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नई सौदागर लाइन में खुली पुलिस चौकी

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने किया विधिवत उद्घाटन
बाबा न्यूज
आगरा। सदर थाना क्षेत्र स्थित नई सौदागर लाइन पुलिस चौकी का पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। नई पुलिस चौकी के शुरू होने से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की उम्मीद जताई गई है।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि नई पुलिस चौकी के संचालन से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ ही आमजन को त्वरित और बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को जनसरोकारों के प्रति संवेदनशील रहते हुए जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समारोह में डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास, डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार, एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता, थाना प्रभारी सदर विजय विक्रम सिंह, चौकी प्रभारी रिकी पूनिया, उपनिरीक्षक अभय प्रताप और उपनिरीक्षक अतुल शर्मा समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
वहीं सामाजिक क्षेत्र से भूषण कुमार, हिमांशु सचदेवा, राजेश शुक्ला, आशा कपूर सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय लोगों ने नई पुलिस चौकी के शुभारंभ का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि चौकी खुलने से क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ेगी और लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित पुलिस सहायता मिल सकेगी।

 

देयर इस ए घोस्ट इन माय रूम: लिविंग विद द सुपरनेचुरल पर हुई रोचक परिचर्चा

 

भूत नहीं, मानवीय स्मृतियों और अदृश्य अनुभवों की कहानी है यह पुस्तक: संजय के. रॉय
लिट आगरा के मंच पर विज्ञान, अध्यात्म और अलौकिक अनुभवों पर हुआ सार्थक संवाद
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आगरा। लिट आगरा संस्था द्वारा संजय प्लेस स्थित होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट में प्रख्यात कला-संस्कृति उद्यमी एवं लेखक संजय के. रॉय की चर्चित पुस्तक ‘देयर इस ए घोस्ट इन माय रूम: लिविंग विद द सुपरनेचुरल ‘ के विमोचन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुस्तक के विमोचन से हुआ। पुस्तक का लोकार्पण सेंट जॉन्स कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एसपी सिंह, हरविजय बाहिया, डॉ. रंजना बंसल, डॉ. संदीप अग्रवाल, प्रो. निबीर घोष, डॉ. अशोक शर्मा एवं डॉ. राजीव भाटिया ने संयुक्त रूप से किया।
निधि लाल ने कार्यक्रम संचालन के दौरान लेखक संजय के. रॉय का परिचय देते हुए बताया कि वे देश के अग्रणी सांस्कृतिक उद्यमियों में शामिल हैं। वे टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक हैं, जो भारत और विदेशों के अनेक प्रतिष्ठित साहित्य, कला एवं सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन करता है। विश्व के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में शामिल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के संस्थापक सदस्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे सलाम बालक ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी हैं तथा कला एवं संस्कृति से जुड़े अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें ब्रिटेन के यॉर्क विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट से भी सम्मानित किया जा चुका है।
परिचर्चा के दौरान नीलम मेहरोत्रा और सुधा कपूर ने लेखक से परा दुनिया, आत्माओं, अलौकिक अनुभवों और अदृश्य संसार से जुड़े अनेक रोचक प्रश्न किए। उनके उत्तर में संजय के. रॉय ने कहा कि उनकी पुस्तक किसी अंधविश्वास को बढ़ावा देने का प्रयास नहीं है, बल्कि जीवन में घटित उन वास्तविक अनुभवों का ईमानदार दस्तावेज है, जिन्हें उन्होंने स्वयं महसूस किया। उन्होंने बताया कि मात्र पाँच वर्ष की आयु में कोलकाता स्थित अपने पैतृक घर में उन्होंने पहली बार किसी अदृश्य उपस्थिति का अनुभव किया। इसके बाद दिल्ली और फिर भारत तथा विदेशों की यात्राओं के दौरान उन्हें अनेक ऐसे अनुभव हुए, जिन्होंने उन्हें यह सोचने पर विवश किया कि हमारे ज्ञात संसार के समानांतर भी एक ऐसी दुनिया हो सकती है, जिसे विज्ञान अभी पूरी तरह समझ नहीं पाया है।
