शिक्षक, छात्र-छात्राएं प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं: प्रो.सीके गौतम


विश्व पर्यावरण दिवस पर आगरा कॉलेज में विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया
बाबा न्यूज
आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आगरा कॉलेज, आगरा में संस्थान नवाचार परिषद (IIC) एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से विविध जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में एक विशेष “सिग्नेचर वॉल” स्थापित की गई, जिस पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम, उप-प्राचार्य प्रो. पी. बी. झा, शिक्षकगण, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। यह सिग्नेचर वॉल प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक जागरूकता एवं उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक बनी।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं द्वारा सीड बॉल (Seed Ball) निर्माण गतिविधि का आयोजन किया गया। इस अभिनव गतिविधि के माध्यम से हरित क्षेत्र में वृद्धि, जैव विविधता संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन का संदेश दिया गया। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा स्वच्छता अभियान चलाकर परिसर की व्यापक सफाई की गई। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण का संदेश समाज तक पहुंचाया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम एवं उप-प्राचार्य प्रो. पी. बी. झा ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों से प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान नवाचार परिषद (IIC) के संकाय एवं छात्र सदस्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) समिति के कार्यक्रम अधिकारियों, स्वयंसेवकों एवं छात्र-छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी का परिचय दिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना तथा समाज को स्वच्छ, हरित एवं सतत् विकास की दिशा में प्रेरित करना था।

