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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने 18 हजार मानदेय की मांग की:लंबित PLI और मार्च के भुगतान के लिए DM को ज्ञापन सौंपा

बागपत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें सबसे प्रमुख मांग उनका न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये करने की थी। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित यह ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपये और सहायिकाओं के मानदेय में 750 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा, कार्यकर्ताओं को 2500 रुपये और सहायिकाओं को 1250 रुपये पीएलआई के तौर पर दिए जाने का प्रावधान है। हालांकि, संगठन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में असंतोष है। उन्होंने मांग की कि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को संविदा परिषद के मानकों के तहत रखते हुए न्यूनतम मानदेय 18 हजार रुपये किया जाए। ज्ञापन में पोषण ट्रैकर में जीपीएस व्यवस्था के कारण आ रही परेशानियों का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने मांग की कि पोषण ट्रैकर को पहले की तरह बिना जीपीएस के ही चलाया जाए। इसके साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लंबित भुगतानों पर भी अधिकारियों का ध्यान दिलाया गया। संगठन ने बताया कि मार्च 2026 का मानदेय अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने लंबे समय से रुके पीएलआई और सीबीई गतिविधि के लंबित मानदेय का भुगतान कराने की भी मांग की। संगठन ने जिला और परियोजना स्तर पर अधिकारियों के साथ बैठक कराने की मांग भी रखी, ताकि उनकी समस्याओं पर चर्चा हो सके। उन्होंने पदाधिकारियों के साथ बैठक की तारीख और समय की जानकारी देने को भी कहा। ज्ञापन सौंपने वालों में मंडल अध्यक्ष सुषमा शर्मा, उपाध्यक्ष रेनू और सचिव राकेश धामा समेत अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

लखनऊ में बॉन्डेड डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन:समान वेतन के लिए शुरू किया भूख हड़ताल, प्रदर्शनकारी बोले- डिप्टी सीएम ने वादा पूरा नहीं किया

लखनऊ में शुक्रवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर बॉन्डेड डॉक्टरों ने प्रदर्शन और भूख हड़ताल किया। वेतन में असमानता को लेकर डॉक्टरों ने नारेबाजी की।प्रदर्शन कर रहे है डाक्टरों ने बताया कि 2 सितम्बर को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बारिश में भीगते हुए मांगे पूरी करने का वादा किया था मगर अभी तक मांग पूरी नहीं हुई। 50-55 हजार मिल रहा वेतन डॉक्टरों का कहना है कि समान MBBS डिग्री, समान बॉन्ड और समान सेवा के बावजूद अलग-अलग वेतन दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के CHC, PHC और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवा देने वाले डॉक्टरों को करीब 50 से 55 हजार रुपए महीने मानदेय मिल रहा है। वहीं, सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में बॉन्ड सेवा कर रहे डॉक्टरों को करीब 1.10 लाख रुपए महीने तक भुगतान किया जा रहा है। बॉन्ड सेवा के तहत डॉक्टरों को दो साल की अनिवार्य सरकारी सेवा करनी होती है या 10 लाख रुपए के बॉन्ड की शर्त पूरी करनी पड़ती है। डॉक्टरों ने समान वेतन लागू करने के साथ लंबित एरियर के भुगतान की भी मांग की। ‘डिप्टी सीएम ने वादा पूरा नहीं किया’ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर सिमरन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम मेडिकल ऑफिसर के रूप में काम कर रहे हैं। बताया कि 2 सितंबर को जब हम इसी गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन कर रहे थे तब डिप्टी सीएम बृजेश पाठक आए थे मुलाकात किया था। उन्होंने कहा था कि आप हमारे बच्चे हैं मांग जरूर पूरी होगी 3 सितंबर दोपहर 2:00 बजे तक शासनादेश जारी होने का वादा किया था। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का वादा 15 दिन बाद भी पूरा नहीं हुआ और हम लोग आज फिर प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं। ब्रजेश पाठक से मांगा जवाब हम लोग कई दिनों से उनके आवास का चक्कर काट रहे हैं । आज भी जब उनसे मिलने गए तो उनके स्टाफ ने कहा कि वो है नहीं स्टाफ झूठ बोल रहा थापाठक जी अपने आवास पर मौजूद थे । बृजेश पाठक ने शासन आदेश का आश्वासन देकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करके पब्लिक सिटी बटोर लिया मगर हमें हमारा अधिकार नहीं दिया। हमसे वादा डिप्टी सीएम ने किया था तो हम उन्हीं से अकाउंटेबिलिटी मांगेंगे। हम लोगों ने भूख हड़ताल शुरू कर दिया है और जब तक मांग पूरी नहीं हो जाएगी यह लड़ाई जारी रहेगी।