विज्ञान और पराविज्ञान के संबंध में अपने विचार रखते हुए संजय के. रॉय ने कहा कि विज्ञान का कार्य प्रश्न पूछना और प्रमाण तलाशना है, जबकि मनुष्य के अनेक अनुभव ऐसे होते हैं जिन्हें तत्काल वैज्ञानिक कसौटी पर नहीं कसा जा सकता। उन्होंने कहा कि हर अनजानी घटना को अंधविश्वास कहकर खारिज कर देना भी उचित नहीं और बिना विवेक के हर बात पर विश्वास करना भी सही नहीं। आवश्यकता खुले मन, जिज्ञासा और संवेदनशील दृष्टि से इन अनुभवों को समझने की है। उन्होंने कहा कि भय से अधिक महत्वपूर्ण है समझ और अनुभव, क्योंकि हर रहस्य के पीछे कोई न कोई मानवीय कहानी छिपी होती है।
लेखक ने बताया कि देयर इस ए घोस्ट इन माय रूम: लिविंग विद द सुपरनेचुरल केवल भूत-प्रेत की कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक संस्मरणात्मक यात्रा है, जिसमें स्मृतियां, यात्राएं, मानवीय रिश्ते, हास्य, रोमांच और जीवन के अनुत्तरित प्रश्न एक साथ चलते हैं। पुस्तक यह संकेत देती है कि शायद हमारे संसार के समानांतर भी एक ऐसा आयाम मौजूद है, जहां स्मृतियां, आत्माएं और ऊर्जा किसी न किसी रूप में विद्यमान रहती हैं। उन्होंने कहा कि आत्माओं को केवल डर का प्रतीक नहीं मानते, बल्कि उन्हें स्मृतियों, अधूरी इच्छाओं और मानवीय भावनाओं से जोड़कर देखते हैं। कहीं वे शरारती हैं, कहीं उदास, तो कहीं अशांत। पुस्तक विज्ञान और अध्यात्म, तर्क और अनुभव के बीच संतुलित संवाद स्थापित करती है और पाठक को यह सोचने पर विवश करती है कि क्या वास्तव में हमारी इंद्रियों से परे भी कोई संसार हो सकता है।
इस अवसर पर पूजा बंसल एवं अनुपम बोहरा ने पुस्तक के चुनिंदा अंशों का प्रभावशाली पाठ किया।
हरविजय बाहिया ने कहा कि आत्मकथा, यात्रा-वृत्तांत और अलौकिक अनुभवों का अनूठा संगम है। इसमें लेखक संजय के रॉय कोलकाता के पैतृक घर से लेकर लुटियंस दिल्ली और भारत सहित विदेशों के अनेक स्थानों पर हुए रहस्यमय अनुभवों का जीवंत वर्णन है।
कार्यक्रम में मनीष बंसल, रजनीश खंडेलवाल, विनोद महेश्वरी, पूनम सचदेवा, राशि गर्ग, कविता अग्रवाल, मोहित महाजन, श्वेता बंसल, दिव्या गोयल आदि उपस्थित रहे।

 

समर्पण की अंताक्षरी प्रतियोगिता में गूंजे सुरों के रंग

बाबा न्यूज
आगरा। भारत विकास परिषद् समर्पण शाखा की ओर से फतेहाबाद रोड स्थित होटल सनरिंग में आयोजित प्रतिभा निखार अंताक्षरी प्रतियोगिता में संगीत, मनोरंजन और उत्साह का शानदार संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने अपनी टीमों के साथ मंच पर फिल्मी और सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का दिल जीत लिया। वहीं उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांतीय सचिव सीए विवेक अग्रवाल, उपाध्यक्ष धर्मगोपाल मित्तल, कार्यक्रम प्रभारी सोनम मित्तल, सोनिया गर्ग, पूजा गोयल एवं श्वेता कंसल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शाखा अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि प्रतियोगिता में पहली बार छह टीमों ने एक ही मंच पर अंताक्षरी में भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने गीतों के साथ मिमिक्री और फिल्मी संवादों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का भी लगाया।
शाखा सचिव समीर जैन व कोषाध्यक्ष उमंग गोयल ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य महिलाओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को मंच प्रदान करना है, ताकि वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी कला का भी प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सौरभ गोयल, विजित गुप्ता, नवनीत गर्ग, प्रदीप सिंघल, विशाल सक्सेना, अंकित गर्ग, रिकेश मित्तल, गोविन्द सुगंधि, अनुज बंसल आदि उपस्थित रहे।

