राज्य महिला आयोग सदस्य ने फतेहपुर डीपीओ पर लगाए आरोप:बोलीं- पीड़िताओं को नहीं मिल पा रहा न्याय, प्रमुख सचिव से करेंगी शिकायत
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति ने फतेहपुर के दो दिवसीय दौरे के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) ऋषान्त कुमार श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाए। बुधवार दोपहर ढाई बजे सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा, डीपीओ के असहयोग के कारण पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब इस मामले की शिकायत प्रमुख सचिव से की जाएगी। प्रोटोकॉल जारी न होने से प्रभावित हुई जनसुनवाई अंजू प्रजापति ने बताया कि वह मंगलवार को फतेहपुर पहुंची थीं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के चलते 25 जुलाई की प्रस्तावित जनसुनवाई को 28 और 29 जुलाई के लिए निर्धारित किया गया था। उनका आरोप है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय की ओर से न तो कोई प्रोटोकॉल जारी किया गया और न ही आयोग से भेजी गई पीड़ितों की सूची के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की गई, जिससे जनसुनवाई प्रभावित हुई। जनचौपाल भी नहीं हो सकी उन्होंने बताया कि बुधवार को हथगाम थाने में जनचौपाल आयोजित होनी थी, लेकिन प्रोबेशन विभाग के सहयोग के अभाव में कार्यक्रम नहीं हो सका। जनसुनवाई में कुल पांच मामले आए, जिनमें चार मामलों को संबंधित थानों को भेज दिया गया, जबकि एक मामले का मौके पर ही निस्तारण किया गया। वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्था पर भी सवाल आयोग सदस्य ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि वन स्टॉप सेंटर को उपलब्ध कराई गई सरकारी गाड़ी का उपयोग कहां हो रहा है, इसकी जानकारी विभाग के पास भी नहीं थी। डीपीओ की अनुपस्थिति के कारण इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि सेंटर में 12 कर्मियों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में केवल 9 की तैनाती है। इनमें भी 6 कर्मचारी ही कार्यरत हैं और 2 को अन्य स्थानों पर संबद्ध कर दिया गया है, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। पहले भी उठाया था मुद्दा अंजू प्रजापति ने बताया कि 17 जून को विजयपुर ब्लॉक में आयोजित जनसुनवाई में भी डीपीओ उपस्थित नहीं हुए थे। उस समय उन्होंने बांदा जिले का अतिरिक्त प्रभार होने का कारण बताया था। इस मामले में उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसकी लिखित शिकायत पहले ही निदेशालय में की जा चुकी है। प्रमुख सचिव से करेंगी शिकायत आयोग सदस्य का आरोप है कि शिकायत किए जाने के बाद भी उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जुलाई के दो दिवसीय कार्यक्रम में भी डीपीओ अनुपस्थित रहे। ऐसे में अब पूरे मामले की शिकायत प्रमुख सचिव से की जाएगी, ताकि जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

