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एटा में ढाबा संचालक का आरोप,पुलिस ने फर्जी गिरफ्तारी की:SSP से शिकायत, पुलिस बोली- आरोप बेबुनियाद, पहले भी दर्ज है FIR

एटा जिले के रिजोर कस्बे में एक ढाबा संचालक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संचालक का कहना है कि रिजोर थाना पुलिस ने उसे अवैध वसूली न देने पर फर्जी तरीके से गिरफ्तार किया और 22 पौआ शराब लगाकर झूठे मामले में फंसा दिया। उसने एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, रिजोर थाना पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं और वह व्यक्ति शराब के कारोबार में शामिल है। रिजोर कस्बे के रहने वाले प्रवीन कुमार पुत्र जुगेश कुमार ने SSP डॉक्टर इलामरन जी को लिखित शिकायत पत्र सौंपा है। प्रवीन ने अपनी शिकायत में घटना के दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग होने का भी जिक्र किया है। ढाबा संचालक का आरोप है कि 15 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजकर 22 मिनट पर वह अपने भोजनालय पर बैठा था। तभी एक सरकारी जीप आकर रुकी, जिसमें दरोगा अमीर अहमद, कांस्टेबल अरुण, हिमांशु और चालक शिवकुमार सवार थे। पुलिसकर्मी उसे जीप में बैठाकर ले गए और दोपहर से शाम 6:30 बजे तक थाने में बिठाए रखा। इसके बाद, पुलिस ने एक थैले में 22 पौआ शराब रखकर उसे पकड़वाया और वीडियो बनाकर एक्साइज एक्ट के तहत FIR दर्ज कर दी। बाद में उसे जमानत पर छोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता ने पुलिसकर्मियों पर हजारों रुपये की मासिक वसूली मांगने और इनकार करने पर गाली-गलौज व धमकाने का भी आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पुलिस के मुताबिक, अपराध रोकने के लिए दरोगा और पुलिसकर्मी अंबेडकर तिराहे पर खड़े थे। इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली। पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर पीछा किया और 15 सितंबर को दोपहर 3 बजे बिजली घर के पास प्रवीन कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि इस दौरान आरोपी के पास से एक थैले में रखे 22 पौआ शराब पकड़ी गई। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए आबकारी अधिनियम के तहत प्रवीन कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब इस मामले से जुड़ा एक सी सी टी वी वीडियो सामने आया है जिसमे 15 सितम्बर को पुलिस युवक को बाहर बुलाती है और गाड़ी में बैठाकर ले जाते नजर आ रही है।शिकायत कर्ता और पुलिस एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रही है।

थाना प्रभारी रिजोर प्रदीप ने बुधवार शाम 5 बजे बताया कि अनुसार उक्त व्यक्ति के विरुद्ध थाना पर चार चार मुकदमे दर्ज है पूर्व में भी शराब के मामले में एफ आई आर दर्ज की जा चुकी है।थाना प्रभारी ने कहा कि उक्त व्यक्ति द्वारा पुलिस द्वारा नजर रखी जा रही थी।इसको शराब सहित ही पकड़ा गया है रही बात सी सी टी वी कैमरे की रिकार्डिंग की तो पूछताछ के लिए बुलाया गया होगा।उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया है।

कानपुर देहात में एक घंटे तेज बारिश:ओवरब्रिज के नीचे जुटी भीड़, पुलिस-प्रशासन की गाड़ियां भी रुकीं; गर्मी से मिली राहत

कानपुर देहात में बुधवार शाम 4 अचानक मौसम बदला। तेज हवाओं के साथ करीब एक घंटे तक जोरदार बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि जिला मुख्यालय के पास ओवरब्रिज के नीचे सैकड़ों लोग अपने वाहनों के साथ रुक गए। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियां भी बारिश रुकने का इंतजार करती दिखीं। बारिश के बाद तापमान में करीब पांच डिग्री की गिरावट आई, जिससे मौसम सुहाना हो गया।
सुबह से पड़ रही तेज गर्मी के बाद दोपहर में अकबरपुर और माती इलाके में मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक चलती रही। जिला मुख्यालय के पास ओवरब्रिज के नीचे सैकड़ों लोग अपने वाहनों के साथ बारिश रुकने का इंतजार करते दिखे। दोपहिया वाहन सवारों और राहगीरों ने भी वहीं शरण ली। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां भी ओवरब्रिज के नीचे खड़ी नजर आईं। बारिश के कारण अकबरपुर की कई गलियों और मुख्य सड़कों पर पानी भर गया। नाले और नालियां उफनने लगीं। कई जगहों पर नालियां चोक होने से पानी सड़कों पर आ गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। हालांकि, तेज बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली। बारिश से पहले तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, जो बाद में घटकर 28 डिग्री तक पहुंच गया। इस बारिश को किसानों के लिए भी अच्छा माना जा रहा है। खेतों में धान, बाजरा, मक्का और तिल जैसी खरीफ की फसलें लगी हैं। बारिश से फसलों को पर्याप्त नमी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निचले इलाकों में ज्यादा पानी भरने से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी है।

