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ई-वेस्ट से बनेगा फाइटर जेट का ‘स्टेल्थ कवच’:IIT-BHU और आइसलैंड के वैज्ञानिकों ने विकसित किया किफायती AI मॉडल

दुश्मन के रडार की पकड़ से लड़ाकू विमानों को बचाने वाली स्टेल्थ तकनीक को किफायती बनाने की दिशा में आईआईटी बीएचयू और आइसलैंड के वैज्ञानिकों ने अहम शोध किया है। वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसकी मदद से इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) से रडार तरंगों को अवशोषित करने वाला मटेरियल तैयार करने में मदद मिल सकती है। इससे भविष्य में कम लागत और कम मोटाई वाली स्टेल्थ तकनीक विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस शोध के आधार पर महज 1.3 मिलीमीटर मोटाई वाले रडार एब्जॉर्बिंग मटेरियल के विकास की संभावना बताई गई है। ऐसी सामग्री रडार से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगों को सोखने में सक्षम हो सकती है। इससे लड़ाकू विमानों की रडार पर पहचान कम करने वाली तकनीक के विकास में मदद मिल सकती है। AI मॉडल से मटेरियल के गुणों का विश्लेषण आईआईटी बीएचयू के स्कूल ऑफ मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के डॉ. रवि पंवार और आइसलैंड की रेक्जेविक यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस विषय पर अध्ययन किया है। शोध में इलेक्ट्रॉनिक कचरे से तैयार सामग्री के गुणों का विश्लेषण करने के लिए विद्युत चुंबकीय मॉडलिंग और AI का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिकों ने इसके लिए मल्टीलेयर परसेप्ट्रॉन (MLP) आधारित AI मॉडल तैयार किया। इसकी मदद से कंपोजिट मटेरियल के गुणों का विश्लेषण कर रडार तरंगों को अवशोषित करने वाली सामग्री के विकास की दिशा में काम किया जा सकता है। इस तकनीक का उद्देश्य मटेरियल की मोटाई और संभावित लागत को कम करने के विकल्प तलाशना है। ई-वेस्ट का उपयोग, लागत घटाने की उम्मीद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने के बाद निकलने वाले कचरे का उपयोग नई उपयोगी सामग्री बनाने में किया जा सकता है। शोध में इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए ई-वेस्ट आधारित मटेरियल के गुणों का अध्ययन किया गया है। यदि इस तकनीक को आगे व्यावहारिक स्तर पर विकसित किया जाता है, तो कम लागत वाली रडार-अवशोषक सामग्री तैयार करने में मदद मिल सकती है। यह शोध IEEE Transactions on Dielectrics and Electrical Insulation के वर्ष 2026 के अंक में प्रकाशित हुआ है।

एक तरफ वकील दूसरी तरफ जूनियर डॉक्टरों का प्रदर्शन:एक घंटे तक मेडिकल चौराहे पर दिया धरना, सुरक्षा की मांग की

प्रयागराज में वकीलों और डॉक्टरों के बीच चल रहे विवाद को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने भी नाराजगी जताई। सोमवार को जूनियर डॉक्टर मेडिकल चौराहे पर करीब एक घंटे तक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की और विरोध प्रदर्शन किया। देखें तस्वीरें….. जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं और आए दिन विवाद की स्थिति बनती रहती है। इससे डॉक्टरों में नाराजगी है। इसी को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल चौराहे पर एकजुट होकर प्रदर्शन किया और सुरक्षा की मांग उठाई। इस दौरान बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टर मेडिकल चौराहे पर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और जिम्मेदार अधिकारियों से उचित कदम उठाने की मांग की। बड़ी संख्या में पुलिस बल रही मौजूद प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मेडिकल चौराहे पर बड़ी संख्या में पुलिस बल और पुलिस अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने धरने पर बैठे जूनियर डॉक्टरों को समझाया और उनकी सुरक्षा से जुड़ी मांगों पर बातचीत की। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने डॉक्टरों को समझा-बुझाकर धरने से हटा दिया, जिसके बाद चौराहे पर स्थिति सामान्य हुई।

तीसरी मंजिल से गिरकर होटल कारोबारी के बेटे की मौत:हरबंश मोहाल में घर पर ब्रश कर रहा था, 8 माह पहले हुई थी शादी