शहर में 60Km/h. प्रतिघंटा होगी गाड़ियों की रफ्तार:झांसी में प्रभारी मंत्री बोले-मेरे रहते जिले के विकास को मिली रफ्तार, स्वास्थ्य सेवाओं में भी दिख रहा सुधार

झांसी के कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री और झांसी के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने जिले के आला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं, पर्यटन, यातायात, सड़कों और निर्माण कार्यों को लेकर लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को औचक निरीक्षण के दौरान मिली कमियों की जांच रिपोर्ट शुक्रवार शाम तक आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल में बाहर से दवा मंगाने पर आज हो सकती है कार्रवाई प्रभारी मंत्री ने बताया कि गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में निरीक्षण के दौरान पांच मरीज भर्ती मिले थे। उनके अनुसार, मरीजों के तीमारदारों से बाहर से लिखी गई दवाएं मंगवाई जा रही थीं। मंत्री ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
उन्होंने बताया कि एडीएम और सीएमओ जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। इसके बाद रिपोर्ट में यदि किसी तरह के सुधार की जरूरत सामने आती है तो उस पर काम किया जाएगा। वहीं, यदि किसी को दंडित करने की स्थिति बनती है तो कार्रवाई भी की जाएगी। जयवीर सिंह ने कहा कि पिछली समीक्षा की तुलना में इस बार जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन सेवाओं में कितना सुधार हुआ है। महंगी मशीनें बंद, ऑपरेटर के लिए शासन को पत्र
मेडिकल कॉलेज में महंगी मशीनें बंद होने और उन्हें संचालित करने के लिए ऑपरेटर नहीं होने का मुद्दा भी पत्रकार वार्ता में उठा। इस पर प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी को शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए। 500 बेड अस्पताल के लिए 47 करोड़ मांगेंगे महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज परिसर में बने 500 बेड के अस्पताल को शुरू करने के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि अस्पताल का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन मशीनों और ऑपरेटरों के लिए 47 करोड़ रुपए का फंड अभी नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी से इस संबंध में पत्र तैयार करने को कहा गया है। प्रभारी मंत्री के मुताबिक वह शासन स्तर से 47 करोड़ रुपए स्वीकृत कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि फंड मिलने के बाद मशीनों के साथ ऑपरेटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे और अस्पताल को जल्द जनता के लिए शुरू किया जाएगा। पर्यटन विकास के लिए 10 करोड़ स्वीकृत
प्रभारी मंत्री ने बताया कि समीक्षा बैठक में जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ पर्यटन विकास पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विकास के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से जिले में पर्यटन से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे।
रात 10 बजे के बाद 60 किमी प्रति घंटे की स्पीड का प्रस्ताव यातायात व्यवस्था को लेकर प्रभारी मंत्री ने बताया कि समीक्षा बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि शहर में वाहनों की निर्धारित गति सीमा को 45 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे करने का निर्णय लिया गया है। उनके मुताबिक यह बढ़ी हुई गति सीमा रात 10 बजे के बाद लागू होगी। मंत्री ने यह भी कहा कि सड़क की सफेद पट्टी के बाहर खड़े वाहनों का चालान नहीं किया जाएगा। अक्टूबर से नॉन-जेडए जमीनों पर अभियान
अवैध निर्माण के सवाल पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद कई जगह अवैध निर्माण रोके गए हैं और कुछ मामलों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी हुई है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि कोर कमेटी की बैठक में तय किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में नॉन-जेडए की ऐसी जमीनें, जिन पर अभी निर्माण नहीं हुआ है, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। अक्टूबर से अभियान चलाकर ऐसी जमीनों को नगर निगम को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि न्यायालय में लंबित मामलों में भी प्रभावी पैरवी की जाएगी। बारिश के बाद शहर की सड़कों का होगा निरीक्षण
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि बारिश खत्म होने के बाद शहर की सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाएगा। इसमें नगर निगम, झांसी विकास प्राधिकरण और पीडब्ल्यूडी की टीमें शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि निरीक्षण के बाद सड़कों का निर्माण मानकों के अनुरूप कराने की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में खनन प्रभावित सड़कों के निर्माण के लिए मऊरानीपुर और गरौठा में करीब 7.5 करोड़ रुपए की लागत से काम कराने की बात भी उन्होंने बताई। हाइवे की मरम्मत के लिए अभी से कागजी कार्रवाई के निर्देश झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे की खराब स्थिति का मुद्दा भी पत्रकार वार्ता में उठा। इस पर प्रभारी मंत्री ने जिलाधिकारी से कहा कि बारिश अब खत्म होने की ओर है। इसलिए अधिकारियों को निर्देश देकर कागजी प्रक्रिया पहले ही पूरी करा ली जाए, ताकि बारिश खत्म होते ही सड़क की मरम्मत और निर्माण का काम धरातल पर दिखाई दे। हर निर्माण की थर्ड पार्टी से होगी जांच जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, थर्ड पार्टी से गुणवत्ता जांच के बाद ही किसी भवन या अन्य निर्माण कार्य को संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाएगा।

