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युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाएं: प्रो. एस. पी.सिंह

 

 

सेंट जॉन्स कॉलेज महाविद्यालय में नशा मुक्त विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम 2026 का आयोजन
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आगरा। राष्ट्रीय सेवा योजना, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध सेंट जॉन्स कॉलेज महाविद्यालय, आगरा में विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माई भारत जिला युवा अधिकारी डॉ श्रवण कुमार सहगल रहे। आयोजन के सूत्रधार महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एस. पी.सिंह ने अपने प्रेरक उद्बोधन मे युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा सक्रिय भूमिका निभाएंगे| इसी के साथ आर बी एस कॉलेज के नशा मुक्त वॉरियर प्रो. राजीव कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए | कार्यक्रम अधिकारी डॉ वेंकटस्वामी ने युवाओं को सशक्त करने हेतु विशेष बिंदुओं पर चर्चा की|
इस अवसर पर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा जिला युवा अधिकारी डॉ श्रवण कुमार सहगल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओ की जानकारी प्रदान की। युवाओं को देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
माई भारत यूथ आइकन सुश्री श्रद्धा पावस्कर ने अपने विचार साझा किए। माई भारत से जुड़ने व नशा मुक्त विकसित भारत पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में लगभग 150 राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आयशा बेगम , डॉ प्रवीण कुमार त्यागी, डॉ वेंकट, पूर्व स्वयंसेवक कुर्बान खान, अक्षय ,राम,कार्तिक और राम मधुकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का सफल संचालन कनक एवं शिवम द्वारा किया गया।

कोई मिसरा उछाल देता है, गिरते गिरते संभाल लेता है…..

दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के चर्चित कार्यक्रम वंस मोर सीजन-4 में डॉ मुक्ता सिकरवार ने दी शानदार प्रस्तुति

आगरा की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ मुक्ता सिकरवार के काव्य-पाठ को मिली जाने-माने कवियों की सराहना

27 जुलाई को शाम 7:30 बजे दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर होगा वंस मोर सीजन-4 कवि सम्मेलन का प्रसारण

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आगरा। दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के चर्चित कार्यक्रम वंस मोर सीजन- 4 कवि सम्मेलन में बाराबंकी ,ललितपुरऔर सीतापुर के साथ आगरा भी चमका। आगरा की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ मुक्ता सिकरवार के काव्य-पाठ को देश के जाने-माने कवियों की सराहना मिली।
राम शब्द बेनूर के निर्देशन और संयोजन तथा जाने-माने गीतकार श्री प्रियांशु गजेन्द्र के बेहतरीन संचालन में आगरा की सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ मुक्ता सिकरवार को भी काव्य पाठ करने का सुअवसर मिला।
एक से एक खूबसूरत मुतकों के बाद डॉ मुक्ता की यह ग़ज़ल सबके दिलों पर छा गयी।”जब भी खोती हूं शेरगो़ई में,
कोई मिसरा उछाल देता है।
गिरते गिरते संभाल लेता है,
मेरे कदमों को चाल देता है।
इनके साथ ललितपुर से आये हिमांशु पाण्डेय और सीतापुर से आये जगजीवन मिश्र ने भी अपने काव्य- पाठ से सबको भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम का प्रसारण 27 जुलाई, सोमवार को शाम 7:30 बजे केवल डीडी यूपी पर किया जाएगा।

स्पाइसी शुगर ने सजाया बारिश की रिमझिम में आत्मीयता, मुस्कान- दोस्ती का खूबसूरत उत्सव

