Breaking News
सवाल उठाने से पहले तथ्यों का सम्मान करे कांग्रेस:हरदोई जिपं अध्यक्ष बोलीं- राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप न लगाएं

हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने सोमवार शाम 5 बजे निर्वाचन आयोग के हालिया स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। ऐसे में राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय तथ्यों को स्वीकार किया जाना चाहिए। प्रेमावती ने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू तथा विवेक जोशी की बैठक के बाद जारी संयुक्त प्रेस वक्तव्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सहित प्रमुख निर्णयों को आयोग की सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न चरणों और राज्यों की समय-सारिणी से जुड़े फैसलों पर भी आयोग की सहमति थी। कैबिनेट सचिव को पत्र पर भी रखी बात कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर प्रेमावती ने कहा कि विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश की। उनके मुताबिक, निर्वाचन आयोग के स्पष्टीकरण के अनुसार यह पत्र किसी नीति या आईटी प्रभाग से संबंधित नहीं था। उन्होंने कहा कि यह प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक विषय था और इसका SIR से कोई संबंध नहीं था। फॉर्म-6 को लेकर विपक्ष के दावों पर सवाल प्रेमावती ने फॉर्म-6 को लेकर विपक्ष की ओर से किए जा रहे दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तुत जानकारी के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय ने संबंधित घोषणा-पत्र को वैध माना है। गैर-SIR अवधि में पंजीकरण के लिए पूर्व निर्धारित फॉर्म ही लागू है। ऐसे में प्रक्रिया में बदलाव किए जाने का दावा सही नहीं है। बोलीं- सवाल उठाएं, लेकिन प्रमाण के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन आरोप तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के पूर्व में ईवीएम तथा निर्वाचन आयोग को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया। संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील प्रेमावती ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने विपक्ष से अपने आरोपों पर पुनर्विचार करने और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *