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रंगदारी केस में एफआईआर लेखक की गवाही पूरी:बोले-होटल कारोबारी सुरेश पाल खुद साइन की तहरीर लेकर आए थे

ढाई करोड़ रुपए रंगदारी मामले में वादी सुरेश पाल के बयान होने के बाद गुरुवार को जिलाजज अनमोल पाल की कोर्ट में एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए गए, इसके साथ ही बचाव पक्ष की ओर से जिरह भी पूरी हो गई। एफआईआर लेखक ने कोर्ट में बयान दर्ज कराते हुए बताया कि- मुकदमे में अगले गवाह के बयान दर्ज कराने के लिए 5 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। 6 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी स्वरुप नगर निवासी होटल कारोबारी सुरेश पाल ने 6 अगस्त 2025 को किदवई नगर थाने में अधिवक्ता अखिलेश दुबे व आयुष मिश्रा उर्फ लवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि वर्ष 2022 में अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथी आयुष मिश्रा उर्फ लवी ने उन्हें रेप के फर्जी मुकदमे में फंसाया और मुकदमे से बचाने के लिए ढाई करोड़ रुपए की रंगदारी वसूली। मामले में पुलिस ने अखिलेश और आयुष को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने 250 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। इसी मुकदमे की सुनवाई जिलाजज की कोर्ट में चल रही है। जिसमें वादी सुरेश पाल पूर्व में ही अपने बयानों से मुकर गए। उन्होंने बीते मंगलवार को कोर्ट में जिरह के दौरान पूछे गए सवालों पर एसआईटी पर गंभीर आरोप मढ़े थे। कहा था कि– उन पर पुलिस के बड़े अफसरों का भारी दबाव था। वह दिल्ली में इलाज करा रहे थे, अचानक फोन करके कानपुर बुलाया गया। नौबस्ता में दर्ज पॉक्सो के मुकदमे को दोबारा खोलकर उसमें जेल भेजने की धमकी दी गई और पुलिस अफसरों ने सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। अखिलेश दुबे ने उनसे कभी कोई रंगदारी नहीं मांगी, लवी को तो वह जानते भी नहीं है। 5 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई उन्होंने मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी एसआईटी के दवाब में दिए थे। मुकदमे में गुरुवार को एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए गए। कार्यवाहक डीजीसी ओंकारनाथ वर्मा ने बताया कि एफआईआर लेखक ने अपने बयानों में कहा कि सुरेश पाल खुद टाइप की हुई लेकर थाने आए थे, जिसमें उनके हस्ताक्षर थे। थाना प्रभारी के निर्देश पर ही मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद एफआईआर की कॉपी सुरेश पाल को दी गई थी। इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एफआईआर लेखक से जिरह की। जिसमें उन्होंने कई सवाल पूछे। कार्यवाहक डीजीसी ने बताया कि मामले में अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी, जिसमें तीसरे गवाह के बयान दर्ज कराए जाएंगे।

नालों की सफाई में लापरवाही मिली,नगर आयुक्त ने लिया एक्शन:डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली नेचर ग्रीन पर 10 लाख का जुर्माना लगाया

मथुरा में नगर में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए गुरुवार को दोपहर करीब 3 बजे नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने वार्ड 49 डेम्पियर नगर, वार्ड 35 बनखंडी और वार्ड 5 भरतपुर गेट क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान नालों में गंदगी, कूड़ा जमा मिलने और जीवीपी पॉइंट की सफाई में लापरवाही पर उन्होंने नाराजगी जताई। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली कार्यदायी संस्था नेचर ग्रीन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। नगर आयुक्त ने परिक्रमा मार्ग से गुरु नानक नगर, कैलाश नगर और जंक्शन रोड स्थित नालों का निरीक्षण किया। इसके बाद बनखंडी क्षेत्र के भैंस बहोरा नाले का जायजा लिया। उन्होंने जल प्रवाह, जलभराव, ओवरफ्लो और नाला निर्माण कार्यों की स्थिति देखी। निर्माण में आ रही बाधाओं को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत की और अधिकारियों को समन्वय बनाकर निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। डेम्पियर नगर में पीपल अखाड़ा के पास नाले में गंदगी और चोक होने की स्थिति मिलने पर तत्काल सफाई कराने को कहा। केआर इंटर कॉलेज के बराबर और वाल्मीकि वाटिका के सामने जीवीपी पॉइंट पर भी कूड़ा पड़ा मिला। वहीं भरतपुर गेट क्षेत्र के भैंस बहोरा-सुदामापुरी डलावघर पर भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इस पर नगर आयुक्त ने नेचर ग्रीन के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। संस्था के प्रतिनिधि ने बताया कि डलावघर से प्रतिदिन सुबह आठ बजे कूड़ा उठाया जाता है। नगर आयुक्त ने क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार कूड़ा उठान सुनिश्चित करने और नियमित सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को नालों की नियमित सफाई और निगरानी करने के साथ जल निकासी की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने को कहा। निरीक्षण में पार्षद मनोज कुमार, अपर नगर आयुक्त प्रियंका सिंह, मुख्य अभियंता संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में अयोध्या के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:कार्यालय के जनरेटर रूम में मिला शव, नवरात्र में होनी थी शादी

अयोध्या के कुमारगंज थाना क्षेत्र के बघौड़ा गांव निवासी 27 वर्षीय लवकुश चौरसिया की उत्तराखंड के देहरादून में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 30 सितंबर की सुबह उनका शव कार्यालय परिसर के जनरेटर रूम में मिला। लवकुश की शादी आगामी नवरात्र में तय होनी थी। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन देहरादून पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर गांव लौट रहे हैं। लवकुश देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सिंधु सेंटर में ईशान नेट सोल प्राइवेट लिमिटेड नाम की इंटरनेट कंपनी में काम करते थे। उनके साथ काम करने वाले हरिद्वार निवासी रोहित राठौर की भी इसी घटना में मौत हुई है। दोनों की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। जनरेटर रूम में मिला था शव जानकारी के मुताबिक, लवकुश पुत्र राम सागर चौरसिया का शव 30 सितंबर की सुबह कार्यालय परिसर के जनरेटर रूम में मिला था। परिजनों के अनुसार, उनके शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं दिखाई दिए। इससे मौत की वजह को लेकर असमंजस बना हुआ है। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। नवरात्र में होनी थी शादी लवकुश दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई अंकुश कुमार चौरसिया सूरत में मजदूरी करते हैं। अंकुश ने बताया कि लवकुश की शादी आगामी नवरात्र में तय होनी थी। परिवार में शादी की तैयारियों को लेकर बातचीत चल रही थी। इस घटना से परिवार सदमे में है। गांव में भी शोक का माहौल है।

बाराबंकी में बीईओ उपेंद्र सिंह का स्वागत:प्राथमिक शिक्षक संघ ने की मुलाकात, शैक्षिक गुणवत्ता और समन्वय पर हुई चर्चा

बाराबंकी के विकासखंड सिरौलीगौसपुर में नवागत खंड शिक्षा अधिकारी उपेंद्र सिंह का गुरुवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। ब्लॉक अध्यक्ष दिलीप तिवारी, मंत्री अनूप कुमार, कोषाध्यक्ष सूरज वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रुद्र प्रताप पांडेय, संयुक्त मंत्री संदीप सिद्धार्थ, उपाध्यक्ष दीपक कुमार, प्रचार मंत्री अमन वर्मा, शिवाकांत लेखाकार, उपाध्यक्ष बेंजिल प्रकाश, अंकित जायसवाल, अंकित तिवारी आदि ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालयों में शैक्षिक वातावरण बेहतर बनाने, शिक्षकों की समस्याओं के समाधान तथा विभाग और शिक्षक संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा हुई। शिक्षक संघ ने विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी। खंड शिक्षा अधिकारी ने आभार व्यक्त करते हुए आपसी सहयोग एवं समन्वय पर बल दिया।

आगरा खंड स्नातक-शिक्षक चुनाव के लिए फ्लाइंग स्क्वायड गठित:तीनों तहसीलों में अधिकारी और पुलिस तैनात, चुनावी गतिविधियों पर रखेंगे नजर

एटा में आगरा खंड स्नातक और शिक्षक चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने जनपद की तीनों तहसीलों में फ्लाइंग स्क्वायड बनाए हैं। इनमें अधिकारी और पुलिस उप निरीक्षक तैनात किए गए हैं। जिलाधिकारी एटा ने बुधवार को शाम छ बजे आधिकारिक जानकारी दी है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। फ्लाइंग स्क्वायड आदर्श आचार संहिता का पालन करवाएगा और चुनावी गतिविधियों पर नजर रखेगा। चुनाव की अधिसूचना 22 सितंबर 2026 को जारी हुई थी। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को कराई जाएगी। प्रशासन ने अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी मजबूत की है। एटा तहसील में तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय और उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह को जिम्मेदारी मिली है। अलीगंज में तहसीलदार संजय कुमार और उप निरीक्षक जगदीश सिंह तैनात हैं। जलेसर में तहसीलदार हीरेंश कर्दम और उप निरीक्षक रमेश चंद्र को फ्लाइंग स्क्वायड अधिकारी बनाया गया है। ये स्क्वायड जनसभाओं, जुलूसों और अन्य चुनावी गतिविधियों की वीडियोग्राफी करवाएंगे। आचार संहिता के उल्लंघन पर आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई भी करेंगे।

आगरा में दूसरे दिन 16 प्रत्याशियों ने लिए नामांकन पत्र:शिक्षक-स्नातक MLC के लिए अब तक एक भी पर्चा दाखिल नहीं

उत्तर प्रदेश विधान परिषद आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन बुधवार को कुल 16 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र प्राप्त किए। इनमें शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 7 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 9 प्रत्याशी शामिल हैं। अब तक किसी भी प्रत्याशी ने पर्चा जमा नहीं किया है।
शिक्षक MLC के लिए इन्होंने लिए फॉर्म आकाश अग्रवाल, मदन मोहन शर्मा, अमित कुमार, धीरज सिंह, प्रकाश चंद्र, जगवीर सिंह और शैलेन्द्र कुमार सिंह।
स्नातक MLC के लिए इन्होंने लिए फॉर्म
सुरेश कुमार मलानी, यतेंद्र सिंह गहलोत, अनुराग सिंह, आनंद कुमार, रूप सिंह, रघुराज सिंह, अंजू पाल, राहुल गुप्ता और राजेंद्र सिंह ने नामांकन पत्र प्राप्त किए।
27 शिक्षक और 46 स्नातक मतदान केंद्र प्रस्तावित
चुनाव को लेकर प्रशासन ने मतदान केंद्रों की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 27 मतदान केंद्र और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 46 मतदान केंद्र प्रस्तावित हैं। बिचपुरी और कटरा बजीर खां में मतदाताओं की संख्या निर्धारित मानक से अधिक होने के कारण दोनों केंद्रों पर एक-एक सहायक मतदेय स्थल बनाए जाने का प्रस्ताव है।
वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जूनियर हाईस्कूल नगर निगम बजीरपुरा का भवन जर्जर होने के कारण इसी मतदान क्षेत्र में सेंट जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज, बजीरपुरा रोड को नया मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
23 अक्टूबर को मतदान, 27 को मतगणना
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी हो चुकी है। 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर को नाम वापसी की अंतिम तारीख है। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। निर्वाचन प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी करा ली जाएगी।
12 जिलों के मतदाता करेंगे मतदान
आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, कासगंज, हाथरस, औरैया और कन्नौज जिले शामिल हैं।
नामांकन के लिए सामान्य वर्ग के प्रत्याशी को 10 हजार रुपये, जबकि एससी/एसटी वर्ग के प्रत्याशी को 5 हजार रुपये जमानत राशि चालान के माध्यम से जमा करनी होगी। नामांकन कमिश्नरी स्थित न्यायालय आयुक्त कक्ष संख्या-4 में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जा रहा है।

