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कौशांबी में बस से उतरते ही दिव्यांग की मौत:प्रमाणपत्र बनवाकर लौट रहे थे घर, हार्ट अटैक की आशंका

कौशांबी के सैनी चौराहे पर सोमवार शाम करीब 5 बजे एक व्यक्ति की रोडवेज बस से उतरते ही तबीयत बिगड़ गई। वह सड़क पर गिर पड़े। पुलिस ने उन्हें सिराथू अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान फतेहपुर जिले के बमरौली गांव निवासी 50 वर्षीय इंद्रपाल पुत्र बाबूलाल के रूप में हुई। वह दिव्यांग थे और फतेहपुर सीएमओ कार्यालय में अपना दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने गए थे। प्रक्रिया पूरी कर वह बस से घर लौट रहे थे। सैनी चौराहे पर बस से उतरने के बाद उनकी तबीयत अचानक खराब हुई। सैनी थाना प्रभारी त्रिलोकीनाथ पांडेय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में मौत की वजह दिल का दौरा पड़ना बताई जा रही है। हालांकि, असली वजह जांच के बाद ही साफ हो पाएगी। पुलिस ने इंद्रपाल के परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव देखते ही परिवार में मातम छा गया।

सवाल उठाने से पहले तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस:हरदोई जिपं अध्यक्ष बोलीं- राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप न लगाएं

हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने सोमवार शाम 5 बजे निर्वाचन आयोग के हालिया स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। ऐसे में राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों को स्वीकार किया जाना चाहिए। प्रेमावती ने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू तथा विवेक जोशी की बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित प्रमुख निर्णयों को आयोग की सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न चरणों और राज्यों की समय-सारिणी से जुड़े फैसलों पर भी आयोग की सहमति थी। कैबिनेट सचिव को पत्र पर भी रखी बात कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर प्रेमावती ने कहा कि विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की। उनके मुताबिक, निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण के अनुसार यह पत्र किसी नीति या आईटी प्रभाग से संबंधित नहीं था। उन्होंने कहा कि यह प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक विषय था और इसका SIR से कोई संबंध नहीं था। फॉर्म-6 को लेकर विपक्ष के दावों पर सवाल प्रेमावती ने फॉर्म-6 को लेकर विपक्ष की ओर से किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत जानकारी के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने संबंधित घोषणा-पत्र को वैध माना है। गैर-SIR अवधि में पंजीकरण के लिए पूर्व निर्धारित फॉर्म ही लागू है। ऐसे में प्रक्रिया में बदलाव किए जाने का दावा सही नहीं है। बोलीं- सवाल उठाएं, लेकिन प्रमाण के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन आरोप तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के पूर्व में ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया। संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील प्रेमावती ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपने आरोपों पर पुनर्विचार करने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की।

CEC के आवास पर कालिख पोतने वाले दो गिरफ्तार:पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, पिता बोले-यहां प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं

आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विजय नगर स्थित आवास पर प्रदर्शन व कालिख पोतने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने इस मामले में दो कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त के पिता ने कहा है कि अगर किसी को प्रदर्शन करना है तो वो दिल्ली में करें। ये था पूरा मामला
आगरा में सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उनके विजय नगर स्थित पैतृक आवास के बाहर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान घर की दीवार और मुख्य गेट पर कालिख पोत दी। स्प्रे से ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ लिखा। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश संगठन महासचिव अनिल यादव के घर की दीवार पर कालिख पोतने की बात सामने आई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं। प्रदर्शन में मुकेश धनगर, शाहबाज और उमेश शर्मा समेत कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने दो को गिरफ्तार किया
मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास पर कालिख पोतने के बाद पुलिस हरकत में आई। घर पर पुलिस तैनात की गई। इसके बाद हरीपर्वत थाने में अनिल यादव प्रदेश महासचिव (संगठन) आजमगढ़ एवं मुकेश धनगर, जिलाध्यक्ष कांग्रेस मथुरा तथा उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने बताया कि दिल्ली की ओर भागने का प्रयास कर रहे अनिल यादव एवं मुकेश धनगर को पुलिस टीम द्वारा पीछा कर उन्हें गाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया गया है।अनिल यादव विगत विधानसभा चुनाव में निजामाबाद आजमगढ़ से कांग्रेस के प्रत्याशी थे तथा मुकेश धनगर विगत लोकसभा चुनाव में मथुरा से कांग्रेस के प्रत्याशी थे। पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया है कि आगरा के बाद वे दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय जा रहे थे।
पिता बोले- यहां प्रदर्शन का क्या औचित्य
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पिता डॉ सुबोध कुमार ने कहा कि जब लोग उनके घर आए थे, तब वह वहां मौजूद नहीं थे। बाद में उन्हें पता चला कि कुछ लोग उनके घर आकर उल्टा-सीधा कर गए। उन्हें बताया गया है कि वे लोग कांग्रेस से जुड़े थे, हालांकि उन्हें उनके नाम की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा- मेरे घर आने का उनका कोई औचित्य नहीं था। अगर उन्हें मेरे बेटे से नाराजगी है, तो वे उसके प्रति अपना विरोध जताएं। मैंने उनके खिलाफ न तो कुछ कहा है। न ही कुछ किया है। फिर मेरे प्रति ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है?

