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रंगदारी केस में एफआईआर लेखक की गवाही पूरी:बोले-होटल कारोबारी सुरेश पाल खुद साइन की तहरीर लेकर आए थे

ढाई करोड़ रुपए रंगदारी मामले में वादी सुरेश पाल के बयान होने के बाद गुरुवार को जिलाजज अनमोल पाल की कोर्ट में एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए गए, इसके साथ ही बचाव पक्ष की ओर से जिरह भी पूरी हो गई। एफआईआर लेखक ने कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए बताया कि- मुकदमे में अगले गवाह के बयान दर्ज कराने के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। 6 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी स्वरुप नगर निवासी होटल कारोबारी सुरेश पाल ने 6 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में अधिवक्ता अखिलेश दुबे व आयुष मिश्रा उर्फ लवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने उन्हें रेप के फर्जी मुकदमे में फंसाया और मुकदमे से बचाने के लिए ढाई करोड़ रुपए की रंगदारी वसूली। मामले में पुलिस ने अखिलेश और आयुष को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने 250 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसी मुकदमे की सुनवाई जिलाजज की कोर्ट में चल रही है। जिसमें वादी सुरेश पाल पूर्व में ही अपने बयानों से मुकर गए। उन्होंने बीते मंगलवार को कोर्ट में जिरह के दौरान पूछे गए सवालों पर एसआईटी पर गंभीर आरोप मढ़े थे। कहा था कि– उन पर पुलिस के बड़े अफसरों का भारी दबाव था। वह दिल्ली में इलाज करा रहे थे, अचानक फोन करके कानपुर बुलाया गया। नौबस्ता में दर्ज पॉक्सो के मुकदमे को दोबारा खोलकर उसमें जेल भेजने की धमकी दी गई और पुलिस अफसरों ने सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। अखिलेश दुबे ने उनसे कभी कोई रंगदारी नहीं मांगी, लवी को तो वह जानते भी नहीं है। 5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी एसआईटी के दवाब में दिए थे। मुकदमे में गुरुवार को एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए गए। कार्यवाहक डीजीसी ओंकारनाथ वर्मा ने बताया कि एफआईआर लेखक ने अपने बयानों में कहा कि सुरेश पाल खुद टाइप की हुई लेकर थाने आए थे, जिसमें उनके हस्ताक्षर थे। थाना प्रभारी के निर्देश पर ही मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद एफआईआर की कॉपी सुरेश पाल को दी गई थी। इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एफआईआर लेखक से जिरह की। जिसमें उन्होंने कई सवाल पूछे। कार्यवाहक डीजीसी ने बताया कि मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी, जिसमें तीसरे गवाह के बयान दर्ज कराए जाएंगे।

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