सुंदरकाण्ड के पाठ के साथ टैक्सेशन बार के स्थापना दिवस का शुभारंभ

बाबा न्यूज
आगरा। टैक्सेशन बार एसोसिएशन के 58वें स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ जयपुर हाउस स्थित राज्य कर भवन के बार रूम में वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धापूर्वक किया गया। समारोह का शुभारंभ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राज किशोर खण्डेलवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया।
अध्यक्ष राज किशोर खण्डेलवाल ने बताया कि स्थापना दिवस के प्रथम दिन प्रात: 11 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। पाठ का वाचन एवं आयोजन पंडित बृज किशोर खण्डेलवाल के सान्निध्य में संपन्न हुआ। सुंदरकाण्ड पाठ के दौरान पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और उपस्थित अधिवक्ताओं ने भगवान श्री हनुमान से बार की निरंतर प्रगति, संगठन की एकता, सदस्यों के उत्तम स्वास्थ्य एवं न्यायिक कार्यों में सफलता की प्रार्थना की।
महासचिव अखिलेश भटनागर ने बताया कि सुंदरकाण्ड पाठ के उपरांत महाआरती में सभी अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से सहभागिता की। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। बड़ी संख्या में कर अधिवक्ताओं एवं बार के सदस्यों ने सहभागिता कर संस्था की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आज रविवार को 58वें स्थापना दिवस समारोह में बार की स्मारिका चिरंतन का विमोचन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल विमोचन करेंगे। समारोह में 50 वर्ष पूर्ण कर चुके वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर इस अवसर पर राम मोहन सिंह कोटिया, अनुराग गुप्ता, परमेंद्र पाल सिंह, अब्दुल अख्तर खान, संचित अग्रवाल, अभिनव बंसल, राकेश सारस्वत, मोहित अग्रवाल, कृष्ण मुरारी अग्रवाल, सुनील आनंद, राजेंद्र प्रसाद दीक्षित, सोमेंद्र जैन, मुनील अग्रवाल, रोहित अग्रवाल, वैभव जैन, जीएस उप्पल, विशाल बिंदल, मनोज शर्मा, अनिल आदर्श जैन, संजय भटनागर, माधुर अग्रवाल, विजेंद्र अग्रवाल, राजकुमार गोयल, सुनील शर्मा, विनीत जैन, राकेश वर्मा, बरखा यादव, दीपिका राजपूत, रवि कुमार, मनोज त्रिपाठी, भगवान दास, संजीव यादव, गौरव शर्मा, अमित जैन आदि उपस्थित रहे।

 

मनीष अग्रवाल बने लायंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर के मुख्य सलाहकार,

 

मार्केटिंग एवं मीडिया की भी मिली जिम्मेदारी

लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 321-सी2 में महत्वपूर्ण दायित्व, समाज सेवा व व्यापारिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका का मिला सम्मान

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आगरा। लायंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 321-सी2 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर राम नारायण वर्मा ने प्रमुख उद्यमी, समाजसेवी, लायंस क्लब आगरा आकाश के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष लायन मनीष अग्रवाल को डिस्ट्रिक्ट स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए अपना मुख्य सलाहकार नियुक्त किया है। इसके साथ ही उन्हें मार्केटिंग एवं मीडिया चेयरपर्सन का दायित्व भी सौंपा गया है।
मनीष अग्रवाल लंबे समय से समाज सेवा एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। वे वर्ष 2013 एवं 2021 में व्यापार एवं उद्योग की सर्वोच्च संस्था नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष रह चुके हैं। वर्तमान में वे वर्ष 2017 से लगातार श्री कृष्ण लीला समिति के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा वे आगरा सीड एंड पेस्टीसाइड एसोसिएशन तथा आगरा होलसेलर्स एसोसिएशन के संरक्षक भी हैं।
उनकी इस महत्वपूर्ण नियुक्ति पर नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज बंसल, मनोज कुमार गुप्ता, संजय गुप्ता, के.डी. गुप्ता, लायंस क्लब आगरा आकाश के अध्यक्ष मनोज गोयल, संजय अग्रवाल, अनिल वार्ष्णेय, संजीव गुप्ता, सुनील शर्मा, सुशील बंसल सहित अनेक पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

