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महा प्रसादी और ब्रज के रास के साथ 18 वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन

 

महाप्रसादी और ब्रज की रास से गूंजा महालक्ष्मी मंदिर, भक्ति के रंग में हुआ श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन
मां महालक्ष्मी की आरती से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ, 7000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की महाप्रसादी

बाबा न्यूज़ 

आगरा। यमुना मैया के पावन तट पर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शनिवार को भक्ति, सेवा और ब्रज संस्कृति के मनोहारी संगम के साथ समापन हुआ। पांच दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित महा प्रसादी एवं सांस्कृतिक संध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। ब्रज के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण की रासलीला ने वातावरण को ब्रजधाम की अनुभूति से भर दिया।
समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा श्री देवी जी ट्रस्ट के राम मोहन कपूर, सतीश गोपाल कपूर, कपिल कपूर एवं तुषार कपूर ने मां महालक्ष्मी की आरती कर किया। आरती के दौरान मंदिर परिसर मां महालक्ष्मी के जयकारों से गूंज उठा।
समापन अवसर पर आयोजित विशाल महा प्रसादी में 7000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई।
महा प्रसादी की विशाल व्यवस्था को सुचारु रूप देने के लिए दर्जनों रोटी बनाने की मशीनें लगातार संचालित रहीं। सैकड़ों कार्यकर्ता सेवा भाव से भोजन तैयार करने, परोसने और श्रद्धालुओं तक प्रसाद पहुंचाने में जुटे रहे। प्रसाद में श्रद्धालुओं की पसंद और स्वाद का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि हर भक्त मां महालक्ष्मी के आशीर्वाद के साथ प्रेम और संतोष से महाप्रसादी ग्रहण कर सके।

ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण की रास से बांधा समां
महा प्रसादी के साथ आयोजित सांस्कृतिक संध्या में ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण की मनोहारी रास प्रस्तुत की। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और ब्रज की भक्ति परंपरा को कलाकारों ने नृत्य, संगीत और अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया।
मंच पर राधा-कृष्ण के स्वरूपों के आते ही श्रद्धालुओं में उत्साह छा गया। मुरली की धुन, ब्रज के लोक संगीत और कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के बीच पूरा मंदिर परिसर मानो ब्रजधाम में परिवर्तित हो गया।

पांच दिनों तक चला भक्ति और संस्कृति का उत्सव
श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों, निशान यात्रा, पोशाक यात्रा, भजन संध्या, मां महालक्ष्मी के फूल बंगला श्रृंगार, सतरंगी पोशाक एवं छप्पन भोग सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महामंत्री मनोज जैन और कोषाध्यक्ष अशोक सिंघल ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ना है। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर दिलीप बंसल, संजीव अग्रवाल, प्रीति पवन जैन, अमित अग्रवाल, सुमित, अजय, भोलानाथ अग्रवाल, कुशल बंसल, विनोद राठौर, अखिलेश, आशीष, गौरव, राकेश, नवीन, नीरज आदि उपस्थित रहे।

श्री मनः कामेश्वर मठ मंदिर में नंदोत्सव की धूम, बाल कलाकारों ने सजाया ब्रज का संसार

 

बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण रास और गोवर्धन लीला की दी मनोहारी प्रस्तुतियां, नंदोत्सव में गूंजे कान्हा के जयकारे