कांग्रेस ने नई UPI भुगतान व्यवस्था का विरोध किया:मिर्जापुर में सांसद कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा, राजन बोले- व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ

मिर्जापुर शहर कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की नई यूपीआई (UPI) भुगतान व्यवस्था का विरोध किया है। शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय सांसद के कार्यालय पर प्रदर्शन कर एक ज्ञापन सौंपा। नगर अध्यक्ष भगवान दत्त उर्फ राजन पाठक के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि यह व्यवस्था छोटे और गरीब व्यापारियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से इस फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की। शहर कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन में बताया कि यूपीआई भुगतान आज छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी कारोबारियों और आम लोगों के लिए डिजिटल लेन-देन का एक जरूरी तरीका बन चुका है। ऐसे में भुगतान व्यवस्था में होने वाले बदलाव का सीधा असर छोटे व्यापारियों पर पड़ सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जो छोटे कारोबारी पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन पर किसी भी तरह का और आर्थिक बोझ डालना ठीक नहीं होगा। नगर अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक ने जोर देकर कहा कि सरकार को कोई भी नई भुगतान व्यवस्था लागू करने से पहले उसके आर्थिक असर को देखना चाहिए। खासकर छोटे दुकानदारों और गरीब व्यापारियों की क्षमता को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे डिजिटल भुगतान उनके लिए सुविधा बना रहे, न कि अतिरिक्त बोझ। कांग्रेस पदाधिकारियों ने सांसद से मांग की कि वे इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से रखें। साथ ही छोटे और गरीब व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएं। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस व्यवस्था को वापस नहीं लिया और इसे जबरन लागू करने की कोशिश की, तो शहर कांग्रेस कमेटी लोगों के हित में आंदोलन करेगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि व्यापारियों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस आगे भी आवाज उठाती रहेगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान शहर अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक, संतोष पांडेय, रमेश चंद्र प्रजापति, विवेक सिंह, नरेश चंद्र चौधरी, संतोष कुमार, राकेश दत्त त्रिपाठी, अशोक साहू, महेश श्रीवास्तव समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

