गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण का अखिलेश यादव पर हमला:बागपत में बोले- मुगल शासकों की तरह पिता से छीनी पार्टी की कमान
उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बागपत में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव की तुलना मुगल शासकों से करते हुए कई राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष को घेरा और 2027 में भाजपा की वापसी का दावा किया। बुधवार को बागपत के बड़ागांव स्थित तपस्वी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि जिस तरह मुगल शासक अपने पिता को हटाकर सत्ता पर बैठते थे, उसी तरह अखिलेश यादव भी अपने जीवित पिता से पार्टी की कमान लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष बने। मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने अपने पिता से ही पार्टी का नेतृत्व अपने हाथ में ले लिया था। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। माहौल खराब करने की कोशिश की जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को देखते हुए प्रधानमंत्री ने आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व शामिल हो गए थे, जिन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कोई भी संस्कारी छात्र या युवा अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं कर सकता। इथेनॉल नीति पर बोलते हुए मंत्री ने इसे ऊर्जा संकट से निपटने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने दावा किया कि इथेनॉल के बढ़ते उपयोग से गन्ना किसानों को बेहतर भुगतान मिल रहा है। उनके अनुसार, विपक्ष इस नीति का विरोध कर किसानों के हितों के खिलाफ काम कर रहा है और देश की छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भारत हथियारों और कृषि उपकरणों के पुर्जों का आयात करता था, जबकि अब देश हथियारों का निर्यात कर रहा है और विमान निर्माण के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। गन्ना मंत्री ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार की वापसी का दावा करते हुए कहा कि पार्टी 300 से अधिक सीटें जीतकर फिर सरकार बनाएगी। उल्लेखनीय है कि लक्ष्मी नारायण चौधरी पिछले लगभग 30 वर्षों से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़ागांव स्थित तपस्वी आश्रम पहुंचकर पूजा-अर्चना करते रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। मंत्री के बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