बाबा न्यूज़ 

आगरा। रावतपाड़ा स्थित श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर के श्रीनाथजी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित नंदोत्सव एवं सांस्कृतिक संध्या में ऐसा लगा मानो महादेव के आंगन में स्वयं ब्रज उतर आया हो। नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने राधा-कृष्ण के प्रेम, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज की भक्ति संस्कृति पर आधारित मनोहारी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर में गूंजते श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीनाथजी के समक्ष मधुराष्टकम पाठ से हुआ। इसके पश्चात बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में राधा-कृष्ण रास, श्रीकृष्ण जन्म, माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन लीला और ग्वाल-बालों के साथ कान्हा की बाल लीलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।
नन्हे कलाकारों के मंच पर आते ही पूरा वातावरण ब्रजमय हो गया। किसी ने कान्हा बनकर माखन चोरी की तो किसी ने राधा का स्वरूप धारण कर कृष्ण के साथ रास की मनोहारी छटा बिखेरी। राधा-कृष्ण रास की प्रस्तुति के दौरान शास्त्रीय एवं ब्रज संगीत की धुनों पर बच्चों की भाव-भंगिमाओं ने श्रद्धालुओं की खूब तालियां बटोरीं।
गोवर्धन लीला की प्रस्तुति में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण कर ब्रजवासियों की रक्षा करने का संदेश दिया। वहीं कालिया नाग मर्दन की प्रस्तुति ने भगवान श्रीकृष्ण के पराक्रम और धर्म की विजय का संदेश दिया।
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण राधा-कृष्ण रास रहा।
मठ-मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि नंदोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में ब्रज की परंपरा के अनुरूप मनाया गया। नंदोत्सव के अवसर पर बच्चों को खिलौने एवं प्रसाद वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर प्रस्तुत कराने का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति, ब्रज परंपरा और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेश से जोड़ना है।
श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, वात्सल्य, मित्रता और धर्म का संदेश देती हैं। बच्चों द्वारा इन लीलाओं की प्रस्तुति करना हमारी संस्कृति के संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सुंदर माध्यम है।
नंदोत्सव के समापन पर श्रीनाथजी की आरती हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

मनोज कुमार राठौर तैलिक महासंघ के उपाध्यक्ष बने

 

बाबा न्यूज़ 

आगरा। प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद, सीतापुर राकेश राठौर की सहमति से तैलिक महासंघ उत्तर प्रदेश द्वारा मनोज कुमार राठौर (आगरा) को उनके उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन, संगठन के प्रति समर्पण एवं सक्रिय योगदान को देखते हुए तैलिक महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है। लखनऊ में संगठन की बैठक में सांसद राकेश राठौर ने मुझे प्रदेश उपाध्यक्ष पद सम्मनित किया। उपाध्यक्ष बनने पर कोमल राठौर प्रदेश महासचिव, कृष्णा राठौर प्रदेश उपाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ
राजेंद्र राठौर, सुनील राठौर पूर्व पार्षद,मोहित राठौर ने हर्ष व्यक्त किया है।

कीर्तन और अरदास के साथ हुआ दर्शन ड्योढ़ी का उद्घाटन

 

कीर्तन और अरदास के साथ हुआ दर्शन ड्योढ़ी का उद्घाटन

गुरुद्वारा गुरु का ताल में दो वर्ष से चल रहा था दर्शन ड्योढ़ी का निर्माण कार्य

जल्द ही लंगर हॉल और आधुनिक रसोई के लिए शुरू होगा निर्माण कार्य

रिमझिम वर्षा के बीच कीर्तन करते हुए निकाली गई परिक्रमा

कीर्तन और अरदास के साथ गुरुद्वारा गुरु का ताल में बन रही दर्शन ड्योढ़ी संगत को हुई समर्पित 

बाबा न्यूज़ 

आगरा। पिछले 2 वर्ष से गुरुद्वारा गुरु का ताल में के मुख्य प्रवेश द्वार दर्शन ड्योढ़ी के निर्माण की कार सेवा चल रही थी। निर्माण पूरा होने के बाद 6 सितंबर रविवार को कीर्तन के साथ प्रभात फेरी निकाली गई । मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी की अगुवाई और निशान साहिब के सानिध्य में निकली यह कीर्तन परिक्रमा दर्शन ड्योढ़ी पर पहुंची। इसके बाद यहां कीर्तन हुआ और अरदास के बाद दर्शन ड्योढ़ी से संगत ने गुरुद्वारा गुरु का ताल में प्रवेश कर दर्शन ड्योढ़ी का औपचारिक उद्घाटन किया।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि पिछले दो वर्ष से इस दर्शन ड्योढ़ी का निर्माण चल रहा था ।गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार को विशेष रूप से भव्य बनाया गया है। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के ऐतिहासिक स्थान गुरुद्वारा गुरु का ताल की भव्यता में यह विशाल प्रवेश द्वार अवश्य ही एक नहत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां आने वाली संगत इस विशाल दर्शन ड्योढ़ी में प्रवेश करते हुए और अधिक गौरव की अनुभूति करेगी।

