मंचीय श्रीरामलीला का शुभारंभ होगा। 6 अक्टूबर को भव्य एवं ऐतिहासिक श्रीराम बारात निकाली जाएगी। 20 अक्टूबर को रावण वध की लीला का मंचन होगा तथा रावण के विशाल पुतले का दहन किया जाएगा। इस अवसर पर आकर्षक एवं मनमोहक आतिशबाजी भी आयोजित की जाएगी। हर वर्ष की भांति इस बार भी श्रीरामलीला के मंचीय आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने की जिम्मेदारी भगवान दास बंसल एवं विष्णु दयाल बंसल निभाएंगे।
रामांजली में प्रकाशित हुआ श्रीराम वन गमन विशेषांक
रामांजली केवल वार्षिक पत्रिका नहीं, बल्कि श्रीराम और रामायण संस्कृति से जुड़े ज्ञान एवं शोध का महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती जा रही है। गत वर्षों में पत्रिका में आगरा के श्रीराम मंदिरों तथा 21 रामायणों पर विशेषांक प्रकाशित किए जा चुके हैं। इस वर्ष रामांजली का विशेष आकर्षण श्रीराम वन गमन विशेषांक है। इसमें भगवान श्रीराम के वन गमन के दौरान आने वाले प्रमुख तीर्थ स्थलों और उनसे जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को विशेष रूप से प्रकाशित किया गया है। इस विशेषांक का संपादन एवं लेखन आदर्श नंदन गुप्ता ने किया है।
राम बारात की झांकियों में होगा एआई तकनीक का अभिनव प्रयोग
150वें स्वर्णिम वर्ष की ओर बढ़ रही श्रीरामलीला में इस बार अनेक नए और अभिनव प्रयोग किए जाएंगे। विशेष रूप से श्रीराम बारात की झांकियों के डिजाइन तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। नेत्रदान, रक्तदान और अन्य सामाजिक सरोकारों पर आधारित झांकियां भी श्रीराम बारात का प्रमुख आकर्षण होंगी।

प्राचीन स्वरूप की झलक भी होगी राम बारात में
आधुनिक तकनीक के साथ-साथ इस बार श्रीराम बारात में आगरा की पुरानी और ऐतिहासिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करने का भी प्रयास किया जाएगा।

ये रहे उपस्थित
विमोचन समारोह में उपाध्यक्ष विजय कुमार गोयल, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, संजय तिवारी, अजय गर्ग, राहुल गौतम, विनोद जौहरी, विष्णु दयाल बंसल, शैलेंद्र अग्रवाल, राकेश जैन, आयुष अग्रवाल, सौरभ गौतम, राहुल शर्मा, नितिन अग्रवाल, ऋषि गोयल, निक्की जौहरी आदि उपस्थित रहे।

 

युवा विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने आगे आए: पीएम

सांसद नवीन जैन ने कमला नगर में कार्यकर्ताओं के साथ सुनीं मन की बात
बाबा न्यूज
आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 137वें संस्करण को आगरा के बूथ संख्या 414, एम.एम. शेरी के शक्तिकेंद्र संयोजक मुकेश शर्मा के कमलानगर स्थित आवास पर सांसद नवीन जैन ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सुना। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के संबोधन को गंभीरता से सुना और उनके द्वारा दिए गए संदेशों को समाज के बीच पहुंचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के बाद सांसद नवीन जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात देश के जन-जन से सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है। यह कार्यक्रम केवल प्रधानमंत्री के विचारों को जनता तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों में समाज और राष्ट्र के लिए कार्य कर रहे लोगों की प्रेरणादायी कहानियों को सामने लाकर अन्य लोगों को भी सेवा और जनभागीदारी के लिए प्रेरित करता है।
सांसद ने कहा कि आज के संबोधन में प्रधानमंत्री ने नशा मुक्त युवा विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। युवाओं को नशे की बुराई से दूर रखना केवल किसी एक परिवार या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को मिलकर इसके खिलाफ जागरूकता का वातावरण तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य को सकारात्मक दिशा में लगाकर ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है।
नवीन जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश विशेष रूप से युवाओं और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है। समाज के प्रत्येक वर्ग को नशामुक्त भारत के अभियान से जुड़कर युवाओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब युवा स्वस्थ, जागरूक और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होंगे, तभी देश की प्रगति को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मन की बात के प्रत्येक संस्करण में प्रधानमंत्री देशवासियों को जनभागीदारी की नई प्रेरणा देते हैं। प्रधानमंत्री लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार के प्रयासों से नहीं हो सकता। इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक शक्ति और सहभागिता से ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।
सांसद ने कहा कि मन की बात ने देश में सकारात्मक कार्यों, स्थानीय प्रतिभाओं, सामाजिक प्रयासों और राष्ट्रसेवा की भावना को व्यापक मंच प्रदान किया है। इससे समाज के सामान्य व्यक्ति को भी यह विश्वास मिलता है कि उसका छोटा-सा प्रयास भी देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान बन सकता है।
इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष मुकेश वर्मा, वंश अग्रवाल, आशीष कुमार, राकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।