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रामलीला मैदान का मंच टूटा, झोपड़ियां अब तक नहीं हटीं, सफाई व्यवस्था भी अधूरी

विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल और महामंत्री राजीव अग्रवाल ने जल्द मैदान तैयार कराने का किया आग्रह
रामलीला मैदान में अधूरे इंतजाम, कमेटी ने जताई चिंता, महापौर ने तीन-चार दिन में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के दिए निर्देश
बाबा न्यूज
आगरा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री रामलीला के भव्य आयोजन में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन रामलीला मैदान में तैयारियां अभी पूरी नहीं हो सकी हैं। मैदान में कई स्थानों पर पत्थर पड़े हैं, मंच भी क्षतिग्रस्त स्थिति में है। वहीं मैदान में बनी झोपड़ियां अभी तक हटाई नहीं गई हैं और सफाई व्यवस्था भी अधूरी है। इसे देखते हुए श्री रामलीला कमेटी द्वारा महापौर हेमलता दिवाकर के साथ रामलीला मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान विधायक एवं श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल तथा महामंत्री राजीव अग्रवाल ने मैदान की विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर महापौर से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने आग्रह किया कि रामलीला के आयोजन को देखते हुए मैदान को शीघ्र खाली कराया जाए तथा मंच, सफाई, प्रकाश और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा कराया जाए, ताकि आयोजन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विधायक एवं श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि रामलीला आगरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा आयोजन है। आयोजन में अब बहुत कम समय रह गया है, इसलिए मैदान की सभी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जानी आवश्यक हैं। उन्होंने महापौर से मैदान को शीघ्र व्यवस्थित कर रामलीला आयोजन के अनुरूप तैयार कराने का आग्रह किया।
महामंत्री राजीव अग्रवाल ने कहा कि रामलीला मैदान में मंच की मरम्मत, पत्थरों को हटाने, झोपड़ियों को खाली कराने और सफाई व्यवस्था सहित कई कार्य तत्काल कराए जाने हैं। कमेटी चाहती है कि श्रद्धालुओं और दर्शकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और भव्य आयोजन के लिए मैदान समय से पूरी तरह तैयार हो जाए।
महापौर हेमलता दिवाकर ने निरीक्षण के दौरान मौजूद अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार को निर्देशित किया कि रामलीला मैदान की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता पर लेते हुए तीन-चार दिन के भीतर सभी आवश्यक कार्य पूरे कराए जाएं। उन्होंने मैदान को खाली कराने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने तथा क्षतिग्रस्त मंच सहित अन्य व्यवस्थाओं को शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर विजय प्रकाश गोयल, मुकेश जौहरी, विष्णु दयाल बंसल, अंजुल बंसल, मनोज अग्रवाल, संजय तिवारी, ताराचंद अग्रवाल, महेश चंद्र अग्रवाल, अजय अग्रवाल, गिरधार अग्रवाल, राहुल शर्मा, राहुल गौतम, प्रसून मंगल, संजय अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।

 

जिसने राम नाम पकड़ लिया, उसे अपनी अस्मिता नहीं गिरानी : मोरारी बापू

राम-सीता विवाह प्रसंग पर भावविभोर हुआ कथा पंडाल
बाबा न्यूज
आगरा। करुणानिधान परिवार द्वारा जेपी वेडिंग ग्राउंड, फतेहाबाद रोड पर आयोजित मोरारी बापू की रामकथा के सातवें दिवस साधु के स्वरूप, त्याग, गुरु-कृपा, रामनाम, स्वाध्याय और श्रीराम-सीता विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन हुआ। कथा में श्रीराम के जनकपुर पहुंचने से लेकर सीता स्वयंवर, धनुष भंग, परशुराम संवाद और चारों भाइयों के विवाह तक के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्ति और आनंद से भर दिया।
कथा का आरंभ करते हुए मोरारी बापू ने साधु के स्वरूप की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि साधु कोई पद नहीं है, कोई क्रिया नहीं है। साधु तो एक स्वभाव है। साधु का स्वभाव सरल होता है, उसमें कुटिलता नहीं होती और वह सदा संतोष में रहता है।

कथा का कोई मूल्य नहीं, यह अमूल्य है
बापू ने खुले मंच से कथा आयोजन को लेकर चल रही भ्रांति पर भी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह भ्रम है कि बापू की कथा करवाने के लिए इतने हजार या इतने लाख रुपये देने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मानस अमूल्य है, उसका कोई मूल्य निर्धारित नहीं किया जा सकता और कथा को किसी मूल्य के बंधन में नहीं बांधा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ह्लमेरा मानस कहता है जिसमें कोई लोभ नहीं वह रघुनाथ हैं।ह्व बापू ने कहा कि जिसे सत्य की साधना नहीं मिली, वह ऋषित्व की ओर नहीं पहुंचा है।

आपातकाल में होती है विवेक और धैर्य की परीक्षा
बापू ने कहा कि विवेक और धैर्य की असली कसौटी सामान्य परिस्थितियां नहीं, बल्कि आपातकाल होता है। कठिन समय में जो व्यक्ति अपने विवेक और धैर्य को बनाए रखता है, वही वास्तव में साधना के मार्ग पर आगे बढ़ता है।महाप्रभु वल्लभाचार्य का स्मरण भी भजन के माध्यम से किया गया। इसी दौरान 2003 में आगरा की धरती पर कही गई ह्यमानस तेजो महलह्ण कथा की स्मृतियों को भी संजोया गया। बापू की उस कथा से जुड़ी पुस्तक ह्यमानस तेजो महलह्ण का विमोचन किया गया।
बापू ने कहा कि भीतर के तेजो महल का सृजन तभी होता है, जब मनुष्य त्याग को स्वीकार करता है। श्रेष्ठता को प्राप्त किए बिना त्याग की वास्तविकता समझ में नहीं आती। जिसने रामनाम को पकड़ लिया, उसे अपनी अस्मिता को गिरने नहीं देना चाहिए।