ब्रिज कोर्स में पासिंग मार्क की बाध्यता हटाने की मांग:बलिया में डीएम को सीएम के नाम 69000 शिक्षक भर्ती के शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन

बलिया में 69000 शिक्षक भर्ती में चयनित बीएड योग्यताधारी शिक्षकों ने छह माह के ब्रिज कोर्स में पासिंग मार्क की अनिवार्यता हटाने की मांग की है। शिक्षकों ने इसे परीक्षा आधारित प्रक्रिया के बजाय विभागीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के रूप में पूरा कराने की अपील की। बुधवार को शिक्षकों ने मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट बलिया ने ग्रहण किया। पासिंग मार्क और प्रशिक्षण के समय को लेकर आपत्ति शिक्षकों ने ज्ञापन में ब्रिज कोर्स से जुड़ी विभिन्न विसंगतियों को उठाया। उनका कहना है कि छह माह के प्रशिक्षण में पासिंग मार्क की बाध्यता रखे जाने से शिक्षकों के सामने अनावश्यक दबाव की स्थिति बन रही है। उन्होंने मांग की कि प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों की कार्यक्षमता और शिक्षण कौशल को बढ़ाना होना चाहिए, इसलिए इसमें पासिंग मार्क की अनिवार्यता समाप्त की जाए। शिक्षकों ने स्कूल के नियमित समय में ब्रिज कोर्स का प्रशिक्षण कराए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने प्रशिक्षण की ऐसी व्यवस्था करने की मांग की, जिससे विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। बीएसए को भी सौंपा ज्ञापन शिक्षकों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया को भी अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। दोनों अधिकारियों ने शिक्षकों की मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए पत्र लिखने का भरोसा दिया। शिक्षकों ने कहा कि ब्रिज कोर्स को विभागीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण के तौर पर पूरा कराने से इसका उद्देश्य भी पूरा होगा और शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान अनावश्यक परीक्षा संबंधी दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। बड़ी संख्या में शिक्षक रहे मौजूद ज्ञापन देने वालों में संजीव कुमार सिंह, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, अग्निवेश तिवारी, प्रवीण कुमार पांडेय, सिद्धार्थ सिंह, संकेश यादव, अभिषेक पांडेय, गरिमा श्रीवास्तव, रत्नप्रभा, प्रिया पासवान, सुनील सिंह, उदय चौहान, अमित मिश्रा, कोदई यादव, शाहिद जमाल, संतोष, भूपेन्द्र, धीरज, मृत्युंजय सिंह, अंजनी गुप्ता, अभिषेक, अरुण, शाहिद, विरेन्द्र और राघवेन्द्र समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।

कृषि विश्वविद्यालय के निखिल को ICAR परीक्षा में चौथी रैंक:विक्रम को दसवां स्थान मिला, कुलपति ने छात्रों को दी बधाई

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्रों ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की अखिल भारतीय परास्नातक प्रवेश परीक्षा-2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। पशुपालन संकाय के छात्र निखिल मौर्या ने देशभर में चौथा और विक्रम बिसेन ने दसवां स्थान हासिल किया क्या जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बुधवार 23 सितंबर को दी गई। विश्वविद्यालय कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने दोनों छात्रों को बधाई दी। कुलपति ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में अच्छी रैंक लाना छात्रों की मेहनत और लगन का सबूत है। इस सफलता से उन्हें देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में परास्नातक शिक्षा के लिए प्रवेश मिलेगा। साथ ही, नियमानुसार फेलोशिप का लाभ भी मिलेगा, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा और शोध कार्य में मदद मिलेगी। निखिल मौर्या और विक्रम बिसेन ने अपनी सफलता का श्रेय अभिभावकों, गुरुजनों के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत को दिया। इस मौके पर अधिष्ठाता डॉ. नमिता जोशी, लीगल सेल प्रभारी डॉ. रुद्र प्रताप सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ. डी. नियोगी, निदेशक प्लेसमेंट सेल डॉ. सत्यव्रत सिंह और सह अधिष्ठाता डॉ. जे.पी. सिंह भी मौजूद थे।