रोचक खेलों, सवाल-जवाब और सम्मान समारोह के बीच खुद से प्रेम करने व जीवन को सकारात्मकता से जीने का लिया संकल्प
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आगरा। स्पाइसी शुगर संस्था द्वारा सोमवार को होटल हॉलीडे इन में आओ एक-दूजे को जानें विषय पर एक विशेष सभा का आयोजन किया गया। बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच आयोजित इस आयोजन में सदस्यों ने मनोरंजक गतिविधियों, रोचक खेलों और आत्मीय संवाद के माध्यम से एक-दूसरे को और बेहतर ढंग से जाना। कार्यक्रम का माहौल उस समय और भी खुशनुमा हो गया जब मजेदार सवालों की बौछार के साथ समस्याओं पर हल्के-फुल्के अंदाज में चर्चा हुई और पूरा सभागार ठहाकों व हंसी की फुलझड़ियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ चांदनी ग्रोवर ने सभी सदस्यों का स्वागत कर किया।
संस्था की संस्थापक पूनम सचदेवा ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा, “”हम ही हम हैं तो क्या हम हैं, तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो। बात तब है जब हम में तुम हो, और तुम में हम हो।” इन पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने सभी को एक-दूसरे को समझने, स्वीकार करने और आत्मीय संबंधों को मजबूत बनाने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की थीम के अनुरूप ऐसे अनेक मनोरंजक गेम्स आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से सदस्यों ने एक-दूसरे के व्यक्तित्व, रुचियों और विचारों को नजदीक से जाना।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रेणियों में सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। सर्वसम्मति से ‘स्टार आॅफ द मंथ’ का सम्मान रेणु लांबा और माला खेरा को प्रदान किया गया। इसके अलावा शॉपिंग क्वीन का खिताब गरिमा हेमदेव, सेल्फी क्वीन श्वेता, फैशन दीवा पल्लवी, एनर्जी बॉम्ब शिखा जैन, ट्रैवल क्वीन रिम्पी, ड्रामा क्वीन मंजरी, पॉजिटिव सोल पुष्पा, हेल्पिंग हार्ट सिमरन तथा आॅलवेज स्माइलिंग का सम्मान कोमिला धर को दिया गया।
समापन अवसर पर पूनम सचदेवा ने सभी सदस्यों को स्वयं से प्रेम करने, अपने व्यक्तित्व का सम्मान करने तथा जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं से प्रेम करना सीखता है, तभी वह दूसरों के जीवन में भी खुशियां बांट सकता है। कार्यक्रम में आस्था, आकांक्षा, डॉली, गरिमा, हरमीत, पूजा लूथरा, कविता अग्रवाल, नेहा, पायल, रानी, ऋचा, ऋतु, याशी आदि उपस्थित रहीं।

उत्तर प्रदेश – शादियों के लिए उत्तम प्रदेश

जयपुर में इंटरनेशनल इंडियन वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव 2026 में वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने प्रस्तुत किया यूपी का वेडिंग रोडमैप

राजस्थान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया कॉन्क्लेव का उद्घाटन

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जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के होटल में आयोजित इंटरनेशनल इंडियन वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव 2026 – आई डब्लयूटीसी 2026 का भव्य शुभारंभ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया गया। दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में देश भर से आए वेडिंग प्लानर, इवेंट मैनेजर, होटलियर्स और टूरिज्म इंडस्ट्री के दिग्गजों ने भाग लिया।

वेडिंग इंडस्ट्रीज एसो उत्तर प्रदेश ने रखा शादियों के लिए उत्तम प्रदेश का विजन
कॉन्क्लेव के विशेष सत्र में वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने उत्तर प्रदेश की वेडिंग इंडस्ट्री की अपार संभावनाओं को प्रस्तुत किया। वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधि मंडल संगठन के अध्यक्ष मनीष कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में इस आयोजन में प्रमुखता से शामिल हुआ। उनके साथ संगठन के महासचिव संदीप उपाध्याय, उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल और एडमिनिस्ट्रेटर अनिल भी उपस्थित रहे।

अध्यक्ष  मनीष कुमार अग्रवाल ने कहा,उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भारत का सबसे समृद्ध प्रदेश है। यहां आने वाला हर अतिथि एक विशेष अनुभव लेकर जाता है। आगरा का ताज, अयोध्या की आस्था, काशी के घाट और प्रयागराज का संगम – ये सब मिलकर यूपी को ‘वेडिंग के लिए उत्तम प्रदेश’ बनाते हैं। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश डेस्टिनेशन वेडिंग का ग्लोबल हब बने।

महासचिव संदीप उपाध्याय ने कहा, उत्तर प्रदेश की अपनी एक अलग संस्कृति है – चाहे वो खाने का स्वाद हो या मेहमाननवाजी। आज का वैवाहिक ग्राहक उत्तर प्रदेश की इस विरासत और गर्मजोशी को बहुत पसंद करता है। वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन उत्तर प्रदेश तेजी से वेडिंग सेक्टर में आगे बढ़ रहा है और रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहा है।

उपाध्यक्ष सौरभ सिंघल ने कहा, आगरा का ताज, अयोध्या का आध्यात्मिक माहौल, बनारस के घाट और प्रयागराज का पवित्र संगम – ये सभी उत्तर प्रदेश को दुनिया भर के जोड़ों के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बनाते हैं।

राजस्थान-उत्तर प्रदेश कोलैबोरेशन पर जोर
विशेष सत्र में वक्ताओं ने एक जिला एक वेडिंग डेस्टिनेशन की अवधारणा पर भी चर्चा की। वक्ताओं का मानना था कि राजस्थान की विरासत और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता मिलकर भारत को ग्लोबल वेडिंग डेस्टिनेशन बना सकती हैं। कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों वेडिंग और इवेंट प्रोफेशनल्स ने भाग लिया और उद्योग के भविष्य पर मंथन किया।

भाविपि संपर्क ने किए तुलसी पौध, जल पात्र का वितरित

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आगरा। भारत विकास परिषद् की संपर्क शाखा की ओर से तुलसी पौधा एवं पक्षी जल-पात्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन पालीवाल पार्क में कराया गया। जिसमें शहरवासियों को लगभग 250 तुलसी पौधे वितरित किए गए और लोगों को तुलसी के औषधीय गुणों की जानकारी देते हुए पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने कहा कि तुलसी मात्र एक पौधा ही नहीं, कई औषधियों की खान है। लोग इन पौधों को लगाएं और इनकी देखभाल भी करें। संस्था का उद्देश्य समाज सेवा के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए सहयोग देना है।
सचिव नितिन गुप्ता ने बताया कि आज के समय में मनुष्य ने स्वार्थ में अंधा होकर पेड़ों को काट-काट कर पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाया है। बेजुबान पक्षियों को राहत देने हेतु जल-पात्र का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष आलोक गुप्ता, अम्बा प्रसाद गर्ग, चम्पालाल गुप्ता, हरीश शर्मा, समीर भटनागर, राहुल अग्रवाल, देविका भटनागर, डॉ दिग्जेंद्र सिंह, मनोज रावत, वीरेंद्र जैन, अभिनव भटनागर, विनय अग्रवाल, प्रिया गुप्ता, अपूर्वा मित्तल, खुश्बू सिंघल, दीपक अग्रवाल, विकास जैन, अंकुर सिंघल, सीए एसके बाजपेयी, डॉ. अमित अग्रवाल, सीए विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

 

संयम ने किया तुलसी की पौध का वितरण

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आगरा। भारत विकास परिषद संयम शाखा की ओर से तुलसी की पौध का वितरण बल्केश्वर स्थित बल्केश्वर पार्क में किया गया। संस्थापक रवि शिवहरे ने कहा कि परिषद का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और आयुर्वेदिक महत्व रखने वाली तुलसी के उपयोग को बढ़ावा देना है। पौध वितरण अभियान के तहत 300 तुलसी के पौधे राहगीरों और स्थानीय नागरिकों में वितरित किए गए।
सचिव संजीव अग्रवाल ने कहा कि तुलसी न केवल धार्मिक रूप से पूजनीय है, बल्कि इसका वैज्ञानिक और औषधीय महत्व भी अत्यधिक है। तुलसी हवा को शुद्ध करती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है और घर के वातावरण को सकारात्मक बनाती है। अंत में सभी से अपील की गई की वे पौधों को केवल लें ही नहीं, बल्कि उनका संरक्षण भी करें। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष किशन गुप्ता, हर्ष खटाना, गौरव अग्रवाल, दीपेश बंसल, यतिन अग्रवाल, रवि अग्रवाल, चंद्रेश गर्ग, मनोज राठौड़, अमित अग्रवाल, संजीव शिवहरे, उमेश सिंघल, पूजा गर्ग, वैशाली, सीमा, पूजा, नीतू, रिम्पी आदि मौजूद रहे।