विशाल प्रवेश द्वार पर नहीं होगा कोई द्वार

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा गुरु का ताल की दर्शन ड्योढ़ी हो या फिर गुरुद्वारा परिसर के भीतर गुरुद्वारे में प्रवेश करने की मुख्य सीढ़ियां पर बना द्वार हो ,किसी में भी कोई दरवाजा नहीं लगाया गया है ।मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी का कहना है कि गुरुद्वारा के द्वार हर धर्म ,जाति ,वर्ग के लिए हर समय खुले हैं लिहाजा यहां कोई भी दरवाजा नहीं बनाया गया है ।कोरोना काल के दौरान भी गुरुद्वारा साहिब को एक दिन के लिए भी बंद नहीं किया गया था और उसे समय जरूरतमंद वह अन्य शहरों के लिए पैदल गुजर रही संगत के लिए लंगर भी यहां लगातार जारी रहे।

लंगर हॉल का होगा विस्तार, बनेगी अत्याधुनिक रसोई

गुरुद्वारा गुरु का ताल में लगातार स्थानीय व बाहरी संगत की आवाजाही में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लंगर हॉल के विस्तार किए जाने की योजना बनाई गई है। संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया पिछले कुछ वर्षों में बाहरी प्रदेशों से संगत व पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है साथ ही स्थानीय स्तर पर भी विभिन्न गुरु पर्वों पर संगत की संख्या काफी रहती है। जिसके चलते लंगर के दौरान संगत को इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए गुरुद्वारा गुरु का ताल ने लंगर हॉल की क्षमता को दुगना किए जाने की योजना बनाई है। जिसके लिए लंगर हॉल का विस्तार किया जाएगा साथ ही एक अत्याधुनिक रसोई के निर्माण की भी योजना बनाई गई है ।जिसमें नवीनतम तकनीकों के आधार पर मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा, साथ ही गैस के स्थान पर भाप से लंगर बनाए जाने की नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लंगर तैयार किया जाएगा। जल्द ही इन दोनों प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

यह रहे उपस्थित

दर्शन ड्योढ़ी के उद्घाटन अरदास के दौरान गुरुद्वारा गुरु का ताल के जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया ,बाबा अमरीक सिंह ,ग्रंथि हरबंस सिंह ,अजायब सिंह टीटू, महंत हरपाल सिंह ,जोगा सिंह ,ज्ञानी केवल सिंह, श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान कवलजीत सिंह , गुरुद्वारा माईथान के हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह, सरदार दलजीत सिंह सेतिया ,श्याम भोजवानी, वीर महेंद्र पाल सिंह ,अवनीत कौर ,गुरमीत सिंह सेठी, लकी सेतिया आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

संसद में नहीं,विद्यालय की कक्षाओं में लिखा जाता है देश का भविष्य

 

 

राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर शुरू हुआ मंथन
ईशान कालेज में राष्ट्रीय कार्यशाला और अभ्यास वर्ग का शुभारंभ
बाबा न्यूज
आगरा। राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका विषय पर केंद्रित दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शिक्षा संस्कृति उपन्यास ब्रज प्रांत एवं ईशान कॉलेज आफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट के संयुक्त तत्वाधान में संस्थान के विवेकानंद आॅडिटोरियम में हुआ।
प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण कर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख और संस्थान के निदेशक संजय अग्रवाल ने किया।
मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक और अखिल भारतीय गौ सेवा प्रमुख ( दीन दयाल उपाध्याय गौ विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र परखम ) ने कहा कि हर समाज के पीछे कोई न कोई शक्ति रहती है जो विकास और प्रगति का आधार बनती है।
उन्होंने कहा कि हर जगह जन्माष्टमी महोत्सव दो दिन मनाया जाता है अत: आज आंशिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस भी है हमारे जीवन की प्रगति के लिए जो शिक्षा होती है वही दीक्षा है।
चैतन्य महाप्रभु महाराज ने हरे रामा हरे कृष्णा महामंत्र देकर संपूर्ण समाज को जागृत कर समाज के लिए बहुत बड़ा कार्य किया। उन्होंने कहा कि राम और कृष्ण को भगवान बनाने में उनके अतुलनीय जीवनचरित्र का बहुत बड़ा महत्व है राम से भगवान राम बनना और कृष्णा से भगवान कृष्ण बनना उनके समाज हितकारी और अलौकिक कार्यों का परिणाम है।
जेन अल्फा पीढ़ी को शिक्षित करना बहुत ही चुनौती पूर्ण : संजय अग्रवाल
ईशान कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट संस्थान के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने व्यवहारिक शिक्षा पर जोर देते हुए शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका और विद्यार्थियों की समझ पर आधारित शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान जेन जी और जेन अल्फा पीढ़ी को शिक्षित करना बहुत ही चुनौती पूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र का भविष्य संसद में नहीं बल्कि विद्यालयों की कक्षाओं में लिखा जाता है।
प्रथम सत्र में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का न्यास का परिचय पर्यावरण शिक्षा के क्षेत्रीय संयोजक डॉ राजकुमार शर्मा एवं डॉ शिव ओम सिंह ने सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक पक्ष रखा।
द्वितीय सत्र में कार्यकर्ता निर्माण एवं विकास विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगरा के विभाग कार्यवाह सुनील दीक्षित, न्यास के प्रांतीय संयोजक डॉ मनु प्रताप एवं डॉ योगेश शर्मा ने सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक पक्ष अपने विचार व्यक्त किए।
प्रो. रीता निगम, नीरा शर्मा ने रखा व्यवहारिक पक्ष
तृतीय सत्र में प्रो रीता निगम एवं प्रो नीरा शर्मा ने कार्य का क्रियान्वयन एवं चुनौतियां विषय पर सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक पक्ष रखा।