लखीमपुर में 100 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़ी किशोरी:प्रेमी को जेल से रिहा कराने पर अड़ी, पुलिस के समझाने पर उतरी

लखीमपुर खीरी में बुधवार को तिकुनिया कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किशोरी जेल में बंद प्रेमी को जेल से छुड़ाने और प्रेमी से शादी कराने की मांग को लेकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस और परिजनों के काफी समझाने के बाद किशोरी नीचे उतरी। किशोरी के नीचे उतरने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली जानकारी के अनुसार जिस युवक से किशोरी शादी करने की जिद को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ी थी। उसे पुलिस एक महीने पहले किशोरी को भगाने के आरोप में जेल भेज चुकी है। 100 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़ी स्थानीय लोगों के मुताबिक, किशोरी के गांव से एक किमी दूर गांव का रहने वाला एक युवक एक महीना पहले किशोरी को अपने साथ ले गया था। इस मामले में परिजनों ने युवक के खिलाफ कोतवाली में केस दर्ज कराया था, मामले में पुलिस ने किशोरी को बरामद कर युवक को जेल भेज दिया था। बुधवार को दोपहर बाद करीब 2 बजे किशोरी जेल के बंद प्रेमी को जेल छुड़ाने और प्रेमी से शादी करने की जिद में मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। किशोरी मोबाइल टावर पर चढ़े देख ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पुलिस पहुंची, करीब 1 घंटे तक ड्रामा चलता रहा। पुलिस के समझाने पर नीचे उतरी पुलिस और परिजनों के काफी समझाने के बाद किशोरी नीचे उतर आई। तिकुनिया कोतवाली के प्रभारी अवनीश कुमार ने बताया कि किशोरी को नीचे उतार लिया गया है किशोरी जेल में बंद आरोपी को जेल से छुड़ाने और उससे शादी करने की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ी थी।

चलती कार से वर्चुअल पेशी में जुड़ा वकील:दिल्ली हाईकोर्ट ने ₹1 लाख जुर्माना लगाया, कहा- कोर्ट की गरिमा से समझौता नहीं

दिल्ली हाईकोर्ट ने चलती कार से वर्चुअल पेशी में शामिल होने वाले वकील पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया। जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला ने 28 सितंबर को दिए आदेश में कहा कि वर्चुअल सुनवाई की सुविधा सराहनीय है, लेकिन इससे कोर्ट की गरिमा और कार्यवाही में बाधा नहीं आनी चाहिए। कोर्ट ने वकील को यह जुर्माना एक हफ्ते के भीतर दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी में जमा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक दिन में 70 से ज्यादा मामलों पर सुनवाई करनी होती है। ऐसे में सुनवाई के दौरान बैकग्राउंड का शोर और चलती गाड़ी की हलचल बाधा डालती है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियमों का हवाला कोर्ट ने बताया कि हाईकोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस एंड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूल्स के तहत वकीलों को गाड़ियों से सुनवाई में शामिल होने से बचना चाहिए। ऐसा तभी करें, जब बहुत जरूरी हो। इसके लिए परमिशन भी लें। जस्टिस शुक्ला ने कहा कि यह शर्त केवल कागजों में लिखने के लिए नहीं है। इसका मकसद यह तय करना है कि वकील वर्चुअल माध्यम से भी ऐसी जगह से पेश हों, जहां कोर्ट का काम सही तरीके से चल सके। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसी कोई असाधारण परिस्थिति नहीं थी। इसलिए वकील का चलती कार से पेशी से जुड़ना नियमों का उल्लंघन था।