छावनी कर्मियों को मिलेगा वर्दी के बदले नकद भुगतान

बाबा न्यूज 
आगरा। पिछले 10 वर्षों से वर्दी मिलने से वंचित छावनी परिषद के सफाई कर्मचारियों व अन्य वर्दी के पात्र चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को वर्दी के बदले नकद भुगतान दिया जायेगा।
वर्दी के बदले नकद धनराशि का भुगतान दिलवाये जाने के लिए उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ ने आज मंगलवार को छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन को एक पत्र दिया।
पत्र में मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन को अवगत कराया गया है कि सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग ने भौतिक वर्दी वितरण पर रोक लगा दी थी। विकल्प के लिये सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया था कि वर्दी न देकर 01 जुलाई 2017 से 5000 रुपये वर्दी, जूता व धुलाई भत्ता के लिए प्रतिवर्ष दिये जायेंगे।
सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग ने एक शर्त ये भी रखी थी कि जब कर्मचारियों का मॅंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत हो जायेगा। ऐसी स्थिति में वर्दी की धनराशि में 25 प्रतिशत की वृद्धि और हो जायेगी।
केन्द्र सरकार ने 1 जनवरी 2024 को मॅंहगाई भत्ता 50 प्रतिशत कर दिया है। इसलिए 01 जुलाई 2026 से 6250 रुपये का भुगतान छावनी परिषद के कर्मचारियों को मिलेगा।
इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुन्दर बाबू चंचल ने कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, कार्मिक प्रशिक्षण विभाग नार्थ ब्लॉक नई दिल्ली का फा०स०14/04/2015- जे०सी०ए-2 दिनांक: 01 सितम्बर 2017 व रक्षा लेखा महा नियंत्रक दिल्ली छावनी का पत्र संख्या:- सं०प्रशा०/XIV 14164/ सातवां के०वे०आ०/ परिपत्र/ जिल्द- l दिनांक: 30-10-2017 पत्र के साथ संलग्न कर दिया है।
पत्र देने बालों में सुन्दर बाबू चंचल, विनोद इलाहाबादी, गुलशन दयाल, कान्हा ठाकुर आदि प्रमुख थे

लखनऊ में हुए अग्निकांड से सभी को सबक लेनी चाहिए:राजेश गोयल

बाबा न्यूज
आगरा। लखनऊ में घटित अग्निकांड में प्राण गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि देने के लिए प्रतापपुर स्थित रमाना मैरिज होम शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें उपस्थित जनों ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कैंट बोर्ड के मनोनीत सदस्य राजेश गोयल ने कहा कि यह घटना हृदय को झकजोर कर देने वाली है। हमें इससे सबक लेना चाहिए। अपनेघरों, प्रतिष्ठान, होटल और रेस्टोरेंट आदि में अग्निशमन यंत्रों का इंतजाम रखना चाहिए। प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होने चाहिए। आगरा प्रशासन से अनुरोध है कि वह गैर पंजीकृत कोचिंग संस्थानों पर अपना शिकंजा कसे। श्रद्धांजलि सभा में विजय कुमार, किशोर कुमार, धर्मेश यादव, राजू शाहिद, राहुल उपाध्याय, विनोद बघेल, संजीव कपूर, अंकुर अग्रवाल, हिमांशु सचदेवा, सुनहरी लाल आदि मौजूद रहे।

