CSJMU स्कूल ऑफ लैंग्वेजेस में सीटें बचीं सीमित:स्नातक, परास्नातक कोर्स में सीधे कैंपस पहुंच कर लें दाखिला
अगर आप छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) से भाषा की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो यह आपके लिए आखिरी और बेहतरीन मौका है। विश्वविद्यालय के ‘स्कूल ऑफ लैंग्वेजेस’ ने नए शैक्षणिक सत्र (2026-27) के लिए ग्रेजुएशन (BA) और पोस्ट ग्रेजुएशन (MA) कोर्सेज में एडमिशन के अंतिम चरण का ऐलान कर दिया है। विभाग में अब नाममात्र की सीटें बची हैं। ऐसे में जो छात्र दाखिला लेना चाहते हैं, वे बिना समय गंवाए सीधे यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचकर अपनी सीट पक्की कर सकते हैं। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा दाखिला स्कूल ऑफ़ लैंग्वेजेज के निदेशक डॉ. सर्वेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि विभाग में सीटें बेहद सीमित बची हैं। इसे देखते हुए इस बार भाषा संकाय में ‘पहले आओ-पहले पाओ’ (First Come, First Served) की नीति लागू की गई है। एडमिशन के इच्छुक छात्र-छात्राएं किसी भी वर्किंग डे में सीधे यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित ‘स्कूल ऑफ लैंग्वेजेस’ विभाग में आ सकते हैं। यहाँ वे सीधे अपनी काउंसलिंग करवाकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद अपनी सीट सुरक्षित कर सकते हैं। इन कोर्सेज में ले सकते हैं एडमिशन यूनिवर्सिटी के भाषा संकाय में फिलहाल कई मुख्य पाठ्यक्रमों के लिए एडमिशन विंडो खुली हुई है। छात्र पोस्ट ग्रेजुएशन (MA) में हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत विषय चुन सकते हैं। वहीं ग्रेजुएशन (BA) में छात्रों के पास BA ऑनर्स (हिंदी, अंग्रेजी) और BA कॉम्बिनेशन के तहत हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत के साथ अन्य ह्यूमैनिटीज के विषय चुनने का विकल्प है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए फ्रेंच और जर्मन जैसी विदेशी भाषाओं के डिप्लोमा कोर्सेज भी उपलब्ध हैं। करियर के खुलेंगे ढेरों विकल्प ‘स्कूल ऑफ लैंग्वेजेस’ छात्रों को किताबी ज्ञान देने के साथ-साथ भाषा विज्ञान और साहित्य के व्यावहारिक पक्षों को भी सिखाता है। आज के दौर में भाषाई एक्सपर्ट्स की मांग तेजी से बढ़ी है। यहाँ से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्र टीचिंग, मीडिया, ट्रांसलेशन, कंटेंट राइटिंग और सिविल सर्विसेज जैसे बड़े क्षेत्रों में अपना शानदार करियर बना रहे हैं। आधुनिक कैंपस और बेहतरीन शैक्षणिक माहौल की वजह से छात्रों के पास भाषा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का यह एक बड़ा अवसर है। छात्रों के लिए जरूरी सलाह
चूंकि सीटें बहुत कम बची हैं, इसलिए देरी करने पर मौका हाथ से निकल सकता है। छात्र अपने सभी जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज जैसे मार्कशीट, सर्टिफिकेट और आईडी प्रूफ लेकर सीधे विभाग से संपर्क करें, ताकि समय पर काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके और एडमिशन में कोई बाधा न आए।

