नर्सेज संघ की मांगें नहीं मानीं तो होगी हड़ताल
नर्सिंग अधिकारियों का दो घंटे कार्य बहिष्कार, मरीज परेशान : सतीश त्यागी
बाबा न्यूज
आगरा। राजकीय नर्सेज संघ के बैनर तले जिला अस्पताल आगरा सहित विभिन्न सरकारी अस्पतालों में नर्सिंग अधिकारियों ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। आंदोलन के चलते आॅपरेशन नहीं हो सके और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नर्सिंग अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शासनादेश जारी नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।
प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश त्यागी के नेतृत्व में जिला अस्पताल में नर्सिंग अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला महिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भी कार्य बहिष्कार किया गया। संघ के अनुसार, उनका आंदोलन नौ अक्टूबर से चल रहा है। 20 अक्टूबर तक नर्सिंग अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। 21 अक्टूबर से प्रतिदिन दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है।
सतीश त्यागी ने बताया कि 22 अक्टूबर को लखनऊ में प्रदेशभर की हजारों नर्सिंग अधिकारियों ने महानिदेशक का घेराव किया था। उस दौरान कुछ मांगों पर सहमति बनी, लेकिन अभी तक संबंधित शासनादेश जारी नहीं हुआ है। इससे नर्सिंग अधिकारियों में भारी आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी नर्सिंग अधिकारियों के अधिवेशन में गृह जनपद में तैनाती और केंद्र के समान भत्ते देने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लंबे समय से मांगें उठाने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं।
सतीश त्यागी ने कहा कि नर्सिंग अधिकारी मरीजों का अहित नहीं चाहते। उनका उद्देश्य हमेशा मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना रहा है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। यदि जल्द ही 13 सूत्रीय मांगों पर शासनादेश जारी नहीं किया गया तो आंदोलन तेज करते हुए हड़ताल की जाएगी।
आंदोलन में मंडल अध्यक्ष श्रीराम शर्मा, सहायक नर्सिंग अधीक्षिका उपासना, सुषमपाल, सुमन केसरी, प्रकाश शर्मा, कुमुद शर्मा, राना, विनी, जैकी, हेमलता, रजत, रामसेवक सहित अन्य नर्सिंग अधिकारी मौजूद रहे।

