मंत्री से की नए गंगा पुल को जोड़ने की मांग:पश्चिमी गंगाघाट तक रैंप बनाने और बाढ़ से स्थायी राहत दिलाने का मुद्दा उठाया
निर्माणाधीन नवीन गंगा पुल का लाभ पश्चिमी गंगाघाट की बड़ी आबादी तक पहुंचाने और शहर को हर साल आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत दिलाने की मांग तेज हो गई है। पूर्व नौसैनिक एवं संदेश फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पाण्डेय ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे लखनऊ में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात कर दोनों समस्याओं को लेकर पत्र सौंपा। उन्होंने नवीन गंगा पुल से पश्चिमी गंगाघाट की ओर रैंप/एप्रोच मार्ग बनवाने के साथ ही बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कराने की मांग रखी। संदीप पाण्डेय ने मंत्री को दिए पत्र में बताया कि पश्चिमी गंगाघाट के चार वार्डों में करीब 50 हजार की आबादी निवास करती है। क्षेत्र के लोगों के आवागमन में रेलवे क्रॉसिंग पहले से बड़ी बाधा बनी हुई है। ऐसे में निर्माणाधीन नवीन गंगा पुल यदि रेलवे क्रॉसिंग को पार करते हुए आगे निकल जाता है और पश्चिमी गंगाघाट की ओर उतरने के लिए रैंप या एप्रोच मार्ग की व्यवस्था नहीं की जाती है तो क्षेत्र की बड़ी आबादी को पुल का अपेक्षित सीधा लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्होंने मांग की कि पुल निर्माण पूरा होने के बाद बदलाव करने के बजाय अभी निर्माण के दौरान ही तकनीकी सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर पश्चिमी गंगाघाट की आबादी को जोड़ने वाले रैंप/एप्रोच मार्ग का प्रावधान किया जाए, जिससे लोगों को पुल तक सुगम पहुंच मिल सके। हर साल बाढ़, स्थायी समाधान की मांग उन्होंने गंगाघाट में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ का मुद्दा भी मंत्री के सामने रखा। उनका कहना है कि बारिश और गंगा के जलस्तर बढ़ने के दौरान तटवर्ती इलाकों के लोगों को जलभराव और बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है। हर वर्ष राहत और बचाव के इंतजाम करने के बजाय समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तकनीकी सर्वे कराकर दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने, आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराने और जल निकासी की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। क्षेत्र के भविष्य से जुड़े दोनों मुद्दे
संदीप पाण्डेय ने कहा कि नवीन गंगा पुल का लाभ पश्चिमी गंगाघाट की आबादी तक पहुंचाना और नगर को प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ से स्थायी राहत दिलाना क्षेत्र के भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने दोनों मांगों को लेकर संबंधित स्तर पर लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही।