रिश्वत लेने और देने वाले दोनों पर पाप
बापू ने सामाजिक जीवन में ईमानदारी का संदेश देते हुए रिश्वत लेने और देने, दोनों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि पाप केवल लेने वाले पर नहीं, देने वाले पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिस पर राम की अति कृपा होगी, वही रामकथा तक पहुंचेगा।
शायर परवीना के एक शेर का उल्लेख करते हुए उन्होंने भाव रखा कि जीवन की ऐसी राह नहीं चुननी चाहिए जो मनुष्य को प्रभु से दूर कर दे।

मंदिर में दर्शन करो, लेकिन घर में धर्म जियो
बापू ने कहा कि मंदिर में दर्शन करना आवश्यक है, लेकिन धर्म का वास्तविक परीक्षण घर के व्यवहार में होता है। उन्होंने परिवार और सामाजिक जीवन में प्रेम, सद्भाव और संयम को प्राथमिकता देने की बात कही।

फिल्मी गीतों में भी छिपा हो सकता है ईश्वर का भाव
कथा के दौरान बापू ने कुछ फिल्मी गीतों की पंक्तियां भी गाईं और कहा कि हर गीत केवल मनोरंजन के लिए नहीं होता। कुछ गीत सीधे ईश्वर साधना, भक्ति और आस्था की ओर ले जाते हैं। लो आ गई उनकी याद, प्रभु नहीं आए से लेकर ह्य चंदन सा बदन चंचल चितवन और ह्यदीवानों से मत पूछो, दीवानों पर क्या गुजरी है जैसे गीतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनके मूल में भी आध्यात्मिक भाव खोजा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि गीत हो या कथा, यदि वह मनुष्य को भीतर से प्रभु की ओर ले जाए तो वह साधना का माध्यम बन जाता है।
कथा की महफिल समझदारों की नहीं, प्रेम में डूबने वालों की है
बापू ने स्वाध्याय और कथा वाचन को बिना आलस्य नियमित रूप से करने की सीख दी।
उन्होंने कहा कि कलियुग की विशेषता है कि यदि मनुष्य मानसिक रूप से भी किसी का भला सोचता है तो उसका फल मिलता है। उन्होंने कहा कि जिसका हृदय मानस से भरा है, वह पाप नहीं कर सकता।
निंदा और ईर्ष्या के स्वभाव से बचने की सीख देते हुए बापू ने कहा कि जिसका स्वभाव ही निंदा और ईर्ष्या करना है, वह अपने माता-पिता तक की निंदा और ईर्ष्या कर सकता है। मनुष्य को अपने भीतर प्रेम और सद्भाव विकसित करना चाहिए।

ऋषियों की परंपरा और पितरों के प्रति श्रद्धा
प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए बापू ने भारद्वाज, कपिल, आचार्य चरक, कश्यप और मनु आदि ऋषियों का स्मरण किया। मनुस्मृति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि किसी ग्रंथ की कोई बात पसंद न आए तो उसे छोड़ सकते हैं, लेकिन उसकी निंदा नहीं करनी चाहिए।
पितृपक्ष के निकट आने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे पितरों के प्रति तर्पण की परंपरा है, वैसे ही रामकथा के माध्यम से हम अपने ऋषियों की ज्ञान परंपरा को स्मरण और सम्मान का तर्पण कर रहे हैं।

राम जन्म पर सूर्य भी ठहर गया—बापू ने सुनाया भावपूर्ण प्रसंग
राम प्रकटीकरण की कथा को आगे बढ़ाते हुए बापू ने भगवान श्रीराम के जन्म की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राम जन्म के आनंद में मानो सूर्य भी अपनी गति भूल गया। राम के जन्म को उन्होंने पूरे ब्रह्मांड के लिए आनंद और मंगल का क्षण बताया।
भगवान शंकर और कागभुशुंडि जी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बापू ने भगवान राम के बाल स्वरूप और माता कौशल्या की गोद का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राम वह आनंद-सिंधु और सुख-राशि हैं, जिनका नाम आदि-अनादि है।

चार पुत्र नहीं, चार वेदों के सूत्र हैं
बापू ने दशरथ पुत्रों के नामकरण का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रामनाम त्रेता से बंधा हुआ नहीं है। भगवान शिव सदैव रामनाम का जाप करते हैं। इसी रामनाम की परंपरा में प्रभु का नाम राम हुआ।भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के नामों की आध्यात्मिक व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि ऋषि वशिष्ठ ने राजा दशरथ को समझाया कि तुम्हारे लिए ये केवल चार पुत्र नहीं, बल्कि चार वेदों के सूत्र हैं।कुमार अवस्था का वर्णन करते हुए बापू ने कहा कि गुरु से ज्ञान प्राप्त करने के बाद श्रीराम ने अपनी दिनचर्या में माता-पिता, गुरु और अतिथि के चरण स्पर्श को स्थान दिया। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि बच्चों को बचपन से ही घर से निकलने से पहले माता-पिता और बड़ों को प्रणाम करने की सीख देनी चाहिए।

ताड़का वध से अहल्या उद्धार तक पहुंची कथा
बापू ने कहा कि संत कहते हैं—जिसका चरित्र होता है, कथा उसी की सुनाई जाती है। यही कारण है कि रामचरितमानस केवल एक कथा नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का ग्रंथ है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में अनेक गीत कुछ दशकों बाद भुला दिए जाते हैं, लेकिन रामचरितमानस और भागवत कथा की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है।
भगवान राम के अवतार कार्य में आई बाधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने ताड़का वध का प्रसंग सुनाया। इसके बाद विश्वामित्र के साथ आगे बढ़ते हुए श्रीराम के गौतम ऋषि के आश्रम पहुंचने और अहल्या उद्धार का वर्णन किया। बापू ने कहा कि गौतम ऋषि की पत्नी अहल्या का प्रसंग यह सिखाता है कि भूल करने वाला हर व्यक्ति पापी नहीं होता।