सराफा व्यापारी  संजय सिंघल सादाबाद होंगे राजा दशरथ,  नीता सिंघल होंगी रानी कौशल्या

 

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आगरा । श्री रामलीला कमेटी की बैठक श्री पुरुषोत्तम खंडेलवाल विधायक/अध्यक्ष की अध्यक्षता एवं महामंत्री श्री राजीव अग्रवाल के साथ संपन्न हुई, जिसमें कमेटी के पदाधिकारियों द्वारा श्री रामलीला कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष,श्री सराफा कमेटी के मंत्री एवं एस.एन सिंघल कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मूल रूप से सादाबाद के रहने वाले संजय सिंघल को इस वर्ष (वर्ष 2026 की) उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला के लिए ‘राजा दशरथ’ घोषित किया गया। श्री संजय सिंघल सादाबाद अपने को राजा दशरथ घोषित होते ही खुशी से झूम उठे व श्रीमती नीता सिंघल अपने को रानी कौशल्या बनते ही उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। श्रीमती नीता सिंघल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की मां बनते ही अपनी खुशी के आंसू नहीं रोक सकीं, उनके नयनों से खुशी की अश्रु धारा बह रही थी। श्री संजय सिंघल और श्रीमती नीता सिंघल के परिवार में उनका पुत्र रजत सिंघल व उनकी पुत्रवधू श्रीमती निमिषा सिंघल हैं और उनकी बेटी श्रीमती आयुषी गर्ग और दामाद श्री कृष्णा बिहारी गर्ग (तोता रंग ,हाथरस)हैं। श्री संजय सिंघल मूल रूप से सादाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि वह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के पिता दशरथ बनेंगे। वह इसे अपने पिता श्री (स्वर्गीय) श्री सुरेंद्र नाथ सिंघल का आशीर्वाद कहते हैं व अपनी माता जी श्रीमती माया देवी सिंघल का आशीर्वाद मानते हैं। इसी प्रकार श्रीमती नीता सिंघल जो रानी कौशल्या बनी हैं, वह इसे अपने पिता श्री पूरन लाल अग्रवाल जी का आशीर्वाद व अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती स्नेह लता अग्रवाल जी का आशीर्वाद मानती हैं। श्री संजय सिंघल जी को आज से ही परिवारीजन, इष्ट मित्र व श्री रामलीला कमेटी ने ‘राजा दशरथ’ व श्रीमती नीता सिंघल को ‘रानी कौशल्या’ कहना शुरू कर दिया है। अभी से ही इनके परिवार में श्री जयादित्य सिंघल और अनिका (जो इनकी पौत्र और पौत्री हैं) राम बारात की तैयारियों में जुट गई हैं। इसी प्रकार इनके धेवते क्रियांश और प्रथमेय द्वारा अभी से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की बारात (जो 6 अक्टूबर को निकलेगी) उसी की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
आज श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, महामंत्री राजीव अग्रवाल द्वारा उनके निवास पर जाकर उनको राजा दशरथ और रानी कौशल्या बनाया और उनके साथ श्री रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों में श्री भगवान दास बंसल, श्री विजय प्रकाश गोयल, श्री टी. एन. अग्रवाल, श्री मुकेश जोहरी, श्री मनोज अग्रवाल पोलीभाई, श्री संजय तिवारी, श्री अतुल बंसल, श्री ताराचंद अग्रवाल, श्री अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, राहुल गौतम, प्रसून मंगल और आयुष गर्ग उपस्थित थे| सभी ने श्री संजय सिंघल सादाबाद को राजा दशरथ और श्रीमती नीता सिंघल को रानी कौशल्या बनने पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं और बधाई दी हैं।

