महिला आयोग की सदस्य ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं:31 शिकायतों में 12 का मौके पर निस्तारण, वन स्टॉप सेंटर और आंगनबाड़ी का किया निरीक्षण
राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने बुधवार को कौशाम्बी दौरे के दौरान महिलाओं की समस्याएं सुनीं। वहीं अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पड़ताल की। महिला जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, पेंशन, आवास, राशन कार्ड, बिजली, हैंडपंप और शौचालय जैसी समस्याओं से जुड़ी कुल 31 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 12 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। महिलाओं से जुड़े मामलों में लापरवाही स्वीकार नहीं जनसुनवाई के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में प्रतिभा कुशवाहा ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से संचालित योजनाओं की प्रगति और पिछले तीन महीनों में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने और पात्र लाभार्थियों तक शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। दौरे के दौरान महिला आयोग की सदस्य ने मंझनपुर के चक नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार वितरित कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी। अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए इसके बाद प्रतिभा कुशवाहा ने जिला कारागार पहुंचकर महिला बंदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने महिला बंदियों से बातचीत कर उनके खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं और रहन-सहन की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने विकास खंड सिराथू परिसर में आयोजित जागरूकता चौपाल का निरीक्षण किया। यहां स्वास्थ्य, श्रम, महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुषाहार तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। चौपाल में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, ‘कन्या सुमंगला योजना’, ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ और ‘स्पॉन्सरशिप योजना’ समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को दी गई और पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी संचालित की गई। महिला आयोग की सदस्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए, ताकि जरूरतमंदों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

