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सपा ने लगाया MLC चुनाव में बूथ कैप्चरिंग का आरोप:अमरोहा के 7 व आगरा के 5 बूथों पर दोबारा मतदान की मांग, ECI को सौंपा ज्ञापन

विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग की है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजकर अमरोहा, आगरा, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और गोरखपुर समेत विभिन्न जिलों में मतदान के दौरान हुई कथित अनियमितताओं की शिकायत की है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक और कार्यकर्ताओं ने मतदान को प्रभावित किया। सपा ने अमरोहा के सात, आगरा के पांच तथा फतेहपुर और प्रतापगढ़ के एक-एक बूथ पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है। साथ ही, जिन मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग की शिकायतें मिली हैं, वहां की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और गिरफ्तारी की मांग की है। सपा का कहना है कि मतदान के दौरान पार्टी प्रत्याशियों और संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारियों, पर्यवेक्षकों तथा पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लिखित शिकायतों के बावजूद प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। अमरोहा के सात बूथों पर 92 से 96 प्रतिशत मतदान का हवाला सपा ने बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत अमरोहा जिले में मतदान के दौरान बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। पार्टी के अनुसार, धनौरा नगर पालिका के भाजपा चेयरमैन प्रवीण कुमार अग्रवाल ने सपा प्रत्याशी हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर के साथ मारपीट की। आरोप है कि उनके कपड़े फाड़ दिए गए और जान से मारने की धमकी दी गई। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि धनौरा के चेयरमैन ने पोलिंग बूथ संख्या 97 पर कब्जा किया। सपा ने दावा किया है कि जिलाधिकारी, पर्यवेक्षक और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने अमरोहा के सात मतदान केंद्रों पर दर्ज मतदान प्रतिशत को भी अपनी शिकायत का आधार बनाया है। ज्ञापन के मुताबिक, इन बूथों पर मतदान का प्रतिशत कुछ इस तरह रहा। सपा का आरोप है कि इन सातों बूथों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और मतदानकर्मियों की मिलीभगत से फर्जी मतदान कराया गया। पार्टी ने इन बूथों पर कुल 93.88 प्रतिशत फर्जी मतदान होने का दावा किया है। सपा ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि सातों बूथों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच कराई जाए। यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो संबंधित लोगों के साथ पीठासीन अधिकारियों और मतदानकर्मियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाए। आगरा में पांच बूथों पर गड़बड़ी का आरोप आगरा में भी सपा ने मतदान प्रक्रिया प्रभावित करने और पार्टी के पोलिंग एजेंटों को मतदान केंद्रों से बाहर निकालने की शिकायत की है। ज्ञापन में अलग-अलग घटनाओं का उल्लेख करते हुए भाजपा विधायक, पूर्व मंत्री और भाजपा प्रत्याशी के परिजनों पर आरोप लगाए गए हैं। सपा के अनुसार, आगरा के पोलिंग बूथ संख्या 21 पर भाजपा विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने कथित तौर पर बूथ कैप्चरिंग की। पार्टी का आरोप है कि सपा के पोलिंग एजेंट के साथ मारपीट कर उन्हें मतदान केंद्र से बाहर कर दिया गया। इसके बाद मतदानकर्मियों के साथ मिलीभगत करके फर्जी वोट डलवाए गए। इसी तरह, बूथ संख्या 45 पर पूर्व मंत्री रामसकल गुर्जर और भाजपा प्रत्याशी पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया गया है। सपा का दावा है कि पीठासीन अधिकारी की मिलीभगत से यहां फर्जी मतदान कराया गया। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई ज्ञापन में बूथ संख्या 26, 40 और 70 का भी उल्लेख है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रत्याशी हरी किशोर तिवारी के भतीजे ने इन तीनों बूथों पर कब्जा कर लिया और सपा के पोलिंग एजेंटों के साथ मारपीट कर उन्हें मतदान केंद्र से बाहर कर दिया। सपा ने कहा है कि पार्टी प्रत्याशी आकाश अग्रवाल और संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी, पर्यवेक्षक तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से लगातार शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल का एक वीडियो मीडिया में प्रसारित हुआ, जिसमें वह कैमरे के सामने रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। पार्टी ने इस घटनाक्रम को मतदान के दौरान कथित तौर पर बनाए गए दबाव और अनियमितताओं से जोड़ते हुए संबंधित बूथों पर दोबारा मतदान कराने की मांग की है। सपा ने आगरा के इन बूथों पर कथित गड़बड़ियों की जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और मतदानकर्मियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है। फतेहपुर और प्रतापगढ़ में भी बूथ कब्जाने की शिकायत सपा ने फतेहपुर और प्रतापगढ़ में भी मतदान के दौरान अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। फतेहपुर में पार्टी ने प्रदेश सरकार के एक मंत्री और भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष पर पोलिंग बूथ संख्या 159 पर कब्जा करने तथा पूरा बूथ लूटने का आरोप लगाया है। सपा ने इस मामले में संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। वहीं, प्रतापगढ़ जिले की कुंडा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बूथ संख्या 343 पर सपा ने रघुराज प्रताप सिंह के समर्थकों पर बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि इस बूथ पर कब्जा कर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। सपा ने दोनों मामलों में निर्वाचन आयोग से शिकायतों की गंभीरता से जांच कराने और आरोप प्रमाणित होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। गोरखपुर में सपा प्रत्याशी से दुर्व्यवहार का आरोप गोरखपुर में भी सपा प्रत्याशी डॉ. संजय त्रिपाठी के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला ज्ञापन में उठाया गया है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रत्याशी के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की की। सपा ने इस घटना को चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच करा कर हो दोबारा मतदान सपा ने अपने ज्ञापन में कहा है कि जिन मतदान केंद्रों पर बूथ कैप्चरिंग, फर्जी मतदान या पोलिंग एजेंटों के साथ मारपीट की शिकायतें मिली हैं, वहां की वीडियो रिकॉर्डिंग को जांच का आधार बनाया जाए। पार्टी की मांग है कि संबंधित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की ओर से दी गई शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए तथा जिन बूथों पर अनियमितताएं प्रमाणित हों, वहां नियमानुसार दोबारा मतदान कराया जाए। इसके अलावा, सपा ने कथित बूथ कैप्चरिंग में शामिल लोगों के साथ-साथ पीठासीन अधिकारियों और मतदानकर्मियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि मतदान प्रक्रिया में किसी स्तर पर मिलीभगत पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक और विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को यह ज्ञापन सपा के प्रदेश सचिव के.के. श्रीवास्तव, पार्टी की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। सपा की प्रमुख मांगें

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