मंत्री से की नए गंगा पुल को जोड़ने की मांग:पश्चिमी गंगाघाट तक रैंप बनाने और बाढ़ से स्थायी राहत दिलाने का मुद्दा उठाया

निर्माणाधीन नवीन गंगा पुल का लाभ पश्चिमी गंगाघाट की बड़ी आबादी तक पहुंचाने और शहर को हर साल आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत दिलाने की मांग तेज हो गई है। पूर्व नौसैनिक एवं संदेश फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पाण्डेय ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात कर दोनों समस्याओं को लेकर पत्र सौंपा। उन्होंने नवीन गंगा पुल से पश्चिमी गंगाघाट की ओर रैंप/एप्रोच मार्ग बनवाने के साथ ही बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कराने की मांग रखी। संदीप पाण्डेय ने मंत्री को दिए पत्र में बताया कि पश्चिमी गंगाघाट के चार वार्डों में करीब 50 हजार की आबादी निवास करती है। क्षेत्र के लोगों के आवागमन में रेलवे क्रॉसिंग पहले से बड़ी बाधा बनी हुई है। ऐसे में निर्माणाधीन नवीन गंगा पुल यदि रेलवे क्रॉसिंग को पार करते हुए आगे निकल जाता है और पश्चिमी गंगाघाट की ओर उतरने के लिए रैंप या एप्रोच मार्ग की व्यवस्था नहीं की जाती है तो क्षेत्र की बड़ी आबादी को पुल का अपेक्षित सीधा लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्होंने मांग की कि पुल निर्माण पूरा होने के बाद बदलाव करने के बजाय अभी निर्माण के दौरान ही तकनीकी सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर पश्चिमी गंगाघाट की आबादी को जोड़ने वाले रैंप/एप्रोच मार्ग का प्रावधान किया जाए, जिससे लोगों को पुल तक सुगम पहुंच मिल सके। हर साल बाढ़, स्थायी समाधान की मांग उन्होंने गंगाघाट में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ का मुद्दा भी मंत्री के सामने रखा। उनका कहना है कि बारिश और गंगा के जलस्तर बढ़ने के दौरान तटवर्ती इलाकों के लोगों को जलभराव और बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। हर वर्ष राहत और बचाव के इंतजाम करने के बजाय समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तकनीकी सर्वे कराकर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने, आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराने और जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। क्षेत्र के भविष्य से जुड़े दोनों मुद्दे
संदीप पाण्डेय ने कहा कि नवीन गंगा पुल का लाभ पश्चिमी गंगाघाट की आबादी तक पहुंचाना और नगर को प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत दिलाना क्षेत्र के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने दोनों मांगों को लेकर संबंधित स्तर पर लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही।

सैफई में पिकअप ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा:नाबालिग समेत दोनों की मौके पर मौत, चालक वाहन लेकर भागा

इटावा के सैफई थाना से करीब 100 मीटर दूर सोमवार शाम करीब 4:30 बजे तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवार एक किशोर एक युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद पिकअप चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सैफई क्षेत्र के मुचेहरा गांव निवासी विशेष उर्फ पप्पू कठेरिया 16 पुत्र दिलीप कुमार और उस्मान 18 पुत्र बाबू खान बाइक से जा रहे थे। दोनों करहल की तरफ से आ रहे थे। इसी दौरान इटावा की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। सड़क पर गिरकर दोनों हुए गंभीर घायल पिकअप की टक्कर लगने के बाद दोनों युवक बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरे। दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। हादसा इतना जोरदार था कि दोनों युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद जुटी लोगों की भीड़ हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र राठी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के शवगृह में रखवाया। परिजन पहुंचे तो मचा कोहराम हादसे की जानकारी मिलने पर दोनों मृतकों के परिवार और परिजन भी मौके पर पहुंच गए। युवकों की मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस फरार पिकअप चालक और वाहन की तलाश में जुटी है।