आगरा से विमान सेवाओं का विस्तार हो : नवीन जैन

बंद उड़ानें पुनः शुरू हों, हैदराबाद सेवा बहाल कर खजुराहो के लिए नई उड़ान संचालित की जाए
बाबा न्यूज
आगरा। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखकर आगरा के खेरिया हवाई अड्डे से विमान सेवाओं का विस्तार किए जाने, विमानों की संख्या बढ़ाने, पूर्व में बंद की गई महत्वपूर्ण उड़ानों को पुनः संचालित करने, हैदराबाद विमान सेवा को बहाल करने तथा आगरा से खजुराहो के लिए नई विमान सेवा प्रारंभ किए जाने का आग्रह किया है।
सांसद नवीन जैन ने अपने पत्र में कहा कि उनका गृह जनपद आगरा विश्वविख्यात ताजमहल सहित अनेक ऐतिहासिक धरोहरों का नगर है। इसके कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक, व्यापारी एवं अन्य यात्री आगरा आते हैं। उन्होंने कहा कि आगरा केवल पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आगरा जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर प्रभु नेमिनाथ की जन्मस्थली के रूप में भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। आगरा के चारों दिशाओं में भगवान शिव के प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर विराजमान हैं। निकटवर्ती फिरोजाबाद ‘सुहाग नगरी’ के रूप में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है, जहां व्यापारिक गतिविधियों के कारण बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन बना रहता है। वहीं मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि तथा वृंदावन विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है। आगरा जनपद स्थित बटेश्वर धाम के प्राचीन शिव मंदिरों के दर्शन के लिए भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण पर्यटन एवं धार्मिक केंद्र होने के बावजूद आगरा के खेरिया हवाई अड्डे से सीमित संख्या में उड़ानों का संचालन होने के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।

सांसद नवीन जैन ने पत्र में उल्लेख किया कि पूर्व में विभिन्न एयरलाइंस द्वारा आगरा से दिल्ली, अहमदाबाद, जयपुर, लखनऊ, भोपाल, मुंबई, बेंगलुरु एवं हैदराबाद सहित अनेक शहरों के लिए विमान सेवाएं संचालित की जाती रही हैं। लेकिन वर्तमान में अहमदाबाद, जयपुर एवं भोपाल की विमान सेवाएं बंद हो चुकी हैं। वहीं आगरा से संचालित हैदराबाद की विमान सेवा को भी जेवर एयरपोर्ट स्थानांतरित किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है, जिससे आगरा के पर्यटन उद्योग, व्यापारिक गतिविधियों तथा आम यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सांसद नवीन जैन ने विशेष रूप से कहा कि अहमदाबाद की विमान सेवा पुनः प्रारंभ किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इससे गुजरात एवं उत्तर प्रदेश के मध्य व्यापारिक, औद्योगिक एवं सामाजिक संबंधों को नई गति मिलेगी तथा दोनों राज्यों के व्यापारियों एवं उद्यमियों को सीधा लाभ प्राप्त होगा।

सांसद नवीन जैन ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से आग्रह किया कि पूर्व में संचालित सभी महत्वपूर्ण विमान सेवाओं को यथावत पुनः प्रारंभ किया जाए, हैदराबाद की विमान सेवा को तत्काल बहाल किया जाए तथा आगरा को अन्य राज्यों से भी नई विमान सेवाओं के माध्यम से जोड़ा जाए, जिससे पर्यटन, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने आगरा से खजुराहो के लिए सीधी विमान सेवा प्रारंभ किए जाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि आगरा और खजुराहो दोनों ही विश्वस्तरीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहरों के केंद्र हैं। दोनों शहरों के बीच सीधी हवाई सेवा प्रारंभ होने से देशी-विदेशी पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन का विस्तार होगा।

सांसद नवीन जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के सकारात्मक हस्तक्षेप से आगरा की हवाई संपर्क व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।

सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर नजर अकैडमी सील:उन्नाव में डीआईओएस-एसडीएम ने की कार्रवाई, जांच जारी