25 साल बाद फिर गूंजा सेंट कॉनरेड्स का कैंपस

 

खट्टी-मीठी यादों के साथ मना 2001 बैच का सिल्वर जुबली रीयूनियन

देश-विदेश से पहुंचे पूर्व विद्यार्थियों ने शिक्षकों का जताया आभार

ठहाकों, संस्मरणों और भावुक पलों के बीच दोबारा जीया स्कूल जीवन

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आगरा। सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज के वर्ष 2001 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने 25 वर्षों बाद अपने प्रिय विद्यालय की चौखट पर कदम रखा तो मानो समय एक बार फिर पीछे लौट गया। कभी कक्षा में साथ बैठने वाले सहपाठी एक-दूसरे से गले मिलते दिखाई दिए तो कहीं पुराने किस्सों पर ठहाके गूंजे। शरारतों, दोस्ती, अनुशासन और गुरुजनों के स्नेह से जुड़ी खट्टी-मीठी यादों को दोबारा जीते हुए सिल्वर जुबली रीयूनियन भावनाओं और उल्लास का अद्भुत संगम बन गया।
इस विशेष आयोजन में ऑस्ट्रेलिया, यूके, यूएसए, दुबई सहित अन्य देशों तथा भारत के विभिन्न शहरों से आए पूर्व विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। वर्षों बाद सहपाठियों और शिक्षकों से मिलकर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यालय का प्रत्येक कोना पुरानी यादों को ताजा कर रहा था और हर मुलाकात में अपनत्व झलक रहा था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य रेव. फादर बिपिन कुजूर, प्रबंधक रेव. फादर ग्रेशियन, सहायक प्रबंधक रेव. फादर लॉरेंस साल्डाना तथा शिक्षकों के आत्मीय स्वागत एवं प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए पुराने दिनों की कई रोचक घटनाएं साझा कीं। पूर्व विद्यार्थियों ने भी अपने जीवन में शिक्षकों के मार्गदर्शन की भूमिका को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की तथा स्मृति-चिह्न भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रीयूनियन के दौरान कभी पुरानी शरारतों का जिक्र हुआ तो कभी कक्षा के मजेदार प्रसंगों पर सभी खुलकर हंसे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मनोरंजक गतिविधियों, अनुभव साझा करने के सत्र और अनौपचारिक संवाद ने पूरे माहौल को जीवंत बना दिया। सभी ने एक स्वर में स्वीकार किया कि विद्यालय से मिली शिक्षा, संस्कार और मित्रता आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
कार्यक्रम संयोजक गौरव खंडेलवाल ने बताया कि सिल्वर जुबली रीयूनियन केवल 25 वर्षों बाद मिलने का अवसर नहीं था, बल्कि उन अनमोल यादों, संस्कारों और मित्रताओं को फिर से जीने का भावनात्मक उत्सव था, जिन्होंने सभी के जीवन को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आए पूर्व विद्यार्थियों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि सेंट कॉनरेड्स इंटर कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार है, जिसके रिश्ते समय और दूरियों से भी मजबूत बने रहते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से सभी पूर्व छात्र एकत्र हुए। उन्होंने बताया कि सभी पूर्व विद्यार्थियों के ओर से विद्यालय को एक एयर कंडीशनर एवं अन्य सहयोग के लिए राशि भेंट की गई।
कार्यक्रम का सफल संचालन बैच 2001 की कोर कमेटी ने किया, जिसमें अंकुर अग्रवाल, सीए विपुल बंसल, गौरव खंडेलवाल, अमित खंडेलवाल, पारुल अग्रवाल, दिवाकर पंजवानी, शिष्ट सिक्का एवं विकास मिश्रा शामिल रहे। विद्यालय की शिक्षिका रूपाली शर्मा ने विद्यालय की ओर से आयोजन के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

