बीएसए के औचक निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां:दो शिक्षकों सहित तीन कर्मियों का वेतन रोका, खंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी
सीतापुर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने गुरुवार को बेहटा विकासखंड के विद्यालयों और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। बीएसए ने कई शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकते हुए कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय सुमेर के निरीक्षण के दौरान दोपहर करीब 1:30 बजे विद्यालय निर्धारित समय से पहले बंद मिला। सभी छात्र-छात्राएं जा चुके थे। मौके पर मौजूद शिक्षक निशार अहमद अंसारी एवं शिक्षामित्र मलका बानो का एक दिन का वेतन रोकते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं इंचार्ज प्रधानाध्यापक अंशुल कुमार शुक्ला और शिक्षामित्र शिवकुमार अनुपस्थित मिले, जिनका भी एक दिन का वेतन रोका गया। मिड-डे मील पंजिका में 20 जुलाई से कोई प्रविष्टि नहीं मिली और विद्यालय में रंगाई-पुताई सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी अभाव पाया गया। इन अनियमितताओं पर पूरे विद्यालय स्टाफ का एक दिन का वेतन रोकते हुए एक सप्ताह के भीतर सुधार कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर प्राथमिक विद्यालय ऊंचगांव का निरीक्षण किया गया। बीएसए ने बच्चों से गणित के सवाल पूछे और मिड-डे मील की गुणवत्ता की जानकारी ली। विद्यालय परिसर में बड़ी-बड़ी घास, कक्षाओं की छतों पर जाले, साफ-सफाई का अभाव और लटकती बिजली की तारें मिलने पर संबंधित अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए। चेतावनी दी गई कि समय पर सुधार नहीं होने पर कठोर कार्रवाई होगी। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बेहटा के निरीक्षण में भी कार्यालय परिसर में गंदगी और घास मिलने पर अनुचर अमर बहादुर यादव का एक दिन का वेतन रोक दिया गया तथा बीईओ को नोटिस जारी कर तत्काल साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए। बीएसए ने परिसर में संचालित आधार केंद्र का भी निरीक्षण कर लोगों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में टीम भावना के साथ कार्य करना जरूरी है और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