पीएम के जन्मदिन पर भाजपा ने मनाया सेवा संकल्प दिवस:संभल में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने किया रक्तदान, मरीजों को बांटे फल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर गुरुवार को संभल में भारतीय जनता पार्टी ने सेवा संकल्प दिवस मनाया। इस मौके पर जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में रक्तदान अभियान चलाया गया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंद मरीजों की मदद का संकल्प लिया। जिले में चार जगहों पर रक्तदान शिविर लगाए गए, जिनमें बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। रक्तदान शिविर सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चले। चारों विधानसभा क्षेत्रों में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उत्साह से रक्तदान किया। जिला अस्पताल में लगे शिविर में रक्तदान के साथ मरीजों को फल भी बांटे गए। कार्यकर्ताओं ने मरीजों का हालचाल भी जाना और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। मरीजों की जान बचाने में मदद भाजपा जिलाध्यक्ष हरेंद्र सिंह रिंकू ने बताया कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन सेवा संकल्प दिवस के रूप में मना रही है। इसी के तहत रक्तदान शिविर लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक नेक काम है, जिससे जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में मदद मिलती है। पार्टी कार्यकर्ता सामाजिक कामों में हमेशा हिस्सा लेते रहे हैं। रक्तदान करने पहुंचे सोनू चाहल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश के लिए समर्पित रहते हैं। उनके जन्मदिन पर रक्तदान करके सेवा के जरिए उन्हें शुभकामना देना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि अगर उनके खून की एक बूंद भी किसी जरूरतमंद के काम आएगी, तो वह खुद को भाग्यशाली समझेंगे। मुकुल कुमार ने कहा कि रक्तदान से किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर सेवा के काम में योगदान देकर उन्हें खुशी हुई है। उन्होंने लोगों से भी जरूरत पड़ने पर रक्तदान करने की अपील की। इस मौके पर भाजपा के जिला और विधानसभा स्तर के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अन्य लोग मौजूद रहे। चारों विधानसभा क्षेत्रों में लगे शिविरों को लेकर कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह दिखा।

फर्रुखाबाद पुलिस ने 151 खोए हुए मोबाइल लौटाए:35 लाख रुपए के मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिले

फर्रुखाबाद पुलिस ने लोगों के खोए हुए 151 एंड्राइड मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें वापस लौटा दिए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 35 लाख रुपए है। अपने फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। एसपी ने गुरुवार को दोपहर 12 बजे करीब प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। जिले में अलग-अलग समय पर 151 लोगों के एंड्राइड मोबाइल खो गए थे। इन सभी लोगों ने पुलिस में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने इन सभी मोबाइलों को ढूंढ निकाला। गुरुवार को एक कार्यक्रम में सभी मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। देखिए तस्वीरें…. एसपी आरती सिंह ने बताया कि सर्विलांस टीम ने जिले के लोगों के खोए हुए 151 एंड्राइड मोबाइल वापस किए हैं। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति का जो मोबाइल था, उसे वही दिया गया है। इस दौरान मोबाइल मालिकों ने सर्विलांस टीम का आभार जताया और उनके काम की तारीफ की। मोबाइल पाकर सभी लोग खुश दिखे। उन्होंने एसपी के साथ फोटो भी खिंचवाई और पुलिस की सराहना की। ये मोबाइल किसी का एक महीना पहले तो किसी का दो महीने पहले खो गया था।

साइबर ठगी की धमकियों से परेशान युवती की मौत:बाराबंकी में कमरे में मिला युवती का शव, पैसों की मांग करने का आरोप

बाराबंकी में साइबर ठगी से जुड़ा मामला सामने आया है। बुधवार रात करीब 9 बजे सोनी नाम की युवती की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि साइबर ठग ने उससे पहले 15 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराए और इसके बाद लगातार और पैसे मांगते हुए धमकियां दे रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला बदोसराय कोतवाली क्षेत्र के किंतूर गांव का है। कमरे में मिला युवती का शव परिजनों के मुताबिक, सोनी का शव उसके कमरे में दुपट्टे से लटका मिला। इसके बाद उसके बड़े भाई आशीष कुमार ने युवती का मोबाइल फोन देखा। उसमें साइबर ठग की कई व्हाट्सएप कॉल मिलीं। जनसेवा केंद्र से ट्रांसफर किए थे 15 हजार रुपए परिजनों ने बताया कि साइबर ठग की धमकियों से परेशान होकर सोनी ने गांव के एक जनसेवा केंद्र से घर में रखे 15 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए थे। आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी ठग और पैसों की मांग करता रहा। लगातार आ रही धमकियों से युवती परेशान थी। परिजनों के अनुसार, सोनी की मौत के बाद भी उसके मोबाइल पर साइबर ठग की व्हाट्सएप कॉल आती रहीं। पुलिस मोबाइल कॉल और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। साइबर ठग की पहचान के प्रयास सीओ गरिमा पंत ने गुरुवार शाम 4 बजे बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर ठग की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