देयर इस ए घोस्ट इन माय रूम: लिविंग विद द सुपरनेचुरल पर हुई रोचक परिचर्चा

 

भूत नहीं, मानवीय स्मृतियों और अदृश्य अनुभवों की कहानी है यह पुस्तक: संजय के. रॉय
लिट आगरा के मंच पर विज्ञान, अध्यात्म और अलौकिक अनुभवों पर हुआ सार्थक संवाद
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आगरा। लिट आगरा संस्था द्वारा संजय प्लेस स्थित होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट में प्रख्यात कला-संस्कृति उद्यमी एवं लेखक संजय के. रॉय की चर्चित पुस्तक ‘देयर इस ए घोस्ट इन माय रूम: लिविंग विद द सुपरनेचुरल ‘ के विमोचन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुस्तक के विमोचन से हुआ। पुस्तक का लोकार्पण सेंट जॉन्स कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एसपी सिंह, हरविजय बाहिया, डॉ. रंजना बंसल, डॉ. संदीप अग्रवाल, प्रो. निबीर घोष, डॉ. अशोक शर्मा एवं डॉ. राजीव भाटिया ने संयुक्त रूप से किया।
निधि लाल ने कार्यक्रम संचालन के दौरान लेखक संजय के. रॉय का परिचय देते हुए बताया कि वे देश के अग्रणी सांस्कृतिक उद्यमियों में शामिल हैं। वे टीमवर्क आर्ट्स के प्रबंध निदेशक हैं, जो भारत और विदेशों के अनेक प्रतिष्ठित साहित्य, कला एवं सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन करता है। विश्व के सबसे बड़े साहित्यिक आयोजनों में शामिल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के संस्थापक सदस्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे सलाम बालक ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी हैं तथा कला एवं संस्कृति से जुड़े अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में महत्वपूर्ण दायित्व निभा चुके हैं। संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें ब्रिटेन के यॉर्क विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट से भी सम्मानित किया जा चुका है।
परिचर्चा के दौरान नीलम मेहरोत्रा और सुधा कपूर ने लेखक से परा दुनिया, आत्माओं, अलौकिक अनुभवों और अदृश्य संसार से जुड़े अनेक रोचक प्रश्न किए। उनके उत्तर में संजय के. रॉय ने कहा कि उनकी पुस्तक किसी अंधविश्वास को बढ़ावा देने का प्रयास नहीं है, बल्कि जीवन में घटित उन वास्तविक अनुभवों का ईमानदार दस्तावेज है, जिन्हें उन्होंने स्वयं महसूस किया। उन्होंने बताया कि मात्र पाँच वर्ष की आयु में कोलकाता स्थित अपने पैतृक घर में उन्होंने पहली बार किसी अदृश्य उपस्थिति का अनुभव किया। इसके बाद दिल्ली और फिर भारत तथा विदेशों की यात्राओं के दौरान उन्हें अनेक ऐसे अनुभव हुए, जिन्होंने उन्हें यह सोचने पर विवश किया कि हमारे ज्ञात संसार के समानांतर भी एक ऐसी दुनिया हो सकती है, जिसे विज्ञान अभी पूरी तरह समझ नहीं पाया है।
विज्ञान और पराविज्ञान के संबंध में अपने विचार रखते हुए संजय के. रॉय ने कहा कि विज्ञान का कार्य प्रश्न पूछना और प्रमाण तलाशना है, जबकि मनुष्य के अनेक अनुभव ऐसे होते हैं जिन्हें तत्काल वैज्ञानिक कसौटी पर नहीं कसा जा सकता। उन्होंने कहा कि हर अनजानी घटना को अंधविश्वास कहकर खारिज कर देना भी उचित नहीं और बिना विवेक के हर बात पर विश्वास करना भी सही नहीं। आवश्यकता खुले मन, जिज्ञासा और संवेदनशील दृष्टि से इन अनुभवों को समझने की है। उन्होंने कहा कि भय से अधिक महत्वपूर्ण है समझ और अनुभव, क्योंकि हर रहस्य के पीछे कोई न कोई मानवीय कहानी छिपी होती है।
लेखक ने बताया कि देयर इस ए घोस्ट इन माय रूम: लिविंग विद द सुपरनेचुरल केवल भूत-प्रेत की कहानियों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह एक संस्मरणात्मक यात्रा है, जिसमें स्मृतियां, यात्राएं, मानवीय रिश्ते, हास्य, रोमांच और जीवन के अनुत्तरित प्रश्न एक साथ चलते हैं। पुस्तक यह संकेत देती है कि शायद हमारे संसार के समानांतर भी एक ऐसा आयाम मौजूद है, जहां स्मृतियां, आत्माएं और ऊर्जा किसी न किसी रूप में विद्यमान रहती हैं। उन्होंने कहा कि आत्माओं को केवल डर का प्रतीक नहीं मानते, बल्कि उन्हें स्मृतियों, अधूरी इच्छाओं और मानवीय भावनाओं से जोड़कर देखते हैं। कहीं वे शरारती हैं, कहीं उदास, तो कहीं अशांत। पुस्तक विज्ञान और अध्यात्म, तर्क और अनुभव के बीच संतुलित संवाद स्थापित करती है और पाठक को यह सोचने पर विवश करती है कि क्या वास्तव में हमारी इंद्रियों से परे भी कोई संसार हो सकता है।
इस अवसर पर पूजा बंसल एवं अनुपम बोहरा ने पुस्तक के चुनिंदा अंशों का प्रभावशाली पाठ किया।
हरविजय बाहिया ने कहा कि आत्मकथा, यात्रा-वृत्तांत और अलौकिक अनुभवों का अनूठा संगम है। इसमें लेखक संजय के रॉय कोलकाता के पैतृक घर से लेकर लुटियंस दिल्ली और भारत सहित विदेशों के अनेक स्थानों पर हुए रहस्यमय अनुभवों का जीवंत वर्णन है।
कार्यक्रम में मनीष बंसल, रजनीश खंडेलवाल, विनोद महेश्वरी, पूनम सचदेवा, राशि गर्ग, कविता अग्रवाल, मोहित महाजन, श्वेता बंसल, दिव्या गोयल आदि उपस्थित रहे।