जनक ने राम को देखा तो वैराग्य अनुराग में बदल गया
जनकपुर पहुंचने पर राजा जनक द्वारा श्रीराम के दर्शन का प्रसंग सुनाते हुए बापू ने कहा कि जनक परम वैरागी थे, लेकिन राम के दर्शन होते ही उनके भीतर अनुराग उमड़ पड़ा। उन्होंने राम को देखते ही उन्हें पहचान लिया और उनका मन राममय हो गया।
श्रीराम और सीता के प्रथम दर्शन, सीता की पार्वती आराधना, जनक की प्रतिज्ञा और शिवधनुष भंग का प्रसंग आगे बढ़ा। धनुष टूटने के बाद परशुराम के आगमन और श्रीराम के साथ उनके संवाद का वर्णन किया।

सीता-राम विवाह के साथ चारों भाइयों का मंगल मिलन
इसके बाद अयोध्या में विवाह का निमंत्रण भेजा गया। बारात जनकपुर पहुंची और श्रीराम सहित चारों भाइयों का विवाह संपन्न हुआ। विवाह पंचमी के मंगल प्रसंग के बीच जनकपुर आनंद से भर उठा। विदाई की बेला में राजा जनक की व्याकुलता और प्रेम का भाव भी बापू ने भावपूर्ण ढंग से सुनाया। इसके बाद चारों भाइयों और नववधुओं का अयोध्या में स्वागत हुआ और बालकांड का यह मंगलमय प्रसंग पूर्ण हुआ।
राम-सीता विवाह की महिमा बताते हुए मानस की यह पंक्ति भी कथा पंडाल में विशेष भाव लेकर आई—सिय रघुबीर बिबाहु जे सप्रेम गावहिं सुनहिं। तिन्ह कहुँ सदा उछाहु मंगलायतन राम जसु॥ अर्थात श्रीसीता और श्रीरघुनाथजी के विवाह प्रसंग को जो प्रेमपूर्वक गाते और सुनते हैं, उनके जीवन में सदा उत्साह और मंगल बना रहता है।

छोटू महाराज सिनेमा में दिखाई जा रही रामकथा की भी सराहना
कथा के दौरान मोरारी बापू ने एत्मादपुर स्थित छोटू महाराज सिनेमा, बैम्बू वाटर पार्क परिसर में राम कथा के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया और इसकी सराहना की। उन्होंने कहा कि कथा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के प्रयास भी अपने आप में सेवा का माध्यम हैं।

विश्व पर्यटन दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गूंजा केंद्रीय विद्यालय-2

 

विद्यार्थियों ने कला-संस्कृति के माध्यम से दिखाई भारत की विविधता
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आगरा। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2, आगरा कैंट में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नृत्य, अभिनय एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और विविधता में एकता की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. लव कुश मिश्रा, सीनियर प्रोफेसर, पर्यटन विभाग, इंस्टीट्यूट आॅफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (कळऌट), खंदारी कैंपस, आगरा ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पर्यटन के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि भारत की ऐतिहासिक धरोहर, विविध संस्कृतियां, लोककलाएं और परंपराएं देश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाती हैं। विद्यालय के प्राचार्य रमेश चंद्र ने पर्यटन और भारतीय संस्कृति के आपसी संबंध पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक विविधता पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। विद्यार्थियों को अपनी कला, संस्कृति और विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
कार्यक्रम का संयोजन आकृति सक्सेना, पीजीटी (पर्यटन) ने विद्यार्थियों को शिक्षा में पर्यटन विषय के महत्व को बताया। सृष्टि ने शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। इसके अलावा प्रद्युम्न, हर्ष, रोहित, युवराज, मनीष, अभिषेक, रौनक, रिदिमा, श्रेया एवं इशित ने विभिन्न प्रस्तुतियों में सहभागिता की। प्रस्तुतियों में देश के अलग-अलग क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं और कलात्मक विरासत की झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि भारत की सांस्कृतिक विविधता देश की ताकत है और यही विविधता देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती है। अंत में प्राचार्य रमेश चंद्र ने मुख्य अतिथि, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य रूप से माया प्रमोद, भाव्या शर्मा, एसएस अरोरा आदि उपस्थित थे।

 

ताज की छांव में सजेगी शादियों की नई तस्वीर

इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 का शुभारंभ, पर्यटन मंत्री बोले—यूपी में निवेशकों के लिए सकारात्मक माहौल, वेडिंग इंडस्ट्री के विकास में सरकार कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी

50 से अधिक स्टॉल पर दिखी वेडिंग इंडस्ट्री की दुनिया, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने सरकार से इंडस्ट्री के लिए 10 सदस्यीय समिति बनाने की मांग रखी

बाबा न्यूज़ 

आगरा। ताज की छांव में सोमवार को शादियों के कारोबार की नई संभावनाओं पर मंथन शुरू हुआ। होटल ताज में इंडियन वेडिंग इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव एंड एक्सपो-2026 के द्वितीय संस्करण का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने फीता काटकर किया। मंत्री ने एक्सपो में लगे 50 से अधिक स्टॉल का अवलोकन किया और वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से संवाद कर उनके कारोबार, उत्पादों और संभावनाओं की जानकारी ली।
कार्यक्रम में विधायक भगवान सिंह कुशवाह, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, कार्यक्रम संरक्षक सुनील अग्रवाल, वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
के संरक्षक राजेश गोयल, अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी, महासचिव संदीप उपाध्याय, संयुक्त आयुक्त उद्योग अनुज कुमार, दीप्ता गुप्ता उपस्थित रहे। बनारस के अस्सी घाट से आए मां आनंद भवन पाठशाला के 10 बालकों के दल ने आरती प्रस्तुत की।