यह अतिथि रहे उपस्थित
इसके अतिरिक्त मंचासीन अतिथियों में शिक्षा संस्कृत उत्थान न्यास के क्षेत्रीय संयोजक डॉ राजकुमार शर्मा, प्रांतीय संयोजक डॉ मनु प्रताप, सह संयोजक डॉ विवेक कुमार,कार्यशाला के संयोजक प्रो .दीपक सिंह छोंकर,संस्थान की मुख्य ट्रस्टी मंजरी अग्रवाल, कार्यशाला की समन्वयक प्रो.रीता निगम, डॉ प्रदीप सिरोठिया, डॉ संजू सिसोदिया, युग दीप शर्मा, डॉ भूपेंद्र सिंह डॉक्टर चंद्रवीर सिंह डॉक्टर महेश जोशी, डॉ धर्मेंद्र सिंह तोमर, डॉ रामकुमार, डॉ सारांश वशिष्ठ,डॉक्टर रेखा पांडे डॉ. भूपेंद्र रत्न डॉ अभिषेक मिश्रा रोहित शाक्य, कवि प्रदीप वैरागी, आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्रज प्रांत सहसंयोजक डॉक्टर अवधेश कुमार शर्मा ने किया।

सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने पर मौलाना मदनी नाराज:बोले- बुलडोजर न्याय नहीं, बदले और नफरत की राजनीति का प्रतीक बन गया है