अनिल श्रीवास्तव अध्यक्ष,  सुमित चौधरी महामंत्री बने

 

 

 

बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के चुनाव परिणाम घोषित
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आगरा। डॉ बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय में शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के चुनाव में अनिल श्रीवास्तव अध्यक्ष और सुमित चौधरी महामंत्री चुने गए। कुलपति समेत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने निर्वाचित पदाधिकारियों
को बधाई दी है।
डॉ बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क कैंपस स्थित जुबली हॉल में सुबह 10:00 बजे से मतदान की प्रक्रिया आरंभ हुई जो की दोपहर तक चली। इसके उपरांत वोटो की गिनती आरंभ हुई। चुनाव प्रभारी प्रोफेसर बृजेश रावत ने परिणाम की घोषणा की। इसके तहत अध्यक्ष पद पर अनिल श्रीवास्तव विजय घोषित किए गए। उन्हें कुल 194 मत मिले। दूसरे स्थान पर पूर्व अध्यक्ष अखिलेश चौधरी रहे। उन्हें 140 मत मिले। 10 मत निरस्त हुए।
महामंत्री के पद पर सुमित चौधरी विजय घोषित किए गए उन्हें कुल 151 मत मिले। दूसरे स्थान पर निखिल शर्मा रहे उन्हें कुल 111 मत मिले। 15 मत निरस्त हुए। उपाध्यक्ष पद पर आशु ठाकुर विजय घोषित हुए। उन्हें कुल 188 वोट मिले। 14 मध्य निरस्त हुए। कोषाध्यक्ष के पद पर ईशान शर्मा विजय घोषित किए गए। उन्हें कुल 88 वोट मिले। दूसरे स्थान पर कालीचरण यादव रहे। उन्हें कुल 87 मत मिले। 18 मत निरस्त हुए। सह मंत्री के पद पर प्रभा शंकर विजय हुए । पुणे 98 वोट मिले। राहुल चाहर को 73 मत मिले।
चुनाव प्रणाम घोषित होने के बाद कर्मचारियों में जोश की लहर छा गई।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनिल श्रीवास्तव ने बाबा न्यूज़ को बताया कि सभी को साथ लेकर कर्मचारियों के हित में काम किया जाएगा। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर हमने पहले ही संघर्ष किया था और आगे भी संघर्ष करते रहेंगे।
परिणाम घोषित होने के बाद सभी जीतने वाले प्रत्याशियों को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। इसमें प्रमुख रूप से पूर्व महामंत्री अरविंद गुप्ता, आनंद टाइटल आदि कर्मचारी थे।
मतगणना की संपूर्ण प्रक्रिया प्रो. बिंदुशेखर शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस दौरान डा. प्रवीण कुमार, डा. सुनील कुमार, डा. निशांत चौहान एवं डा. आशुतोष द्विवेदी सहित अन्य सहयोगियों ने मतगणना कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सम्पूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन में कुलसचिव अजय मिश्रा का विशेष योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन एवं समन्वय में चुनाव की समस्त व्यवस्थाएँ सुचारु रूप से संपन्न हुई।

प्लास्टिक और फेंके गए तार में फंसा आठ फुट लंबा अजगर

 

अपनी जान बचाने के लिए करता रहा संघर्ष: वाइल्डलाइफ़ एसओएस ने बचाया

बाबा न्यूज 

आगरा। वाइल्डलाइफ़ एसओएस रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट ने आगरा के सिकंदरा छेत्र से रेप्टाइल्स बचाने के दो अनोखे ऑपरेशन किए। उन्होंने एक आठ फ़ीट लंबे अजगर को बचाया, जो टेलीफ़ोन के तार और प्लास्टिक कचरे में फंसकर घायल हो गया था, इसके साथ ही वॉशिंग मशीन में फंसे एक इंडियन वुल्फ़ स्नेक को भी सुरक्षित बचाया गया। ये घटनाएं दिखाती हैं कि कैसे फेंका गया कचरा और तेज़ी से बढ़ता शहरीकरण वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।