हरबंशमोहाल क्षेत्र में सोमवार सुबह होटल कारोबारी का बेटा घर की तीसरी मंजिल के छज्जे से नीचे आ गिरा। राहगीरों ने शोर मचाकर परिवार वालों को आवाज दी, जिसके बाद वह उसे पास के निजी अस्पताल ले गए जहां कुछ देर चले इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब वह छज्जे पर खड़ा होकर ब्रश कर रहा था, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया। फरवरी 2026 में हुई थी शादी दौलतगंज निवासी अनिल शर्मा का कैनाल रोड पर बनारस होटल है। वह अपने भाइयों के साथ होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार संभालते हैं। उनके भाई अजय शर्मा का 27 साल का बड़ा बेटा रोहन शर्मा भी पिता के साथ कारोबार में हाथ बंटाता था। इसी साल फरवरी में उसकी पूर्वा से शादी हुई थी। परिवार में मां गायत्री और छोटा भाई रोहित है। छोटे भाई रोहित ने बताया कि घर की तीसरी मंजिल पर बाथरूम है, रोहन अक्सर घर के छज्जे पर खड़े होकर ब्रश करता था। सोमवार सुबह करीब नौ बजे भी छज्जे पर खड़े होकर ब्रश कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से वह नीचे सड़क पर जा गिरा। आवाज सुनकर पहुंचे राहगीर युवक के सड़क पर गिरने की आवाज सुनकर राहगीरों ने शोर मचाते हुए परिवार वालों को जानकारी दी। परिवार वाले उसे गंभीर हालत में पास के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ देर चले इलाज के दौरान करीब 40 फिट ऊंचाई से गिरने की वजह से सिर मे आई गंभीर चोटों से उसकी मौत हो गई। हरबंश मोहाल थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि परिवार वालों का कहना है कि छज्जे से गिरने की वजह से हादसा हुआ है, मामले की जांच की जा रही है।

बाराबंकी में चलती कार धू-धूकर जली:ड्राइवर ने पत्नी संग कूदकर बचाई जान, बहराइच हाईवे पर 3 किमी तक लगा जाम

बाराबंकी में बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामनगर थाना क्षेत्र के मलिहामऊ मोड़ के पास सोमवार की शाम में चलती हुंडई क्रेटा कार में अचानक आग लग गई। कार से धुआं उठता देख चालक ने तत्काल वाहन रोक दिया और पत्नी के साथ बाहर निकल आया। कुछ ही देर में कार आग की लपटों से घिर गई। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। करीब तीन किलोमीटर तक जाम लगने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। धुआं उठते ही रोकी कार, बाहर निकलकर बचाई जान सीतापुर निवासी अभय प्रताप अपनी पत्नी के साथ हुंडई क्रेटा कार से बहराइच गए थे। सोमवार को दोनों वहां से लखनऊ लौट रहे थे। इसी दौरान रामनगर क्षेत्र के मलिहामऊ मोड़ के पास अचानक कार से धुआं उठने लगा। खतरे को भांपते हुए अभय प्रताप ने कार रोक दी और पत्नी के साथ बाहर निकल आए। देखते ही देखते कार आग की लपटों में घिर गई। सड़क पर जलती कार देखकर आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। दमकल के देर से पहुंचने का आरोप कार में आग लगने की सूचना दमकल विभाग को दी गई। राहगीरों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल की गाड़ी करीब एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। हालांकि, दमकल के पहुंचने में देरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बाद में दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया। तीन किलोमीटर तक वाहनों की कतारें हाईवे पर कार में आग लगने और मौके पर जुटे लोगों के कारण यातायात प्रभावित हो गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब तीन किलोमीटर तक जाम लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। घटना में कार बुरी तरह आग की चपेट में आ गई। हालांकि, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। इस घटना के बाद हाईवे पर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। राहत की बात यह रही कि चालक और उनकी पत्नी समय रहते कार से बाहर निकल आए और दोनों सुरक्षित बच गए।

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रेक्षक हटे:भाजपा MLC की शिकायत पर दायित्व से मुक्त किया गया; प्रकाश बिन्दु को जिम्मेदारी

भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत के बाद मतगणना से एक दिन पहले ही मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रेक्षक रहे 2007 बैच के आईएएस अभय सिंह को इस दायित्व से मुक्त कर दिया है। उनकी जगह 2009 बैच के आईएएस अधिकारी प्रकाश बिन्दु को जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें तत्काल निर्वाचन क्षेत्र में रिपोर्ट करने को कहा गया है। देवेंद्र सिंह ने अभय सिंह के खिलाफ सीबीआई की चार्जशीट का हवाला देते हुए भारत निर्वाचन आयोग को मेल किया था। उसके बाद मतगणना कर्मियों को खुला पत्र भी लिखा था। माना जा रहा है कि किसी प्रकार के विवाद से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।