संभल में दूध प्लांट और रास्ते की शिकायत पर जांच:पुराने रिकॉर्ड में 8 मीटर रास्ता, 2013 के नक्शे में 4 मीटर हुआ दर्ज

संभल के बहजोई में गुरवार को 4 बजे एक दूध प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट जल और रास्ते की चौड़ाई पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी। इस पर जिलाधिकारी के निर्देश पर एक टीम ने मौके पर जाकर जांच की। टीम ने रास्ते की स्थिति, राजस्व रिकॉर्ड और दूध प्लांट से जुड़े दस्तावेज भी देखे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी ने एक शिकायत के बाद यह टीम बनाई थी। इसमें बहजोई नगर पालिका के ईओ, चंदौसी के उपजिलाधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट खुद शामिल थे। टीम ने मौके पर जाकर जांच की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रास्ता आठ मीटर चौड़ा है, लेकिन उस पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। टीम ने इसी शिकायत की सच्चाई जानने के लिए मौके का मुआयना किया। निरीक्षण के दौरान पुराने रिकॉर्ड में रास्ते की चौड़ाई आठ मीटर मिली। हालांकि, मौजूदा रिकॉर्ड और नक्शे की जांच करने पर पता चला कि साल 2013 में एक आदेश के बाद नक्शे में बदलाव किया गया था। बदले हुए नक्शे में रास्ते की चौड़ाई चार मीटर दर्ज है। अब प्रशासन साल 2013 के इस नक्शा दुरुस्ती आदेश की जांच करेगा। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि रिकॉर्ड रूम से मूल फाइल निकलवाई जाएगी। इससे यह देखा जाएगा कि साल 2013 में नक्शे में बदलाव किस आधार पर और किस आदेश के तहत हुआ था। सभी रिकॉर्ड की पूरी जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूध प्लांट के निरीक्षण को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि प्लांट प्रबंधन से जरूरी कागजात मांगे गए हैं। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि प्लांट कैसे चलाया जा रहा है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि प्लांट चलाने के लिए संबंधित विभागों और सरकार से कौन-कौन सी अनुमतियां ली गई हैं। उन्होंने कहा कि प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट जल के निस्तारण की व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। पानी को नियमानुसार ट्रीट करने के बाद ही उसका निस्तारण किया जाना चाहिए। दस्तावेजों और मौके की व्यवस्थाओं की जांच पूरी होने के बाद यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्र की जल निकासी समस्या के समाधान के लिए शहादत बाड़ी के पास स्थित बड़े तालाब तक पक्का नाला निर्माण कराया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 15 से 20 दिनों में नाला निर्माण पूरा होने के बाद जलभराव की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

वाराणसी ने मेरठ को हराकर जीती सीनियर महिला कबड्डी प्रतियोगिता:सहारनपुर में हुए फाइनल में 29-19 से हराकर बनी चैंपियन

सहारनपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही प्रदेश की सीनियर महिला कबड्डी प्रतियोगिता गुरुवार शाम पांच बजे पूरी हो गई। फाइनल मुकाबले में वाराणसी मंडल की टीम ने मेरठ मंडल को 29-19 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 17 मंडलों से कुल 255 महिला खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खेल निदेशालय, उत्तर प्रदेश की देखरेख में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर 15 से 17 सितंबर तक इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। समापन समारोह के मुख्य अतिथि नगर विधायक राजीव गुम्बर रहे। खेल अधिकारी सहारनपुर मंडल राहुल चोपड़ा ने बुके देकर उनका स्वागत किया, जबकि सहायक प्रशिक्षक प्रवीन कुमार ने अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों से परिचय लिया और उनका हौसला बढ़ाया। इसके बाद विजेता वाराणसी मंडल की टीम को 15 हजार रुपये और उपविजेता मेरठ मंडल की टीम को 12 हजार रुपये का नकद इनाम दिया गया। प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में वाराणसी ने विंध्याचल मंडल को 20-0 से, आगरा ने लखनऊ को 29-16 से, गोरखपुर ने सहारनपुर को 39-34 से और मेरठ ने आजमगढ़ को 26-22 से हराया था। सेमीफाइनल में वाराणसी ने आगरा को 26-22 से मात दी, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में मेरठ ने गोरखपुर को बेहद रोमांचक मुकाबले में 32-31 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में वाराणसी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और मेरठ को 29-19 से हराकर चैंपियनशिप जीती। प्रतियोगिता में सुरेश कुमार सिंह, सुनील कुमार, शराफत अली, माया प्रसाद, अवनीश कुमार राय, निर्भय सिंह, अनुप सिंह, देवेश सिंह, सरफराज खान, संजू रानी, यशोदा त्रिपाठी और क्षमा शर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम को अंशकालिक मानदेय कुश्ती प्रशिक्षक आदेश कुमार ने संभाला। इस मौके पर खेल विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशिक्षक और खेल प्रेमी उपस्थित थे। आखिर में खेल अधिकारी राहुल चोपड़ा ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, निर्णायकों और सहयोगियों को धन्यवाद दिया।