आगरा में लापरवाही से फेंके गए टेलीफ़ोन के तार और प्लास्टिक की बोतल में एक अजगर बुरी तरह से फँस गया था। घायल साँप मुश्किल से हिल-डुल पा रहा था; हर कोशिश के साथ तार उसके शरीर को और गहरी तरह से जकड़ रहा था। वाइल्डलाइफ़ एसओएस की टीम ने तुरंत अजगर को बाहर निकाला और उसे आगरा भालू संरक्षण केंद्र पहुँचाया। वहाँ पशु-चिकित्सकों ने सर्जरी करके फँसे हुए तार को निकाला और उसे प्लास्टिक की बोतल से आज़ाद किया; साथ ही, रेडियोग्राफ़िक जाँच से पुष्टि हुई कि उसकी हड्डियों में कोई चोट नहीं आई थी। साँप अभी भी पशुचिकित्सा टीम की देखरेख में है और पूरी तरह से ठीक होने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।

एक अलग घटना में, आगरा के ही सिकंदरा छेत्र की एक हाउसिंग कॉलोनी के निवासियों ने अपनी वॉशिंग मशीन के अंदर इंडियन वुल्फ स्नेक को देखा, जिसके तुरंत बाद उन्होंने वाइल्डलाइफ एसओएस हेल्पलाइन नंबर (+91 9917109666) पर संपर्क किया। रेस्क्यू टीम ने सावधानी से वॉशिंग मशीन को खोला और सांप को सुरक्षित बाहर निकाला। सांप को कोई चोट नहीं आई थी, जिसके बाद उसे जंगल में छोड़ दिया गया।

आई.यू.सी.एन की रेड लिस्ट में ‘नियर थ्रेटन्ड’ (संकट के करीब) के तौर पर शामिल, इंडियन रॉक पायथन या अजगर (पायथन मोलुरस) को वाइल्डलाइफ़ संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत सबसे ऊँचे स्तर की कानूनी सुरक्षा मिलती है।

आगरा के डीएफओ और नेशनल चंबल सैंक्चुअरी प्रोजेक्ट के डिप्टी कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट, IFS राजेश कुमार ने कहा, “जब कचरा जमा होता है, तो इसका खामियाजा जंगली जानवरों को भुगतना पड़ता है। महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवासों के आस-पास के इलाकों में कचरे को गैर-जिम्मेदाराना तरीके से फेंकने की वजह से ही यह अजगर जानलेवा स्थिति में फँस गया था। वन विभाग की मदद करते हुए वाइल्डलाइफ़ एसओएस की त्वरित कार्रवाई ने अजगर की जान बचा ली, लेकिन कचरे को सही तरीके से एवं सही जगह पर फेंकना ही एकमात्र समाधान है।

वाइल्डलाइफ़ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, “इंसानों की लापरवाही की कीमत जंगली जानवरों को चुकानी पड़ रही है। जब प्राकृतिक आवासों के पास कचरा फेंका जाता है, तो फेंकी गई प्लास्टिक की बोतल या तार का एक टुकड़ा भी जानलेवा जाल बन सकता है। वाइल्डलाइफ़ की सुरक्षा की शुरुआत कचरे को ज़िम्मेदारी से निपटाने और हमारे साझा इलाकों को खतरनाक कचरे से मुक्त रखने जैसे आसान कामों से होती है।”

वाइल्डलाइफ़ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, “हर रेस्क्यू हमें याद दिलाता है, कि जंगली जानवर ऐसे इलाकों में ढल रहे हैं, जहाँ तेज़ी से इंसानों का कब्ज़ा बढ़ रहा है। जंगलों के पास फेंका गया कचरा न सिर्फ़ पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि जंगली जानवरों की जान भी ले सकता है।”

