मंडलायुक्त ने कहा- ब्लैक स्पॉट सही हो, ओवरलोड वाहनों पर:सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बोले-ब्लॉक स्पॉट सही करे, दुर्घटनाओं न हो; स्कूल वाहनों की हो रूटीन चेकिंग
लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में सोमवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयुक्त सभागार में आयोजित हुई। बैठक में लखनऊ मंडल के सभी जिलों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था, दुर्घटनाओं में कमी लाने, ब्लैक स्पॉट के सुधार, ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई, विद्यालय वाहनों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।
बैठक में मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तय समय सीमा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।
ब्लैक स्पॉट का जल्द हो सुधार, ओवरलोडिंग पर सख्ती मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है, उनका गुणवत्तापूर्ण सुधार जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही कार्य पूर्ण होने के बाद उसका भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।
उन्होंने टोल प्लाजा पर स्थापित वे-इन-मोशन सिस्टम से मिलने वाली ओवरलोड वाहनों की जानकारी पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है, इसलिए ऐसे वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए।
तीन या अधिक मौत वाले हादसों की होगी विशेष जांच बैठक में वर्ष 2026 में हुई सड़क दुर्घटनाओं, हिट एंड रन योजना, गुड सेमेरिटन योजना और कैशलेस उपचार योजना की भी समीक्षा की गई।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन सड़क हादसों में तीन या उससे अधिक लोगों की मौत हुई है, उनकी जांच तय समय सीमा में पूरी कर समिति के समक्ष प्रस्तुत की जाए। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का विश्लेषण कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि ट्रॉमा सेंटर, हाईवे स्थित अस्पतालों और बड़े चिकित्सा संस्थानों में गुड सेमेरिटन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही सड़क हादसों में घायल लोगों को कैशलेस उपचार योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए।
स्कूल वाहनों की होगी नियमित जांच मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति और विद्यालय वाहन सुरक्षा समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं। स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित जांच की जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