परीक्षा देकर लौट रहे छात्र पर चाकू-पंच से हमला:पिता का आरोप- सहपाठी ने 20-22 नकाबपोश युवकों के साथ घेरकर मारा

जौनपुर में सेंट पैट्रिक्स स्कूल के नौवीं कक्षा के छात्र जैन शाह पर बुधवार सुबह हमला कर दिया गया। वह परीक्षा देकर घर लौट रहा था, तभी राजा साहब पोखरे के पास करीब 11:15 बजे युवकों के एक समूह ने उसे घेर लिया। छात्र के पिता खालिद शाह ने आरोप लगाया कि स्कूल में हुई पुरानी कहासुनी की रंजिश में जैन के सहपाठी अभिनेंद्र ने करीब 20-22 नकाबपोश युवकों के साथ मिलकर हमला किया। पिता के मुताबिक, हमलावरों ने जैन पर चाकू और पंच से वार किए। सिर, गले समेत शरीर के कई हिस्सों में चोट लगने के बाद छात्र मौके पर ही बेहोश होकर गिर गया। वहां से गुजर रहे एक रिक्शा चालक ने उसे अटाला मस्जिद के पास स्थित एक क्लिनिक पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार किया गया। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे आगे के इलाज के लिए लेकर गए। परीक्षा देकर घर लौट रहा था छात्र, पोखरे के पास घेरा सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के पोटरिया गांव निवासी खालिद शाह का कहना है कि उनका बेटा जैन बुधवार को परीक्षा देने के लिए सेंट पैट्रिक्स स्कूल गया था। परीक्षा देने के बाद वह घर लौट रहा था। करीब 11:15 बजे राजा साहब पोखरे के पास पहुंचने पर उसे युवकों के एक समूह ने घेर लिया। खालिद शाह ने शिकायत में आरोप लगाया कि जैन के सहपाठी अभिनेंद्र की स्कूल में हुई पुरानी कहासुनी को लेकर उनके बेटे से रंजिश थी। इसी विवाद के चलते हमला किया गया। चाकू और पंच से हमला, बेहोश होकर सड़क पर गिरा पिता के आरोप के मुताबिक, करीब 20-22 नकाबपोश युवकों ने जैन को घेरकर उसके साथ मारपीट की। इस दौरान चाकू और पंच से भी हमला किया गया। छात्र के सिर, गले और शरीर के कई हिस्सों में चोट आई। हमले के बाद वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर गया। घटना के बाद वहां से गुजर रहे एक रिक्शा चालक ने घायल छात्र को अटाला मस्जिद के पास एक क्लिनिक पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने उसका प्राथमिक उपचार किया। छात्र की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे आगे के इलाज के लिए लेकर गए। पिता ने कोतवाली में दी तहरीर घटना को लेकर छात्र के पिता खालिद शाह ने कोतवाली (सदर) में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सहपाठी अभिनेंद्र और उसके साथ आए युवकों पर हमले का आरोप लगाया है। शिकायत में पुरानी कहासुनी को हमले की वजह बताया गया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद छात्र का मेडिकल परीक्षण कराया। चोटों की स्थिति और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। चौकी प्रभारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जुटाई जानकारी मामले की जानकारी मिलने के बाद चौकी प्रभारी सिपाह प्रभात त्रिपाठी ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर घटना से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस छात्र के पिता की शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। हमले में शामिल बताए जा रहे युवकों की पहचान और घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।