साहित्यकार बृजदेव पांडेय को 88वें जन्मवर्ष पर सम्मान मिला:नगर विधायक ने कहा- वे रोज 5 घंटे पढ़ते हैं, विंध्य संस्कृति के सजग प्रहरी हैं
मिर्जापुर में डॉ. भवदेव पांडेय फाउंडेशन की ओर से तिवरानी टोला में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 88 वर्ष की उम्र में भी प्रतिदिन पांच घंटे अध्ययन को वक्ताओं ने साहित्यकार बृजदेव पांडेय की यह दिनचर्या उनकी ज्ञान-साधना और साहित्य के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उनके 88वें जन्मवर्ष पर रविवार को सायंकाल 4 बजे आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने उन्हें विंध्य की सांस्कृतिक विरासत का सजग प्रहरी बताते हुए उनके अनुभवों और विचारों को संरक्षित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र और विशिष्ट अतिथि डॉ. योगानंद गिरि रहे। घनश्याम ओझा ने बृजदेव पांडेय का माल्यार्पण कर अभिनंदन पत्र और पुष्प भेंट किए गए। यथार्थ पांडेय ने मां विंध्यवासिनी की तस्वीर भेंट की।
पंच दशनाम जूना अखाड़ा के महंत डॉ. योगानंद गिरि ने कहा कि 88 वर्ष की उम्र में पांच घंटे अध्ययन करना उनकी ज्ञान-साधना को दर्शाता है। उनके लेखों और विचारों को लिपिबद्ध कर सुरक्षित रखने की जरूरत है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय ज्ञान परंपरा की आधारशिला बताया। विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने विंध्य क्षेत्र की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महिमा का उल्लेख करते हुए इसे मणिद्वीप की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि मिर्जापुर की साहित्यिक विरासत को व्यापक पहचान मिलनी चाहिए। प्रेमघन के बाद डॉ. भवदेव पांडेय ने भी क्षेत्र की साहित्यिक परंपरा को समृद्ध किया।
ऊषा कनक पाठक ने लोक साहित्य और लोकगीतों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए आचार्य रामचंद्र शुक्ल, निराला, देवकीनंदन खत्री और अन्य साहित्यकारों के योगदान की चर्चा की। यथार्थ पांडेय ने बृजदेव पांडेय के अनुभवों को समाज की अमूल्य धरोहर बताया। गणेश गंभीर ने मिर्जापुर की साहित्यिक और सामाजिक परंपराओं को लिपिबद्ध करने की जरूरत बताई। वरिष्ठ नागरिक संगठन के अरुण मिश्र ने कहा कि पुरानी पीढ़ी के अनुभवों और ज्ञान को सहेजना जरूरी है। समारोह में प्रो. किरण प्रकाश, रविंद्र द्विवेदी, आशा पांडेय, अनिल यादव, प्रभात मिश्र, शक्ति श्रीवास्तव, विश्वजीत दुबे, राजकुमार उपाध्याय और पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रामभद्राचार्य विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ. शिशिर पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन डॉ. राजेंद्र तिवारी ने किया।

