जिप-सदस्य ने अध्यक्ष और बेटे पर मारपीट का लगाया आरोप:अध्यक्ष ने कहा- सदस्य ने पैसे मांगने पर धक्का-मुक्की की, पुलिस जांच में जुटी
ललितपुर में जिला पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र हरिओम निरंजन पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। जिप अध्यक्ष अमर विश्वकर्मा का दावा है कि 20 जून की शाम जिला पंचायत कार्यालय में उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई। वहीं, जिला पंचायत अध्यक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि केवल धक्का-मुक्की हुई थी, मारपीट नहीं। बुधवार को शहर के एक स्थानीय होटल में आयोजित जाखलौन क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य अमर विश्वकर्मा ने बताया कि 20 जून को शाम करीब 5:30 बजे जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन ने उन्हें मोबाइल फोन कर जिला पंचायत कार्यालय बुलाया था। उनके अनुसार, वहां अध्यक्ष के पुत्र हरिओम निरंजन, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश लोधी, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार खटीक तथा भाजपा नेता अवतार लोधी भी मौजूद थे। अमर विश्वकर्मा का आरोप है कि कार्यालय पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके पुत्र ने उनके गले में तौलिये का फंदा डालकर गाली-गलौज की और मारपीट की। उन्होंने बताया कि वहां मौजूद अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह उन्हें बचाया। अमर विश्वकर्मा ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने 22 जून को एसपी को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके परिजनों से जान का खतरा है। अध्यक्ष ने आरोपों को बताया झूठा दूसरी ओर, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि करीब चार वर्ष पहले उन्होंने जिला पंचायत सदस्य अमर विश्वकर्मा और उनकी पत्नी के नाम से एक जमीन खरीदी थी, जिसके एवज में 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। कैलाश निरंजन का कहना है कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे, तो अमर विश्वकर्मा ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई थी, किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि रुपये वापस न करने पड़ें, इसलिए उन पर और उनके पुत्र पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। पुलिस कर रही मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नगर सुनील भारद्वाज ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य द्वारा शिकायती पत्र दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