सरकार कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ : जयवीर सिंह
कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। नई पर्यटन नीति, सुरक्षा, सुविधाओं, बेहतर कानून-व्यवस्था, कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए काम से निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन स्थलों का लगातार विकास हो रहा है और सरकार उद्योग, व्यापार तथा पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद होटल, रिसॉर्ट, हेरिटेज होटल, वेलनेस, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं। उत्तर प्रदेश में पर्यटन के लिए 12 प्रमुख पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं।
मंत्री ने पर्यटन नीति-2022 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र पर्यटन इकाइयों को निवेश की श्रेणी के अनुसार पूंजीगत सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। आधिकारिक नीति के अनुसार 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के पात्र निवेश पर 25 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान है। महिलाओं तथा एससी/एसटी उद्यमियों के लिए अतिरिक्त 5 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। विभिन्न प्रोत्साहनों की कुल सीमा नीति के अनुसार अधिकतम 30 प्रतिशत तक है।
जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक किलों, महलों, पुरानी रियासतों और हेरिटेज स्थलों में डेस्टिनेशन वेडिंग की व्यापक संभावनाएं हैं। राजस्थान की तर्ज पर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों को भी विवाह और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों से इन संभावनाओं में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, कनेक्टिविटी और पर्यटन सुविधाओं के विकास पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को भी निवेशकों को पर्यटन नीति के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि पर्यटन और वेडिंग इंडस्ट्री रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। एक पर्यटक के आने से करीब छह लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। इसी तरह एक शादी से वेडिंग प्लानर, कैटरर, होटल, हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ, फैशन डिजाइनर, फोटोग्राफर, कलाकार, मेकअप आर्टिस्ट, ज्वेलरी डिजाइनर, डेकोरेटर, फूल विक्रेता, लाइटिंग और इवेंट से जुड़े अनेक लोगों को काम मिलता है।

मनीष अग्रवाल रावी ने मांगी 10 सदस्यीय समिति
वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल रावी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि दो दिवसीय कॉनक्लेव में वेडिंग इंडस्ट्री के विभिन्न पहलुओं पर छह विशेष सत्रों में चर्चा हो रही है। उन्होंने पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री से वेडिंग इंडस्ट्री के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित करने की मांग रखी।
उन्होंने प्रस्ताव दिया कि समिति में पांच सदस्य सरकार की ओर से और पांच सदस्य वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। इससे उद्योग की समस्याओं, नीतिगत जरूरतों, नए अवसरों और विकास की संभावनाओं पर सरकार तथा इंडस्ट्री के बीच नियमित संवाद स्थापित हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि आगरा को सिटी ऑफ लव के साथ देश की प्रमुख वेडिंग सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण मंच है।

आगरा को वेडिंग सिटी बनाने पर मंथन
उद्घाटन के बाद ‘प्यार के शहर से शादी के शहर तक’ सत्र में मुख्य वक्ता बॉम्बे मेटल एक्सचेंज के अध्यक्ष सुनील कोठारी, ऋतुराज खन्ना, महावीर शर्मा, अरशद हुसैन, तरुण अग्रवाल और सूरज कटोच (दिल्ली) ने विचार रखे। मॉडरेटर संदीप उपाध्याय ने वक्ताओं से सवाल-जवाब के माध्यम से आगरा में वेडिंग इंडस्ट्री की संभावनाओं पर चर्चा की।

मिठाई की वैरायटी के साथ अब पैकेजिंग पर भी जोर
‘ए स्वीट अफेयर’ सत्र में मिठाइयों के बदलते स्वरूप और वेडिंग इंडस्ट्री में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई। सत्र का संचालन फिरोज हैदर नकवी ने किया। आंचल शेवानी, विनय नागपाल, तिमिर संगवी, दीप्ति गुप्ता, अमित गोयल, जय अग्रवाल और संदीप गोयल ने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि मिठाई के बिना भोजन और कोई भी दावत अधूरी मानी जाती है। समय के साथ मिठाइयों की दुनिया भी बदली है। कभी विवाह समारोहों में सीमित संख्या में पारंपरिक मिष्ठान चलते थे, वहीं अब 100 से अधिक वैरायटी उपलब्ध हैं। उन्होंने इवेंट प्लानरों से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया, जिससे नए प्रयोग और अधिक क्रिएटिविटी सामने आ सके। आज मिठाई की वैरायटी के साथ पैकेजिंग पर भी अधिक जोर है।

एकजुटता से वेडिंग इंडस्ट्री को मिलेगी नई ताकत
‘द पावर ऑफ यूनिटी’ सत्र में अरशद हुसैन ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई। प्रीति शर्मा, गुंजन सिंह शर्मा, बलराम, महावीर शर्मा, संजीव कपूर और संदीप उपाध्याय ने इंडस्ट्री में आपसी सहयोग, नेटवर्किंग और एकजुटता की जरूरत पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कारोबारी और सेवा प्रदाता एक मंच पर आकर काम करें तो ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के साथ उद्योग के लिए नए अवसर भी तैयार होंगे।

फूलों से आगे बढ़ी शादी की सजावट
‘बियोंड द फ्लॉवर्स’ सत्र में आधुनिक वेडिंग डेकोरेशन पर चर्चा हुई। सौरभ सिंघल, राहुल कुमार(दुबई), राजा ऋचा भदौरिया, पीयूष सिंघल, स्वप्निल, प्रांजल और कविशा सिंघल ने शादी की सजावट में बदलते ट्रेंड, डिजाइन, थीम और नए अनुभवों पर विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि आज शादी की सजावट केवल फूलों तक सीमित नहीं रह गई है। थीम आधारित डिजाइन, लाइटिंग, तकनीक, इंस्टॉलेशन और व्यक्तिगत पसंद के अनुरूप तैयार किए गए सेटअप ने वेडिंग डेकोरेशन को अलग स्तर पर पहुंचा दिया है।