उन्नाव में प्रशासन ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नजर अकैडमी कौटिल्य कोचिंग सेंटर को सील कर दिया। यह कार्रवाई जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) सुनील दत्त और एसडीएम मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में की गई। जांच के दौरान कोचिंग सेंटर में सुरक्षा और अन्य आवश्यक मानकों का पालन नहीं पाया गया। राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुई एक घटना के बाद जिले में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में सदर चौकी अंतर्गत संचालित इस कोचिंग सेंटर पर प्रशासनिक टीम ने छापेमारी की। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भवन की व्यवस्थाओं, प्रवेश-निकास मार्गों, अग्नि सुरक्षा इंतजामों और अन्य आवश्यक मानकों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां सामने आईं, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से संस्थान को बंद करने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छात्रों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी कर संचालित किसी भी कोचिंग संस्थान को अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले के अन्य कोचिंग सेंटरों की भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी संस्थान निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित हों। इस कार्रवाई से जिले के अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने सभी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने संस्थानों में सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें और सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन करें। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

मारपीट मामले में राज्यमंत्री ने एसपी कार्यालय पहुंचकर की मुलाकात:थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर जताई नाराजगी, एसपी के निर्देश पर केस दर्ज

सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र में हुए मारपीट मामले में कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही मंगलवार दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने हरगांव थानाध्यक्ष बलवंत शाही की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शिकायत दर्ज कराई। मंत्री ने आरोप लगाया कि मारपीट की घटना में शिकायत के बावजूद समय पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। जानकारी के अनुसार 21 जून को हरगांव कस्बे में सोनू और नदीम के बीच किसी बात को लेकर मारपीट हुई थी। घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू की गई, लेकिन मुकदमा दर्ज करने को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया जा रहा है कि कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही का मत था कि सोनू की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। वहीं हरगांव थानाध्यक्ष बलवंत शाही दोनों पक्षों की शिकायतों को देखते हुए दोनों ओर से कार्रवाई की बात कर रहे थे। इसी बात को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई और सीधे एसपी कार्यालय पहुंच गए। एसपी कार्यालय में मंत्री ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष पूरे मामले को रखा और थानाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी लेने के बाद पुलिस अधीक्षक ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मंत्री शांत हुए। प्रभारी निरीक्षक बलवंत शाही के अनुसार पीड़ित सोनू की तहरीर पर नदीम और उसके बेटों सहित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं मामले की जांच भी जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए प्रत्येक मामले में निष्पक्ष जांच और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

वाराणसी रेंज के 37 अपराधी 50 हजार के इनामिया:आईजी ने हत्या लूट समेत कई मामलों में आरोपियों पर बढ़ाई राशि, विशेष टीमें लगाईं

वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्णा ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को 37 वांछित एवं फरार अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इन अपराधियों में हत्या, गैंगस्टर, गौकशी, डकैती और अन्य गंभीर मामलों के आरोपी शामिल हैं, जिनकी पुलिस पिछले एक वर्ष से अधिक समय से तलाश कर रही थी। घोषित इनाम वाले अपराधियों में चंदौली जिले के 13, गाजीपुर के 12 और जौनपुर के 12 अपराधी शामिल हैं। इनमें कई ऐसे आरोपी भी हैं, जिन्हें पुलिस भगोड़ा घोषित कर चुकी है। डीआईजी वैभव कृष्णा ने बताया कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस ने उनके परिजनों, परिचितों और संभावित ठिकानों पर भी जांच-पड़ताल की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद अब उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। इन अपराधियों पर घोषित हुआ इनाम सूचना देने के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर
पुलिस ने इन अपराधियों के संबंध में सूचना देने के लिए 7839860411 नंबर जारी किया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति गोपनीय रूप से सूचना दे सकता है। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। एसओजी, विशेष टीमें और एसटीएफ भी लगी
डीआईजी ने रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एसओजी और अन्य विशेष टीमों को सक्रिय किया गया है। साथ ही आरोपियों का पूरा आपराधिक रिकॉर्ड और विवरण एसटीएफ को भी उपलब्ध कराया गया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इनाम घोषित होने के बाद अपराधियों की तलाश में तेजी आएगी और आम लोगों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर उनकी गिरफ्तारी संभव हो सकेगी। गंभीर अपराधों में वांछित हैं आरोपी
इनामी घोषित किए गए अधिकांश अपराधी गैंगस्टर एक्ट, हत्या, गौकशी, डकैती और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में वांछित हैं। कई आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं और पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इन अपराधियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।