वाइल्डलाइफ़ एसओएस के कंजर्वेशन प्रोजेक्ट्स के डायरेक्टर, बैजू राज एम.वी. ने कहा, “चूहों की आबादी को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करके स्वस्थ इकोसिस्टम बनाए रखने में सांप बहुत ज़रूरी भूमिका निभाते हैं। जब वे घायल हो जाते हैं या इंसानी इलाकों में फंस जाते हैं, तो सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि उन्हें छेड़ा न जाए और रेस्क्यू टीम को बुलाया जाए, ताकि लोगों या जानवर दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”

वाइल्डलाइफ़ एसओएस की पशु चिकित्सा सेवाओं के डिप्टी डायरेक्टर, डॉ. एस. इलयाराजा ने कहा, “जब अजगर को लाया गया, तो तार उसकी खाल में धंस गया था और उसे सांस लेने में बहुत तकलीफ़ हो रही थी। सबसे पहले तार को हटाना और ज़ख्मों को साफ़ करना ज़रूरी था। रेडियोग्राफ़िक जांच से राहत मिली कि हड्डियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन ज़ख्म गहरे हैं और इसे जंगल में छोड़ने से पहले रोज़ाना लगातार देखभाल की ज़रूरत होगी।”

रक्तदान से पहले स्वास्थ्य मानकों की जानकारी जरूरी: डॉ. नीतू चौहान

2000 यूनिट रक्त संग्रह के लक्ष्य के साथ आगरा व्यापार मंडल ने शुरू किया जनजागरण अभियान

रक्तदान जागरूकता गोष्ठी में विशेषज्ञों ने बताए सुरक्षित रक्तदान के महत्वपूर्ण नियम
16 अगस्त को आगरा व्यापार मंडल लगाएगा चतुर्थ विशाल रक्तदान शिविर

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आगरा। आगरा व्यापार मंडल द्वारा 16 अगस्त को दरेसी स्थित रामस्वरूप गर्ल्स इंटर कॉलेज में आयोजित होने जा रहे चतुर्थ विशाल रक्तदान शिविर से पूर्व कमला नगर स्थित लोकहितम ब्लड बैंक में रक्तदान जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की मुख्य वक्ता एसएन मेडिकल कॉलेज के रक्तकोष विभाग की अध्यक्ष डॉ नीतू चौहान ने रक्तदान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को जागरूक किया।
डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति ने टैटू बनवाया है तो वह तीन माह बाद ही रक्तदान कर सकता है। अल्कोहल का सेवन करने के अगले दिन रक्तदान नहीं करना चाहिए। रक्तदान के लिए हीमोग्लोबिन कम से कम 12.5 ग्राम तथा वजन न्यूनतम 45 किलोग्राम होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इंसुलिन पर निर्भर मधुमेह रोगी रक्तदान नहीं कर सकते, जबकि नियंत्रित मधुमेह (ब्लड शुगर 200 के भीतर) वाले व्यक्ति चिकित्सकीय परीक्षण के बाद रक्तदान कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करते रहे हैं, वे 65 वर्ष की आयु तक रक्तदान कर सकते हैं, जबकि पहली बार रक्तदान करने वाले व्यक्ति के लिए अधिकतम आयु 60 वर्ष निर्धारित है। उन्होंने कहा कि प्लेटलेट्स किसी भी ब्लड ग्रुप के मरीज को चढ़ाई जा सकती हैं। साथ ही यह भी जानकारी दी कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को उनके माता-पिता का रक्त नहीं चढ़ाया जा सकता, हालांकि अभिभावक अन्य मरीजों के लिए रक्तदाता बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि ओ-नेगेटिव रक्त समूह को सार्वभौमिक दाता माना जाता है, जबकि एबी पॉजिटिव रक्त समूह का व्यक्ति किसी भी ब्लड ग्रुप का रक्त प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक चिकित्सकीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सेवा और जीवन बचाने की गौरवशाली परंपरा है।
आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि संस्था इस वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए 2000 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों एवं सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर इस अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
लोकहितम ब्लड बैंक के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी ब्लड बैंक आगरा व्यापार मंडल के इस महाअभियान में पूर्ण सहयोग देगा। ब्लड बैंक की विशेषज्ञ टीम शिविर में पूरे दिन उपस्थित रहकर रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श एवं रक्तदान की समस्त व्यवस्थाएं संभालेगी।
महामंत्री अखिलेश अग्रवाल एवं निदेशक संजीव जैन ने कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान समाज के प्रति सबसे बड़ा मानवीय दायित्व है। प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
गोष्ठी का संचालन राजीव गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अशोक मंगवानी, नितेश अग्रवाल, कन्हैयालाल राठौर, जयप्रकाश अग्रवाल, संदीप गुप्ता, राजेंद्र सचदेवा, सुरेश बरेजा, राजेश सिंघल, योगेश रखवानी, बृजमोहन रेपुरिया, नितिन अग्रवाल, दुष्यंत गर्ग, रितेश राठौर, साहूकार सिंह आदि ने रक्तदान से संबंधित जिज्ञासाओं पर विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे।