 

समर्पण की अंताक्षरी प्रतियोगिता में गूंजे सुरों के रंग

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आगरा। भारत विकास परिषद् समर्पण शाखा की ओर से फतेहाबाद रोड स्थित होटल सनरिंग में आयोजित प्रतिभा निखार अंताक्षरी प्रतियोगिता में संगीत, मनोरंजन और उत्साह का शानदार संगम देखने को मिला। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी-धजी महिलाओं ने अपनी टीमों के साथ मंच पर फिल्मी और सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर सभी का दिल जीत लिया। वहीं उपस्थित दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रांतीय सचिव सीए विवेक अग्रवाल, उपाध्यक्ष धर्मगोपाल मित्तल, कार्यक्रम प्रभारी सोनम मित्तल, सोनिया गर्ग, पूजा गोयल एवं श्वेता कंसल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
शाखा अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि प्रतियोगिता में पहली बार छह टीमों ने एक ही मंच पर अंताक्षरी में भाग लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों ने गीतों के साथ मिमिक्री और फिल्मी संवादों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का भी लगाया।
शाखा सचिव समीर जैन व कोषाध्यक्ष उमंग गोयल ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य महिलाओं को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को मंच प्रदान करना है, ताकि वे परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी कला का भी प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सौरभ गोयल, विजित गुप्ता, नवनीत गर्ग, प्रदीप सिंघल, विशाल सक्सेना, अंकित गर्ग, रिकेश मित्तल, गोविन्द सुगंधि, अनुज बंसल आदि उपस्थित रहे।