रील से रियल बिजनेस तक पहुंची डिजिटल दुनिया
प्रथम दिन के अंतिम सत्र ‘फ्रॉम रील टू रियल लीड्स’ में डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया, एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बदलते वेडिंग बिजनेस पर चर्चा हुई। राहुल बसंत शर्मा और आशीष अरोड़ा ने विचार रखे, जबकि सत्र का संचालन मयंक गुप्ता ने किया।
आशीष अरोड़ा ने कहा कि सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि वेडिंग कारोबार के लिए संभावित ग्राहकों तक पहुंचने, ब्रांड पहचान बनाने और वास्तविक बिजनेस लीड हासिल करने का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन चुका है। डिजिटल कंटेंट, सोशल मीडिया और नई तकनीक का रणनीतिक इस्तेमाल वेडिंग कारोबार के विस्तार में अहम भूमिका निभा रहा है।

50 से अधिक स्टॉल पर वेडिंग इंडस्ट्री की पूरी दुनिया
एक्सपो में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें वेडिंग प्लानर, इवेंट्स, होटल, गिफ्ट आइटम, क्रॉकरी, फैशन, ड्राई फ्रूट, फोटोग्राफी, म्यूजिक, डेकोर, इत्र, एंटरटेनमेंट, बैंड, क्रूज और डीजे सहित वेडिंग से जुड़े विभिन्न उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित की गईं। विजिटर्स ने स्टॉल पर पहुंचकर नई सेवाओं, उत्पादों और शादी आयोजन के बदलते ट्रेंड की जानकारी ली।
दो दिवसीय आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से आए वेडिंग इंडस्ट्री, होटल, पर्यटन और इवेंट सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

शादियों में संस्कृति और विरासत के कलाकारों को मिले मंच : गीतिका गंजूधर
फिल्म अभिनेत्री गीतिका गंजूधर ने विशेष सत्र को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय शादियां केवल रस्मों और समारोहों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी हैं। आज वेडिंग इंडस्ट्री में नए प्रयोग हो रहे हैं, ऐसे में आयोजकों और इवेंट प्लानरों को चाहिए कि वे शादियों के मंच पर लोक कलाकारों, शास्त्रीय कलाकारों और हमारी हेरिटेज कला से जुड़े कलाकारों को भी अवसर दें।
उन्होंने कहा कि शादी समारोहों में पारंपरिक संगीत, लोकनृत्य, शास्त्रीय प्रस्तुतियां और स्थानीय कला को शामिल करने से आयोजन को अपनी अलग पहचान मिलती है। इससे एक ओर भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर वर्षों से अपनी कला को जीवित रख रहे कलाकारों को सम्मान और रोजगार का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि आगरा जैसे ऐतिहासिक शहर में वेडिंग इंडस्ट्री और हेरिटेज कलाकारों का यह जुड़ाव देश-विदेश से आने वाले मेहमानों के सामने भारतीय संस्कृति की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर सकता है।

श्याम बाबू गर्ग को लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026
कार्यक्रम में लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2026 से श्याम बाबू गर्ग जी कुंजामल एसोसिएट्स प्रदान किया गया। 1910 से अनवरत वेडिंग परम्परा के शताब्दी पुरुष माने जाने वाले श्याम बाबू वेडिंग उद्योग में 115 वर्षों की गौरवशाली परम्परा को जीवित रखते हुए पूर्वजों द्वारा 1910 में रोपे गए बीज को आज वटवृक्ष बना चुके हैं। 78 वर्ष की आयु में भी कर्मठता, ईमानदारी और समर्पण से इस उद्योग को सींच रहे हैं।
इसके अलावा सायंकाल सांस्कृतिक संध्या में सिंघल क्रिएशन, जीकेएस इवेंट्स, गोपाल दास पेठे वाले, आर इवेंट्स, नित्या वेडिंग, वेडिंग साथी, रिदम एंटरटेनमेंट, माना कैटर्स, एटीएच वेडिंग, की इवेंट्स, एसएनजे ग्रुप एंड रिजॉर्ट्स, डी ग्रांड मर्किस, राज देवम, वीजी क्राफ्ट, स्टार ड्रीम, मेवा बाइट, केएनसीसी, क्रिएटिव वेडिंग बाय सनी, देवीराम, एक्सपर्ट इवेंट्स को ऑल इंडिया आइकन अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया गया।

आगरा नरेश श्याम भक्त सेवा समिति ने लगाया रक्तदान शिविर


100 करीब मरीजों को मिला स्वास्थ्य परीक्षण, हुई नि:शुल्क जांच
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आगरा। आगरा नरेश श्याम भक्त सेवा समिति के सहयोग से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर एवं नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन खाटू श्याम मंदिर जीवनी मंडी में किया गया। शिविर की शुरूआत खाटू श्याम जी के चित्र के समक्ष समिति के अध्यक्ष अमन गर्ग, मोहित अग्रवाल संस्थापक ने दीप प्रवज्जलित कर की ।
अध्यक्ष अमन गर्ग सचिव गगन गर्ग ने बताया कि शिविर में रक्तदान के प्रति जागरूकता को देखते हुए पिछले वर्ष से अधिक दानदाताओ ने रक्तदान किया। शिविर में समर्पण ब्लड बैंक की टीम के सहयोग से 70 यूनिट रक्त संचय किया गया। शिविर में समर्पण ब्लड बैंक की टीम भी उपस्थित रही जिसमें डॉ सनी अग्रवाल नेत्र रोग विशेषज्ञ, सोना झा दंत रोग विशेषज्ञ, सौरव यादव फिजिशियन उपस्थित रहे इन्होंने शिविर में आए सभी मरीजों का परीक्षण किया। इस अवसर पर अमन गर्ग, नीरज गर्ग, सौरभ बंसल, सचिन अग्रवाल,यश अग्रवाल,विशाल विदाल, सौरभ अग्रवाल विष्णु अग्रवाल,आदि उपस्थित रहे।