सहारनपुर में सर्पदंश से बच्ची की मौत:इलाज में देरी और झाड़-फूंक के भरोसे गंवाई जान

सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र में सर्पदंश का शिकार हुई 11 वर्षीय बालिका की उपचार में देरी के कारण मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची को सांप काटने के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक और स्थानीय उपचार के लिए इधर-उधर ले जाते रहे। जब हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल पहुंचाया गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी और चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, देवबंद क्षेत्र के बहादरपुर गांव निवासी उपेंद्र कुमार अपने परिवार के साथ एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। परिवार भट्ठे के पास बनी झोपड़ी में रह रहा था। सोमवार देर रात उनकी 11 वर्षीय बेटी रामभतेरी अपनी बड़ी बहन के साथ चारपाई पर सो रही थी। इसी दौरान रात करीब तीन बजे वह अचानक चीख पड़ी और परिजनों को बताया कि उसे किसी जहरीले सांप ने काट लिया है। बच्ची के शोर मचाने पर परिवार के सदस्य और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक झोपड़ी के पास काले और सफेद रंग का एक सांप दिखाई दिया, जिसे बाद में मार दिया गया। हालांकि सांप के काटने की आशंका के बावजूद बच्ची को तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया। परिजन उसे झाड़-फूंक कराने के लिए दूसरे गांव ले गए और कई घंटों तक स्थानीय स्तर पर उपचार कराने का प्रयास करते रहे। समय बीतने के साथ रामभतेरी की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद परिजन उसे अलग-अलग स्थानों पर उपचार के लिए लेकर गए, लेकिन राहत नहीं मिली। आखिरकार बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रामभतेरी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले उपेंद्र कुमार के परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और दो बेटे हैं। मासूम की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं भट्ठे पर काम करने वाले अन्य मजदूरों और ग्रामीणों में भी शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.बीएल सोढ़ी ने बताया कि सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक या अंधविश्वास पर भरोसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार सांप के काटने के बाद मरीज को बिना समय गंवाए नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए, क्योंकि समय पर उपचार और एंटी-वेनम उपलब्ध होने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।

कन्नौज में 4 कोचिंग सेंटर सील, 1 लाइब्रेरी बंद:एसडीएम टीम ने फायर सेफ्टी और अनुमति मानकों का उल्लंघन पाया

कन्नौज जिले के छिबरामऊ में एसडीएम के नेतृत्व में एक टीम ने कोचिंग सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फायर सेफ्टी और आवश्यक अनुमति संबंधी मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर चार कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया गया, जबकि एक लाइब्रेरी को मानक पूरे होने तक बंद करने का निर्देश दिया गया। प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने छिबरामऊ क्षेत्र में संचालित छह कोचिंग संस्थानों की गहन जांच की। जांच के दौरान फायर सेफ्टी मानकों, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और संचालन के लिए आवश्यक अनुमति संबंधी दस्तावेजों की समीक्षा की गई। निरीक्षण में बनवारीनगर मोहल्ला निवासी धीरज गुप्ता की विद्या ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी, पवन कुमार की अध्ययन लाइब्रेरी, सादाब की एमएच लाइब्रेरी और आवास विकास कॉलोनी निवासी आशुतोष दुबे की ऋषिका लाइब्रेरी में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। फायर सेफ्टी मानकों और आवश्यक अनुमति के अभाव में इन चारों संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, गंगेश्वर नाथ मंदिर के पीछे स्थित गौरव चतुर्वेदी की स्टडी प्वाइंट डिजिटल लाइब्रेरी को भी मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक बंद रखने का आदेश दिया गया। अधिकारियों ने सभी कोचिंग संचालकों को चेतावनी दी कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीम ने कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देश दिए कि वे अग्निशमन सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें और बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के किसी भी स्थिति में कोचिंग का संचालन न करें।