डिपीए ने पुण्य तिथि पर स्वर्गीय  राम उजागर पांडे को किया याद 

बाबा न्यूज 

आगरा। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के संस्थापक महामंत्री फार्मेसी रत्न स्वर्गीय  राम उजागर पांडे की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर एस एन मेडिकल कॉलेज आगरा के वाह्य रोग विभाग में जनपद आगरा के सभी फार्मासिस्ट साथियों द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके संगठन के प्रति समर्पण एवं आदर्शों पर चलने का सभी ने संकल्प लिया ।उनके द्वारा संगठन के उत्थान हेतु किए गए कार्यों एवं व्यक्तित्व पर विचार व्यक्त किए। प्रांतीय महामंत्री डॉ रवींद्र सिंह राना ने उनके संगठन के प्रति समर्पण और आदर्शो पर चलने का प्रयास किया जाएगा। मुख्य संरक्षक डॉ महेश बघेल, डॉ रामभक्त मिश्रा,जिलाध्यक्ष डॉ मुकेश शर्मा, मंडल अध्यक्ष डॉ राजीव उपाध्याय, मंडलीय सचिव डॉ रामनरेश परमार, डॉ सुभाष बघेल,प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ मुनेन्द्र चाहर,उपाध्यक्ष डॉ जितेन्द्र कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ प्रवीण मिश्रा, डॉ योगेश चौधरी, डॉ एन के पाल ,डॉ अनुराग शर्मा, डॉ श्याम सुंदर, डॉ योगेन्द्र शर्मा, डॉ उदय प्रताप, डॉ सुशील शर्मा, डॉ कमलेश जैन,डॉ प्रतिभा शर्मा, डॉ शर्मिष्ठा चाहर, डॉ विनोद पाल, विमल कुमार शर्मा, धीरज तिवारी एवं ट्रेनी फार्मासिस्टों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

वाइल्डलाइफ एसओएस ने अभी तक 5 लाख से अधिक देशी पौधे लगाकर रचा नया कीर्तिमान

बाबा न्यूज
वाइल्डलाइफ एसओएस ने भारत के विभिन्न पुनर्स्थापना स्थलों पर पिछले 5 वर्षों में 5 लाख से अधिक देशी पौधे रोपित कर संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि संस्था की पारिस्थितिक पुनर्स्थापना, जलवायु संरक्षण तथा वन्यजीव संरक्षण के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देशभर में मनाए जा रहे वन महोत्सव के अवसर पर संस्था इस उपलब्धि के साथ-साथ वृक्षारोपण के माध्यम से क्षतिग्रस्त प्राकृतिक जंगलों के पुनर्जीवन से हो रहे सकारात्मक एवं दीर्घकालिक प्रभावों को रेखांकित कर रही है।

इसके अंतर्गत इसी वर्ष मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में 2,000 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया गया। इस अभियान के दौरान जामुन, अनार, अमरूद, शहतूत, इमली, नीम, गूलर तथा कटहल जैसे फलदार एवं देशी वृक्ष लगाए गए, जिन्हें स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध करने की क्षमता के आधार पर चुना गया।

