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हरदोई पहुंचे अपर मुख्य सचिव अमित घोष:बोले- अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज की कमी नहीं हो

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित घोष रविवार शाम करीब 5 बजे हरदोई पहुंचे। उन्होंने स्वशासी मेडिकल कॉलेज के गौरीडांडा, सीतापुर रोड कैंपस में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की। इस दौरान जिले में संचालित स्वास्थ्य योजनाओं और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को लेकर प्रेजेंटेशन दिया गया। अमित घोष ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑनलाइन चिकित्सीय सेवाएं तत्काल सुचारू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पैकेट के साथ मेडिकल किट भी दें जिले में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अपर मुख्य सचिव ने प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को वितरित किए जा रहे राहत पैकेट के साथ मेडिकल किट भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को किसी भी तरह की स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा। एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज का पर्याप्त स्टॉक रखें अमित घोष ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने दवाओं के स्टॉक और उपलब्धता की नियमित निगरानी करने को कहा। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि दवाओं की उपलब्धता में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फ्लू के मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश बैठक में स्वाइन फ्लू और अन्य फ्लू संबंधी तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि फ्लू के मामलों को हल्के में न लिया जाए। मरीजों में लक्षण मिलने पर उनकी पूरी जांच कराकर आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाए। क्रिटिकल केयर यूनिट और वेंटिलेटर हमेशा तैयार रहें मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अमित घोष ने कहा कि क्रिटिकल केयर यूनिट और वेंटिलेटर हर समय चालू हालत में रहने चाहिए। गंभीर मरीजों को किसी भी स्थिति में आपातकालीन उपचार के लिए इंतजार न करना पड़े। एमबीबीएस छात्रों से किया संवाद बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है। ऐसे में छात्रों को पढ़ाई के साथ नई तकनीक और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे बदलावों का ज्ञान भी हासिल करते रहना चाहिए। वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यक्रम में भी हुए शामिल अमित घोष वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भी शामिल हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज के अधिकारी मौजूद रहे।

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