यूनेस्को की पहल से ताजगंज की सांस्कृतिक विरासत को मिला नया मंच

 

डीआईवाई किट के जरिए बच्चों तक पहुंचेगी ताजगंज की सांस्कृतिक कहानी
बाबा न्यूज
आगरा। यूनेस्को की ओर से संस्कृति और कला शिक्षा सप्ताह 2026 के अंतर्गत दो दिवसीय कार्यक्रम ताजमहल से ताजगंज तक, जीवंत विरासत के माध्यम से एक कबूतर की यात्रा कार्यक्रम की शुरूआत बाग फरजाना स्थित संस्कृति भवन में किया। शुभारम्भ महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, मंडलीय वन अधिकारी (डीएफओ) राजेश कुमार, नगर निगम के पर्यावरण अधिकारी पंकज भूषण, अधीक्षक पुरातत्वविद् (एएसआई) डॉ. स्मिता एस कुमार, हस्तशिल्प संवर्धन अधिकारी रामजी त्रिपाठी, प्रील्यूड स्कुल प्रधानाचार्य सीमा सहजपाल, एक पहल संस्था संस्थापक मनीष राय और आहार विशेषज्ञ डॉ. रेनुका डंग ने दीप प्रवज्जलित कर किया।

महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने कहा कि मैं दो साल पहले यूनेस्को से जुडी और बहुत कुछ सीखा और जाना की पीढ़ियों दर पीढ़ी को अपने इतिहास की जानकारी नहीं। यूनेस्को ताजगंज के बच्चो को उनकी परम्परा की कला से परिचय करा रही और आगे ला रही है। यूनेस्को अपनी परियोजना ‘विश्व विरासत, सतत विकास और स्थानीय समुदाय’ में आगरा के ताजगंज क्षेत्र में काम कर रहा है।

यूनेस्को दक्षिण एशिया से प्रतिनिधि स्नेहा बोरेटे ने बताया कि बच्चों, शिक्षकों, कारीगरों, समुदाय के प्रतिनिधियों, स्थानीय अधिकारियों और सांस्कृतिक जानकारों को एक साथ लाकर विरासत व संस्कृति पर आधारित सीखने और सामुदायिक जुड़ाव को बढ़ावा दिया गया। संस्कृति और कला शिक्षा सप्ताह, शिक्षा में संस्कृति, रचनात्मकता और विरासत की महत्वपूर्ण भूमिका पर बच्चों और युवाओं को उनके समुदायों, पहचान और जीवन के अनुभवों से परिचय कराया।

यूनेस्को प्रोजेक्ट प्रभारी शांतनु जादौन ने बताया कि विरासत का मतलब केवल अतीत को संरक्षित करना नहीं है, बल्कि वर्तमान में समुदायों को सशक्त बनाना और एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करना भी है। परियोजना ताजगंज के पत्थर जड़ाई (पच्चीकारी) कारीगरों को उनकी आजीविका, कौशल और बाजार तक पहुँच बढ़ाकर सशक्त बनाने पर केंद्रित है। यूनेस्को दक्षिण एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख निदेशक टिम कर्टिस ने वर्चुअल रूप से जुड़ते हुए बच्चों को उनके सांस्कृतिक परिवेश से जोड़ने के लिए आसपास मौजूद जीवंत परंपराओं और समुदायों के आपसी संबंधों पर विशेष जोर दिया।
ताजमहल से ताजगंज तक डीआईवाई. किट का हुआ विमोचन
एक पहल संस्था अध्यक्ष डॉ. ईभा गर्ग ने बताया कि ताजगंज क्षेत्र में एक पहल कि टीम के सहयोग से अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में तैयार की डीआईवाई किट का विमोचन किया गया। डीआईवाई. किट में बच्चों को ताजगंज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से बच्चों को ताज गंज की जीवंत विरासत से परिचित कराती है। रविवार को दयालबाग स्थित एक पहल पाठशाला में सरकारी, गैर-सरकारी विद्यालय के लगभग पचास शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। कार्यक्रम में ताजगंज के पच्चीकारी के कारीगरों ने अपने अनुभवों को मंच से साझा किया। इस अवसर पर अंकित खंडेलवाल, मानस राय, नवीन कुमार, अश्लेष मित्तल, सुरभि कुमारी आदि मौजूद रहे।

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