आंगन नन्द के भई बधाई, सकल ब्रजवासी दौड़े आए….

श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में नन्दोत्सव का आयोजन
बाबा न्यूज
आगरा। श्रीमथुराधीश जी के मंदिर में आज भव्य उत्सव था। नन्द के यहां नन्दलाल होने की बधाईयों की स्वरलहरियां गूंज रही थीं। पुष्पों से महकते मंदिर परिसर में पालने में विराजमान यसोदा के लाला की एक छवि पर हर भक्त बलिहारी था। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर आयोजित मनोरथ उत्सव श्रृंखला के अंतर्गत आज प्राचीन पुष्टिमार्गीय श्रीठाकुर मथुराधीश जी महाराज के मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव के उपरान्त मनाए जाने वाले नंदोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर में आंगन नन्द के भई बधाई, सकल ब्रजवासी दौड़े आए, ग्वालिन सब मिलि मंगल गावें, सोने चांदी नेग लुटावें… जैसे पदों की गूंज रही।
नंदोत्सव के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से पुष्पों और सतरंगी रोशनी से सजाया गया। ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार किया गया। बाल स्वरूप में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए। उत्सव की शुरूआत वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलाचरण के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे भजनों और बधाई गीतों का सामूहिक गायन किया। ढोलक मंजीरों संग बधाईयां गाकर भक्तों ने भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त किया। भक्ति संगीत की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरे मंदिर परिसर में उत्साह का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं के बीच माखन-मिश्री, पंचामृत और अन्य प्रसाद का वितरण किया गया। मंदिर के महन्त नन्दन श्रोत्रिय व जुगल श्रोत्रिय ने अपने प्रवचन में नंदोत्सव के धार्मिक, सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण केवल अधर्म के नाश के लिए ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को प्रेम, करुणा और धर्म का संदेश देने के लिए हुआ था। इस अवसर पर चरण सेवक के रूप में अंकित खंडेलवाल, निहारिका उपस्थित थे। भक्तों में मुख्य रूप से ब्रज खंडेलवाल, आव्या श्रोत्रिय, अपाला, पतस्या शर्मा, ओज,वी भारद्वाज, अथर्व, क्षमा दीक्षित, वैभव कक्कड़, तरुण आदि उपस्थित थीं।

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