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित प्राचीन मस्जिद को शनिवार सुबह करीब 5 बजे ध्वस्त किए जाने के मामले में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि अगर संविधान और कानून सभी नागरिकों के लिए समान हैं, तो उनके लागू होने में दोहरा मापदंड क्यों दिखाई देता है। मदनी ने आरोप लगाया कि बुलडोजर अब न्याय के बजाय बदले, भेदभाव और नफरत की राजनीति का प्रतीक बन गया है। मौलाना मदनी ने कहा कि सहारनपुर की घटना को सिर्फ एक मस्जिद के ध्वस्तीकरण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह मामला संविधान की सर्वोच्चता, कानून के शासन, धार्मिक स्वतंत्रता, नागरिक समानता और प्रशासन की निष्पक्ष भूमिका से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को बराबरी और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है, ऐसे में किसी धार्मिक स्थल के मामले में कार्रवाई करते समय समान कानूनी मापदंड अपनाया जाना चाहिए। 1991 के पूजा स्थल अधिनियम और वक्फ कानून का हवाला मौलाना मदनी ने 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि यह कानून अभी अस्तित्व में है। ऐसे में मस्जिद को लेकर हुई प्रशासनिक कार्रवाई गंभीर कानूनी सवाल खड़े करती है। उन्होंने नए वक्फ कानून में वक्फ-बाई-यूजर के प्रावधान का भी उल्लेख किया। मदनी के मुताबिक, मस्जिद का वक्फ बोर्ड में पंजीकरण भी है और इसका पंजीकरण नंबर 451 बताया गया है। उन्होंने जमीन के स्वामित्व को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि जमीन शुरू से याकूब खान और वहीद खान के नाम दर्ज रही है। मदनी ने सवाल किया कि यदि जमीन के रिकॉर्ड और मस्जिद के वक्फ से जुड़े दस्तावेज मौजूद थे तो इसके बावजूद प्रशासन ने किस आधार पर कार्रवाई की? बोले- अतिक्रमण है तो कार्रवाई का मापदंड सबके लिए समान हो मौलाना मदनी ने कहा कि यदि अतिक्रमण या अवैध कब्जा प्रशासनिक कार्रवाई का आधार है तो यही मापदंड हर धर्म और हर वर्ग के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कारणों के जरिए एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी जमीन, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय से धार्मिक निर्माण मौजूद हैं। ऐसे में सवाल यह है कि क्या प्रशासन उन सभी मामलों में भी इसी तरह की कार्रवाई करता है। मदनी ने कहा कि यदि एक धार्मिक स्थल के मामले में असाधारण सख्ती की जाती है और दूसरे मामलों में अलग रवैया अपनाया जाता है तो इससे समानता और निष्पक्षता के सिद्धांत पर सवाल खड़े होते हैं। धार्मिक स्थल का विवाद है तो फैसला अदालत में होना चाहिए मदनी ने कहा कि किसी धार्मिक स्थल की जमीन या मिल्कियत को लेकर विवाद है तो उसका फैसला अदालत में होना चाहिए। उनके मुताबिक ऐतिहासिक दस्तावेज, लंबे समय से धार्मिक उपयोग और मौके से जुड़े तथ्यों को भी कानूनी प्रक्रिया के दौरान देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद कमेटी की ओर से अदालत में कई ऐतिहासिक दस्तावेज पेश किए गए थे। कमेटी का दावा रहा है कि मस्जिद कलेक्ट्रेट की मौजूदा इमारत से भी पुरानी है। मदनी के मुताबिक कमेटी ने 1911 से जुड़े दस्तावेज, नगरपालिका रिकॉर्ड और पुराने राजस्व अभिलेख भी अदालत के सामने रखे थे। मौलाना मदनी का आरोप है कि इन दस्तावेजों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। हालांकि, इन दावों और दस्तावेजों की कानूनी स्थिति का अंतिम निर्धारण संबंधित न्यायिक प्रक्रिया में ही होना है। ‘सदी से ज्यादा समय से नमाज हुई तो ऐतिहासिक तथ्य भी देखें’ मदनी ने कहा कि यदि किसी स्थान पर एक सदी से अधिक समय से नमाज होती रही हो और पीढ़ियों से लोग उसे मस्जिद के रूप में इस्तेमाल करते रहे हों, साथ ही उसके प्राचीन होने से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध हों, तो इन सभी तथ्यों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल से जुड़ा कोई भी विवाद कानून के अनुसार हल होना चाहिए और प्रशासन को कार्रवाई से पहले उपलब्ध दस्तावेजों और सभी संबंधित तथ्यों पर विचार करना चाहिए। ‘भारत किसी एक धर्म या वर्ग का देश नहीं’ मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि भारत किसी एक धर्म या वर्ग का देश नहीं है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और दूसरे धर्मों एवं आस्थाओं के लोग देश के समान नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि संविधान ने किसी नागरिक को प्रथम श्रेणी और किसी को दूसरे दर्जे का नागरिक नहीं बनाया है। मदनी ने सवाल उठाया कि प्रशासन की कार्रवाई से ऐसा एहसास क्यों पैदा हो रहा है कि किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान न्याय के मापदंड को प्रभावित कर रही है। ‘सरकार से रियायत नहीं, समान न्याय मांग रहे’ मदनी ने कहा कि मुस्लिम समाज सरकार से किसी विशेष रियायत की मांग नहीं कर रहा है। उनकी मांग केवल समान न्याय की है। उन्होंने कहा कि यदि कानून सभी धार्मिक स्थलों के लिए है तो उसका इस्तेमाल भी सभी के लिए एक समान होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जो कानून मस्जिद के लिए लागू होता है, वही दूसरे धार्मिक स्थलों के मामले में क्यों नहीं लागू होना चाहिए। मौलाना मदनी ने कहा कि संविधान और कानून यदि सभी नागरिकों के लिए हैं तो उनका संरक्षण और क्रियान्वयन भी समान होना चाहिए। सहारनपुर की घटना को लेकर अब प्रशासनिक कार्रवाई, अदालत में चल रही प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की स्थिति पर आगे की तस्वीर साफ होगी।