वनवासी कल्याण आश्रम की 37 बालिकाओं ने लायंस क्लब प्रयास के साथ देखी हनुमान अंश

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आगरा। वनवासी कल्याण आश्रम, सेवा प्रकल्प संस्थान, गांधी नगर की 37 बालिकाओं के लिए रविवार को लायंस क्लब प्रयास की ओर से विशेष आउटिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान बालिकाओं को ह्यहनुमान अंशह्ण फिल्म दिखाई गई। फिल्म के माध्यम से बालिकाओं ने मनोरंजन के साथ सनातन धर्म, संस्कारों, भारतीय संस्कृति और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर प्राप्त किया।
फिल्म शुरू होते ही बालिकाओं में खासा उत्साह नजर आया। उन्होंने पूरे मनोयोग से फिल्म देखी और उसके विभिन्न प्रसंगों को रुचि के साथ समझा। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं को पढ़ाई और दैनिक दिनचर्या से अलग सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ना रहा।
लायंस क्लब प्रयास की अध्यक्ष गीतिका अग्रवाल ने कहा कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति, संस्कार और धार्मिक परंपराओं से परिचित कराना भी जरूरी है। ह्यहनुमान अंशह्ण जैसी फिल्में मनोरंजन के साथ बच्चों को भारतीय मूल्यों और भगवान हनुमान के आदर्शों से जोड़ने का माध्यम बनती हैं। बालिकाओं के चेहरों पर फिल्म देखते समय दिखाई दिया उत्साह ही इस आयोजन की सफलता है।
पूर्व अध्यक्ष आशु मित्तल ने कहा कि बच्चों के लिए ऐसी गतिविधियां उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। फिल्म के माध्यम से बालिकाओं को साहस, संस्कार, भक्ति और सेवा जैसे जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी क्लब की ओर से बालिकाओं के लिए इसी तरह के रचनात्मक और संस्कारपरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर शालू अग्रवाल, रुचि बागला, रुपाली अग्रवाल, नंदिनी अग्रवाल, अनु गोयल आदि मौजूद रहे।

आगरा में शिवहरे समाज के मेधावी बच्चों का सम्मान

आगरा। शिवहरे समाज एकता परिषद और शिवहरेवाणी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को शिवहरे समाज के मेधावी बच्चों का सम्मान किया गया। सदरभट्टी चौराहा स्थित दाऊजी मंदिर में हुए समारोह में कला-साहित्य, शिक्षा एवं सेवा के क्षेत्र में शानदार काम के लिए शिवहरे रत्न अवार्ड भी प्रदान किए गए।

झांसी से आए राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र शिवहरे के मुख्य आतिथ्य एवं एमएलसी विजय शिवहरे की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में भोपाल से आए ह्यजय महिष्मतीह्ण फिल्म के निमार्ता एल.एन. मालवीय और निर्देशक रामशंकर शिवहरे को ह्यशिवहरे कला-साहित्य रत्न अवार्डह्ण प्रदान किया गया। पिछले चार वर्षों से सामूहिक विवाह कराते आ रहे एवं अब तक करीब सौ कन्याओं का का विवाह करा चुके झांसी के नितेंद्र राय ह्यफौजीह्ण को ह्यशिवहरे सेवा रत्न सम्मानह्ण और उज्जैन के कल्याण शिवहरे को ह्यशिवहरे शिक्षा रत्न सम्मानह्ण प्रदान किया गया। भिंड की रुचि शिवहरे, आगरा के हर्षित शिवहरे एवं कनक शिवहरे को ह्यशिवहरे प्रतिभा सम्मानह्ण दिया गया। आगरा की डा. शिवा गुप्ता को ह्यशिवहरे गौरवह्ण से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विजनेश शिवहरे, अरविंद गुप्ता, केके शिवहरे, मनोज शिवहरे, कुलभूषण गुप्ता रामभाई, अविरल गुप्ता, सोम साहू, कविता गुप्ता, परिषद के अध्यक्ष डा. गौरव गुप्ता, महासचिव अंकुर गुप्ता, कोषाध्यक्ष हिमांशु शिवहरे, संगठन मंत्री पंकज शिवहरे, उपाध्याय एड.वरुण गुप्ता, विकास शिवहरे, नवीन शिवहरे, सुनील गुप्ता, अंकित गुप्ता, अमन गुप्ता, उदय गुप्ता, सचिन शिवहरे, मयंक गुप्ता, गौरव गुप्ता, कुशल गुप्ता,एड. गौरव शिवहरे , विवेक गुप्ता, सुगम शिवहरे व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

दान की राशि से जनसेवा का संकल्प, बालिका कॉलेज के दो कक्षों को मिला नया रूप

सिंगारी बाई बालिका इंटर कॉलेज के दो कक्षों का जीर्णोद्धार पूरा लोकार्पण की तैयारी; गढ़ी ईश्वरा में वानप्रस्थ आश्रम की दी गई जानकारी
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आगरा। श्री मन: कामेश्वर मठ मंदिर द्वारा धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ समाज हित एवं जनकल्याण के सेवा प्रकल्पों को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में बालूगंज स्थित सिंगारी बाई बालिका इंटर कॉलेज के जीर्णोद्धार के लिए मठ की ओर से दो कक्षाओं की मरम्मत का कार्य कराया गया है। दोनों कक्ष अब लोकार्पण के लिए तैयार हैं।
इसी संदर्भ में दिल्ली स्थित आवास पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी से श्री मन: कामेश्वर मठ मंदिर के श्री महंत योगेश पुरी एवं मठ मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने भेंट की। इस दौरान सिंगारी बाई बालिका इंटर कॉलेज, बालूगंज के जीर्णोद्धार कार्य को मूर्त रूप दिए जाने की जानकारी दी गई।
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि प्रधानाचार्य नीलम यादव द्वारा विद्यालय के जीर्णोद्धार के लिए आग्रह किया गया था। मठ की परंपरा और उद्देश्य के अनुरूप समाज हित में दान का अधिक से अधिक उपयोग जनकल्याण के कार्यों में हो, इसी भावना से दो कक्षाओं की मरम्मत की सेवा मठ द्वारा प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि मठ की गौशाला, विद्यालय, वानप्रस्थ वृद्धाश्रम सहित अन्य सेवा प्रकल्पों के अलावा जहां भी जनसेवा की आवश्यकता सामने आती है, वहां अपनी सामर्थ्य के अनुसार सेवा कार्य करने का प्रयास किया जाता है।

