आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित आवास पर प्रदर्शन व कालिख पोतने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने इस मामले में दो कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त के पिता ने कहा है कि अगर किसी को प्रदर्शन करना है तो वो दिल्ली में करें। ये था पूरा मामला
आगरा में सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उनके विजय नगर स्थित पैतृक आवास के बाहर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान घर की दीवार और मुख्य गेट पर कालिख पोत दी। स्प्रे से ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ लिखा। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव के घर की दीवार पर कालिख पोतने की बात सामने आई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं। प्रदर्शन में मुकेश धनगर, शाहबाज और उमेश शर्मा समेत कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया
मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास पर कालिख पोतने के बाद पुलिस हरकत में आई। घर पर पुलिस तैनात की गई। इसके बाद हरीपर्वत थाने में अनिल यादव प्रदेश महासचिव (संगठन) आजमगढ़ एवं मुकेश धनगर, जिलाध्यक्ष कांग्रेस मथुरा तथा उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि दिल्ली की ओर भागने का प्रयास कर रहे अनिल यादव एवं मुकेश धनगर को पुलिस टीम द्वारा पीछा कर उन्हें गाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया गया है।अनिल यादव विगत विधानसभा चुनाव में निजामाबाद आजमगढ़ से कांग्रेस के प्रत्याशी थे तथा मुकेश धनगर विगत लोकसभा चुनाव में मथुरा से कांग्रेस के प्रत्याशी थे। पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया है कि आगरा के बाद वे दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय जा रहे थे।
पिता बोले- यहां प्रदर्शन का क्या औचित्य
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पिता डॉ सुबोध कुमार ने कहा कि जब लोग उनके घर आए थे, तब वह वहां मौजूद नहीं थे। बाद में उन्हें पता चला कि कुछ लोग उनके घर आकर उल्टा-सीधा कर गए। उन्हें बताया गया है कि वे लोग कांग्रेस से जुड़े थे, हालांकि उन्हें उनके नाम की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा- मेरे घर आने का उनका कोई औचित्य नहीं था। अगर उन्हें मेरे बेटे से नाराजगी है, तो वे उसके प्रति अपना विरोध जताएं। मैंने उनके खिलाफ न तो कुछ कहा है। न ही कुछ किया है। फिर मेरे प्रति ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है?