बॉयफ्रेंड के घर नाबालिग लड़की का हंगामा:शादी की जिद पर अड़ी, बोली- 3 साल से रिलेशन, कई बार शारीरिक संबंध बनाया

मुजफ्फरनगर में शनिवार को एक नाबालिग लड़की बॉयफ्रेंड के घर पहुंच गई। निकाह करने की जिद करने लगी। वह लड़के के घर की चौखट पर बैठ गई। लड़की ने आरोप लगाया युवक करीब तीन साल से उसे शादी करने का भरोसा देता रहा। इसी दौरान उसने उसके साथ संबंध भी बनाए। लड़की का कहना है कि इसी बात को लेकर वह युवक के घर पहुंची है। उससे निकाह करना है। मामला बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र का है। वीडियो में निकाह की जिद करती दिखी युवती वीडियो में लड़की घर की चौखट पर बैठी दिखाई दे रही है। वह कहती सुनाई दे रही है कि उसे आरिश से अभी निकाह करना है और जब तक निकाह नहीं होगा, वह वहां से नहीं जाएगी। आरोप लगाया कि युवक के परिवार के लोगों ने उसके साथ मारपीट की। उसका दावा है कि 3 से 4 लड़कियों ने उसके साथ हाथापाई की। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना देने के लिए 112 नंबर पर कॉल किया। पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि हंगामे और विवाद के बाद आरोपी युवक मौके से निकल गया। पुलिस लड़की की शिकायत और आरोपों की जांच कर रही है।

नाबालिग को बंधक बनाकर डेढ़ साल तक रेप:हापुड़ से बहलाकर ले गया था साथ, गाजियाबाद का आरोपी गिरफ्तार

एक नाबालिग लड़की को डेढ़ साल तक बंधक बनाकर रेप करने का मामला सामने आया है। गाजियाबाद के एक युवक पर यह आरोप है। कोतवाली देहात पुलिस ने आरोपी कुनाल को गिरफ्तार कर लिया है। नगर के एक मोहल्ला निवासी महिला ने पुलिस को बताया कि 5 नवंबर 2024 को उसकी 17 वर्षीय बेटी को आरोपी कुनाल एलएन रोड से बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया था। उस समय पीड़िता की उम्र करीब 15 साल थी। आरोप है कि कुनाल ने नाबालिग को करीब डेढ़ साल तक अपने घर में जबरन रखा। इस दौरान उसे नशे के इंजेक्शन लगाए गए, शराब पिलाई गई और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट भी की गई। महिला का आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग के साथ उसकी मर्जी के खिलाफ गलत काम किया। उसने पीड़िता के कपड़े उतारकर वीडियो भी बना लिया था। पीड़िता किसी तरह 6 मई 2026 को आरोपी के कब्जे से निकलकर अपने घर पहुंची। घर लौटने पर उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी, इसलिए तुरंत शिकायत नहीं हो पाई। बाद में बेटी ने मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद महिला ने 2 सितंबर को हापुड़ देहात थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था। थाना प्रभारी पारस मलिक ने बताया कि शनिवार को आरोपी कुनाल निवासी शास्त्री नगर, थाना कविनगर, गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता के बयान और बाकी सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर में स्वाइन फ्लू से पहले मरीज की मौत:पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट हुआ खुलासा, दूसरे मरीज का हैलट के वेंटीलेटर पर चल रहा इलाज

कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कन्नौज निवासी 30 साल के शिवम की स्वाइन फ्लू से मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने इलाज में लापवरवाही का आरोप लगाते हुए शव के पोस्टमॉर्टम की मांग की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद जांच रिपोर्ट आने पर शनिवार को साफ हुआ कि शिवम की इलाज में लापरवाही नहीं, बल्कि स्वाइन फ्लू से मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी ने इसकी एक रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। स्वाइन फ्लू पेशेंट की मौत की जानकारी मिलने के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। वहीं, दूसरी तरफ 55 साल के दूसरे स्वाइन फ्लू पेशेंट का हैलट अस्पताल के वेंटीलेटर पर इलाज चल रहा है। मरीज की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट कन्नौज के ग्राम तेरा जाकेट गुरसहायगंज निवासी ग्राम प्रधान राम राज ने बताया कि 28 अगस्त की दोपहर में उनके बेटे के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ। हालत बिगड़ने पर उसे कन्नौज स्थित डॉक्टर तोमर के क्लीनिक लेकर पहुंचे। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने फेफड़ों में पानी भरने और पेट में संक्रमण की बात बताई। हालत गंभीर बताते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए उसे कानपुर के शारदा नगर स्थित अनुराग हॉस्पिटल में एडमिट कराया। बेटे की हालत गंभीर होने पर अस्पताल प्रबंधन ने उसे आईसीएम में एडमिट कर लिया और 4 दिनों तक इलाज चलता रहा और 1 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और शव का पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की। रावतपुर थाने की पुलिस ने जांच के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और 2 सितंबर को शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। पोस्टमॉर्टम के दौरान संदेह होने पर जांच के लिए नमने भेजे गए और 5 सितंबर को जांच रिपोर्ट से साफ हो गया कि युवक की गलत इलाज से नहीं, बल्कि स्वाइन फ्लू का संक्रमण होने से मौत हुई है। जानकारी मिलते ही पोस्टमॉर्टम हाउस के प्रभारी ने इसकी एक रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। इसके साथ ही एक जांच रिपोर्ट कन्नौज के सीएमओ को भेज दी है। अब परिवार के सभी सदस्यों की भी जांच कराई जाएगी कि उनमें भी तो किसी को स्वाइन फ्लू नहीं है। इधर स्वाइन फ्लू के पहले मरीज की मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने इसका संज्ञान लेते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। जिस अस्पताल में मरीज की मौत हुई वहां के स्टाफ की जांच होगी। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारियों की भी जांच की जाएगी कि कोई इस संक्रमण की चपेट में तो नहीं आ गया है।

सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया,कई कर्मचारी गायब मिले:जताई नाराजगी, स्पष्टीकरण मांगा और कार्रवाई के निर्देश दिए

फर्रुखाबाद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय ने शनिवार को दोपहर 12 बजे के बाद जिले के पांच स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई केंद्रों पर चिकित्सक और कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले। कुछ कर्मचारी सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना छुट्टी पर थे। सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएचसी नवाबगंज में कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले सीएमओ ने सीएचसी नवाबगंज, पीएचसी अचरा खलवारा, पीएचसी अचरिया बाकरपुर, पीएचसी संकिसा और पीएचसी पखना का निरीक्षण किया। सीएचसी नवाबगंज में अमित कुमार (डेंटल हाइजीनिस्ट), धीरेन्द्र प्रताप सिंह (लैब असिस्टेंट) और राहुल कुमार (वार्ड बॉय) अनुपस्थित मिले। संविदा कर्मचारियों में रतन देव (ऑप्टोमेट्रिस्ट, आरबीएसके), आरती (स्टाफ नर्स, एनसीडी), अमृता सिंह (लैब टेक्नीशियन) और मंजू कुमारी (एनसीडी काउंसलर) भी गैरहाजिर मिलीं। सीएमओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन काटने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बिना अनुमति छुट्टी पर मिले कर्मचारी पीएचसी अचरा खलवारा में फार्मासिस्ट प्रेम चंद्र मौजूद मिले। वहीं स्टाफ नर्स अंकुर कुमार, लैब टेक्नीशियन आज्ञाराम और एएनएम सुहानी बिना अनुमति के छुट्टी पर थीं। सीएमओ ने कहा कि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अवकाश लेना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। अचरिया बाकरपुर में सभी कर्मचारी मौजूद पीएचसी अचरिया बाकरपुर के निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी उपस्थित मिले। सीएमओ ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। संकिसा में चार कर्मचारी बिना सूचना अनुपस्थित पीएचसी संकिसा में एएनएम ममता यादव, फार्मासिस्ट सुरेंद्र कुमार, एमओ डॉ. अशोक कुमार और डॉ. प्रभात त्रिपाठी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। सीएमओ ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
पखना में भी कर्मचारी गैरहाजिर मिले पीएचसी पखना में डीएवी/आईएमओ प्रियंक पांडेय अनुपस्थित मिले। वहीं कैलाश बाबू और अंजली शाक्य बिना सूचना के प्रतिकर अवकाश पर पाए गए। सीएमओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बोले- मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सीधे तौर पर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक मरीज को उसके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर समय से उपचार, जांच और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने को कहा। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा और ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।