वानप्रस्थ आश्रम की संपूर्ण योजना से कराया अवगत
भेंट के दौरान मठ मंदिर द्वारा गढ़ी ईश्वरा, दिगनेर में बनवाए जा रहे वानप्रस्थ आश्रम की संपूर्ण जानकारी भी डॉ. कृष्ण गोपाल जी को दी गई। हरिहर पुरी ने बताया कि लगभग 10,000 स्क्वायर फीट क्षेत्र में तैयार किए जा रहे इस वानप्रस्थ आश्रम में जीवन की संध्याकाल में लोग हॉस्टल के रूप में प्रवास कर सकेंगे। यहां 13- 13 बेड के दो कमरे, दंपतियों के लिए तीन कमरे तथा व्यक्तिगत कक्षा में 11 लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई है।
आश्रम के प्रांगण के बीचो-बीच भगवान धन्वंतरि की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके अलावा किचन गार्डन, बाल विद्यालय, गौशाला, देवालय, यज्ञशाला आदि प्रकल्प भी विकसित किए जा रहे हैं। यहां प्रवास करने वाले लोग अपनी इच्छा एवं सामर्थ्य के अनुसार विभिन्न सेवा कार्यों में योगदान दे सकेंगे। यदि कोई व्यक्ति अथवा संस्था कोई अन्य सेवा प्रकल्प आरंभ करना चाहती है तो उसके लिए भी मठ मंदिर के द्वार खुले हैं।

सेवा और संस्कार के केंद्र बनें संस्थान
इस अवसर पर सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल जी ने कहा कि समाज में सेवा की भावना को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। शिक्षा, वृद्ध सेवा, गौसेवा और अन्य जनकल्याणकारी कार्य समाज को जोड़ने का माध्यम बनते हैं। उन्होंने सिंगारी बाई बालिका इंटर कॉलेज के जीर्णोद्धार कार्य के पूर्ण होने पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की बात कही।
भेंट के दौरान सुधीर यादव, सूर्यप्रताप सिंह (सूरज) एवं विजय गुप्ता उपस्थित रहे।

 

251 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

16 जिलों के गायत्री परिजन जुटे, 16 से 19 दिसंबर तक सेक्टर-11 मैदान में होगा भव्य महायज्ञ
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आगरा। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शान्तिकुंज के तत्त्वावधान में आगामी 16 से 19 दिसंबर तक आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-11 मैदान में आयोजित होने वाले 251 कुंडीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ की तैयारियों को लेकर रविवार को शास्त्रीपुरम स्थित गायत्री पब्लिक स्कूल के सभागार में महत्वपूर्ण व्यवस्था बैठक हुई। बैठक में आगरा सहित 16 जिलों के गायत्री परिजनों एवं कार्यकतार्ओं ने भाग लिया। इसमें कार्यकर्ता नियोजन, जिम्मेदारियों के वितरण और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यकर्ताओं के नियोजन और जिम्मेदारियों पर मंथन
बैठक की शुरूआत आंवलखेड़ा जोन के समन्वयक जगदीश कुशवाहा एवं उपजोन समन्वयक सुरेश यादव के मार्गदर्शन में हुई। इसके बाद जन्मभूमि आंवलखेड़ा के व्यवस्थापक जीतेंद्र द्विवेदी ने आगामी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कार्यकतार्ओं के कुशल नियोजन और जिम्मेदारियों के प्रभावी वितरण पर जोर देते हुए सभी व्यवस्थाओं को पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
अश्वमेध का रूप ले रहा है राष्ट्र शौर्य समृद्धि महायज्ञ
गोष्ठी को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए उत्तर जोन के प्रभारी श्री परमानंद द्विवेदी जी ने कहा कि यह हम सभी का परम सौभाग्य है कि आगरा की धरती पर 16 से 19 दिसंबर तक सेक्टर 11 मैदान, आवास विकास कॉलोनी में 251 कुण्डीय राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। यह भव्य महायज्ञ अब धीरे-धीरे ह्यअश्वमेध यज्ञह्ण का विराट रूप लेता जा रहा है। उन्होंने सभी परिजनों का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी क्षमता के अनुसार एक क्षेत्र या कुछ गाँवों को चुनकर उन्हें गायत्री-मय बनाने के लिए आज से ही जुट जाएं।
जाति-धर्म से ऊपर उठकर घर-घर दें आमंत्रण
परमानंद द्विवेदी जी ने साधक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मंत्र लेखन और मंत्र जप पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित कार्यकतार्ओं, युवाओं, वरिष्ठों और बहनों को प्रचार-प्रसार में जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि वे परम पूज्य गुरुदेव और वंदनीया माताजी के सच्चे प्रतिनिधि बनकर घर-घर जाएं। जाति, वंश, धर्म, संप्रदाय और लिंगभेद की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर समाज के हर वर्ग को इस महायज्ञ के लिए सादर आमंत्रित करें, क्योंकि ऋषि-युग्म (गुरुसत्ता) हमें कुछ न कुछ देने के लिए ही इस यज्ञ में बुला रहे हैं।
स्वस्तिवाचन मंत्र की व्याख्या और यज्ञ के लाभ
बैठक के दौरान उन्होंने ऊँ गणानां त्वा गणपतिं हवामहे… के संपूर्ण मंत्र का पाठ कर वैदिक स्वस्तिवाचन मंत्र की अत्यंत मार्मिक और विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति को समझदार, सुसंस्ड्डत और जागरूक बनाने के लिए गायत्री महामंत्र की परम आवश्यकता को रेखांकित किया। साथ ही, यज्ञ के माध्यम से होने वाले व्यक्तिगत, मानसिक, सामाजिक, पारिवारिक और वैश्विक हितों व लाभों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।
16 जिलों के कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प
बैठक के समापन पर उपस्थित सभी 16 जिलों के कार्यकर्ताओं ने आगामी दिसंबर में होने वाले इस राष्ट्र शौर्य समृद्धि गायत्री महायज्ञ को ऐतिहासिक और वैचारिक क्रांति का माध्यम बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इन्होनें संभाली व्यवस्थाएं
कार्यक्रम में जिला समन्वयक सुरेश चन्द्र सक्सेना, डॉ. रवि सोनी, अरविन्द श्रीवास्तव, गिरधर गोपाल, डॉ. अजय यादव, शिवांक उपाध्याय, सुधीर शर्मा, उमेश कुशवाह, गौरीश सक्सेना, पूजा तिवारी सहित अन्य युवाओं ने व्यवस्था संभाली।