यह व्यापक पहल उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित एलिफेंट प्रोजेक्ट, कर्नाटक के बनेरघट्टा भालू बचाव केंद्र तथा रामदुर्गा वैली हैबिटेट कंजर्वेशन प्रोजेक्ट जैसे प्रमुख पुनर्स्थापना स्थलों तक फैली हुई है। इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र स्थित लेपर्ड प्रोजेक्ट तथा जम्मू-कश्मीर में वाइल्डलाइफ एसओएस के विभिन्न परियोजना स्थलों पर भी वृक्षारोपण एवं प्राकृतिक आवासों के पुनर्स्थापना के कार्य किए गए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य देशी वनस्पतियों के रोपण के माध्यम से क्षतिग्रस्त पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्जीवित करना है, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हो, मृदा अपरदन को रोका जा सके, कार्बन अवशोषण को बढ़ावा मिले तथा वन्यजीवों के लिए सुरक्षित एवं टिकाऊ प्राकृतिक आवास विकसित किए जा सकें।

इन प्रयासों का सबसे उल्लेखनीय परिणाम कर्नाटक की रामदुर्गा घाटी में देखने को मिला, जहाँ खनन एवं वनों की कटाई से प्रभावित एक बंजर क्षेत्र को व्यापक वृक्षारोपण एवं जंगल पुनर्स्थापना के माध्यम से एक समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तित किया गया। इन प्रयासों से भूजल पुनर्भरण में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे अब गर्मियों के दौरान भी बोरवेल के माध्यम से खेती संभव हो पाई है तथा ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन में कमी आई है।

इसी प्रकार मथुरा स्थित एलिफेंट प्रोजेक्ट के आसपास बड़े पैमाने पर किए गए वृक्षारोपण ने देशी हरित क्षेत्र का विस्तार किया है और जैव विविधता के अनुकूल वातावरण तैयार किया है। इसके परिणामस्वरूप यहाँ जकोबियन कुक्कू, काला तीतर, येलो फुट ग्रीन पिजन, इंडियन ग्रे हॉर्नबिल, किंगफिशर जैसी अनेक पक्षी प्रजातियों की वापसी देखी गई है। पक्षियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ इस क्षेत्र में बंगाल मॉनिटर लिज़र्ड की उपस्थिति भी दर्ज की गई है, जो एक स्वस्थ एवं संतुलित तंत्र का महत्वपूर्ण संकेत है।

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक एवं सीईओ, कार्तिक सत्यनारायण ने कहा “5 लाख से अधिक पौधे लगाना केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह उन पारिस्थितिक तंत्रों को पुनर्जीवित करने की हमारी वर्षों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिन पर वन्यजीवों और मानव समुदायों दोनों का भविष्य निर्भर करता है। वर्षों के दौरान हमने क्षतिग्रस्त वनों को पुनर्जीवित होते, वन्यजीव आवासों को फिर से जुड़ते तथा स्थानीय समुदायों को संरक्षण के सक्रिय भागीदार बनते देखा है। लगाया गया प्रत्येक पौधा जैव विविधता और पृथ्वी के अधिक सुरक्षित एवं सुदृढ़ भविष्य में किया गया एक निवेश है।”

वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक एवं सचिव, गीता शेषमणि ने कहा, सफल संरक्षण तभी संभव है जब उससे वन्यजीवों के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी लाभ मिले। वनों को पुनर्स्थापना और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से हमने वनों पर बढ़ते दबाव को कम करने के साथ-साथ स्थानीय आजीविका को भी सशक्त बनाने का कार्य किया है।

वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजू राज एम.वी, ने कहा*, देशी वृक्ष केवल हरियाली नहीं बढ़ाते, बल्कि वे सम्पूर्ण पारिस्थितिक तंत्र का पुनर्निर्माण करते हैं। ये मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, भूजल स्तर को पुनर्भरित करने तथा वन्यजीवों के लिए भोजन और आश्रय उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मथुरा स्थित हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र में पक्षियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ इस क्षेत्र में बंगाल मॉनिटर लिज़र्ड की उपस्थिति इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हमारे संरक्षण प्रयास दीर्घकालिक और सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।