सुन ले ओ सांवरिया, मुझे तेरा ही सहारा है … पर झूमे सांवरिया भक्त

 

श्री सांवरिया सेठ सेवा समिति ट्रस्ट के परिचय सम्मेलन में सजी भजन संध्या,
अखंड ज्योति के समक्ष भक्तों ने लगाई हाजिरी, दाल-बाटी महाप्रसाद में उमड़ा उत्साह
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आगरा। श्री सांवरिया सेठ सेवा समिति ट्रस्ट (रजि.) की ओर से रविवार को जीवनी मंडी स्थित खाटू श्याम जी मंदिर (एसी हॉल) में परिचय सम्मेलन, ह्यएक शाम सांवरिया सेठ जी के नामह्ण भजन संध्या एवं दाल-बाटी महाप्रसाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखंड ज्योति के समक्ष भव्य दरबार सजाया गया। सांवरिया सेठ के जयकारों और भजनों से मंदिर परिसर देर रात तक भक्तिमय बना रहा।
भजन संध्या में कलाकार विकास वर्मा, प्रीति शर्मा और सूर्यांश गहलोत ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। जैसे ही भजन ह्यमेरा बंगला, मेरी गाड़ी, सब कुछ है तेरा सरकार, मेरा तो कुछ भी नहीं… की स्वर लहरियां गूंजीं, भक्तों ने हाथ उठाकर सांवरिया सेठ के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
इसके बाद सांवरिया है सेठ, मेरी राधा जी सेठानी है… और ह्यसुन ले ओ सांवरिया, मुझे तेरा ही सहारा है… जैसे भजनों पर भक्त झूम उठे। ह्यसांवरिया ले चल पल्ली पार… और सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया… ने वातावरण को और अधिक भावपूर्ण बना दिया।
भजन संध्या का विशेष आकर्षण रहा मन चल वृंदावन… भजन। इसकी धुन पर सांवरिया भक्त देर तक झूमते रहे और पूरा मंदिर परिसर जय श्री श्याम के जयघोष से गूंज उठा। भजनों के बीच भक्तों ने सांवरिया सेठ के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की मंगलकामना की।
संस्थापक विकास मित्तल ने बताया कि सांवरिया सेठ की भक्ति मन को जोड़ने और परिवारों को एक सूत्र में बांधने वाली है। संस्था की स्थापना के साथ परिचय सम्मेलन का उद्देश्य भी यही है कि समिति के परिवार एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनें और सेवा एवं भक्ति की भावना को आगे बढ़ाएं।
अध्यक्ष सियाराम पवन कुमार ने कहा कि एक शाम सांवरिया सेठ जी के नाम केवल भजन संध्या नहीं, बल्कि भक्तों के आपसी स्नेह और सामाजिक एकता का उत्सव है।
महामंत्री नीरज वर्मा ने बताया कि समिति आगामी समय में धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों को भी विस्तार देगी। इसके तहत निर्धन एवं जरूरतमंद कन्याओं के विवाह, जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सांवरिया सेठ की भक्ति तभी सार्थक है, जब उसके साथ सेवा की भावना भी जुड़ी हो।
कार्यवाहक अध्यक्ष अविनाश राणा ने कहा कि सांवरिया सेठ के दरबार में आने वाला हर भक्त अपनेपन का अनुभव करता है। भजन, दर्शन और महाप्रसाद के इस आयोजन का उद्देश्य भक्तों को एक साथ जोड़ना और उनमें सेवा व भक्ति की भावना को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में समिति के पारिवारिक सदस्यों एवं अतिथियों के लिए परिचय सम्मेलन भी आयोजित किया गया। सम्मेलन के माध्यम से सदस्यों ने एक-दूसरे से परिचय प्राप्त किया और सामाजिक एवं पारिवारिक जुड़ाव को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने दाल-बाटी महाप्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर समिति के संस्थापक विकास मित्तल, अध्यक्ष सियाराम पवन कुमार, कार्यवाहक अध्यक्ष अविनाश राणा, महामंत्री नीरज वर्मा, कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता, सह कोषाध्यक्ष वाईपी गुप्ता, संरक्षक मोहन गर्ग, अभय गुप्ता, आशीष सक्सेना, उपाध्यक्ष रीतेश गुप्ता, अतुल अग्रवाल, संजीव गुप्ता, मंत्री अमित अग्रवाल, सौरभ अग्रवाल, उमेश यादव, डिंपू चौधरी आदि उपस्थित रहे।