मंदबुद्धि दलित नाबालिग रेप का मामला सीएम के सामने उठेगा:विधायक के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा,50 दिन तक रिर्पोट न लिखने पर नाराज

अयोध्या कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के दर्शन नगर चौकी क्षेत्र के एक गांव में मानसिक रूप से अस्वस्थ दलित नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विधायक को जानकारी मिलने के बाद उनके हस्तक्षेप पर घटना के 50 दिन बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। लंबे समय तक मुकदमा दर्ज न होने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं। विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय कराई जाएगी।
विधायक बुधवार को पीड़िता के गांव पहुंचे और उसके परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। परिजनों ने उन्हें बताया कि एक अगस्त को तिहुरा निवासी प्रेमदास यादव उर्फ जसु पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। पुलिस लगातार उन्हे दौडती रही तथा सुलह का दबाव बनाती रही। परिजनों ने बताया कि परिवार को जो लोग कमाने के लिए प्रदेश से बाहर रहते हैं पुलिस ने उन्हें भी मामले में आरोपी बना दिया। विपक्ष के लोग लगातार धमकी दे रहे है जिससे परिवारीजन भयग्रस्त हैं।
विधायक ने इस देरी पर पुलिस अधिकारियों से सवाल करते हुए कहा कि जब पीड़िता मानसिक रूप से अस्वस्थ और नाबालिग है तो उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने पुलिस की भूमिका को लेकर सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जिस भी पुलिसकर्मी या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई कराई जाएगी। कहा कि दोषी चाहे अपराध करने वाला व्यक्ति हो या पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाला अधिकारी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
विधायक ने सपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पीडीए की राजनीति का दावा करने वालों को ऐसे मामलों में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए। विधायक ने आरोप लगाया कि आरोपी यादव समाज से होने के कारण विपक्षी दल के नेताओं की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और मामले में किसी प्रकार का दबाव या पक्षपात स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषी व्यक्ति के साथ-साथ यदि किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक ने मामले को लेकर एसएसपी डा गौरव ग्रोवर से मुलाकात किया। एसएसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
पीडित परिवार से मुलाकात करने वालों में, दिव्य प्रकाश तिवारी, विधायक प्रतिनिधि अमल गुप्ता, हरभजन गौड, मंडल अध्यक्ष हेमंत जायसवाल, गन्ना चेयरमैन दीपेंद्र सिंह, मनीष चौधरी, अरविंद पाण्डेय, निखिल श्रीवास्तव, राजकिशोर मिश्र, मीडिया प्रभारी अमित कुमार मिश्र मौजूद रहे।

जालौन में किसान सभा आयोजित:नैनो उर्वरकों के प्रयोग पर चर्चा, लागत घटाने और पैदावार बढ़ाने जोर

जालौन के आटा क्षेत्र के ग्राम गुरु का इटौरा स्थित सहकारी समिति में बुधवार को इफको की ओर से किसान सभा आयोजित की गई। इसमें किसानों को संतुलित रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के प्रति जागरूक किया गया। इफको के क्षेत्रीय प्रतिनिधि शुभम मिश्र ने नैनो उर्वरकों के प्रयोग की विधि और लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और सागरिका के प्रयोग से खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में मदद मिलती है। उन्होंने नैनो यूरिया के छिड़काव की सही विधि भी समझाई। बताया कि 500 मिलीलीटर नैनो यूरिया की एक बोतल 45 किलोग्राम पारंपरिक यूरिया के बराबर प्रभावी बताई जाती है। इससे पौधों को पत्तियों के माध्यम से पोषक तत्व मिलते हैं। कार्यक्रम का संचालन समिति के सचिव मनीष तिवारी ने किया। इस दौरान धर्मेंद्र, राजाबाबू द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी, चंचल सिंह समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

जीवन का लक्ष्य जॉब प्रोवाइडर बनना रखें:सीएसजेएमयू में हुआ युवा संवाद का आयोजन, 25 उद्यमी सम्मानित

सीएसजेएमयू के दीनदयाल सभागार में स्वदेशी जागरण मंच एवं सीएसजेएमआईएफ के तत्वावधान में उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन युवा संवाद का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में आरएसएस के राष्ट्रीय प्रचारक एवं अखिल भारतीय संगठक, स्वदेशी जागरण मंच के कश्मीरी लाल ने कहा कि अर्न वाइल यू लर्न की भावना के साथ आगे बढ़ें और जीवन का लक्ष्य बी ए जॉब प्रोवाइडर बनाना रखें। रोजगार देने की क्षमता विकसित करना ही आत्मनिर्भर उन्होंने कहा कि रोजगार मांगने के साथ-साथ रोजगार देने की क्षमता विकसित करना ही आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही उन्होंने युवाओं को सफल उद्यमियों को अपना आदर्श बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल विज्ञापन जगत की लोकप्रिय हस्तियों को रोल मॉडल बनाने के बजाय ऐसे उद्यमियों से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिन्होंने अपने उद्योग खड़े किए और रोजगार के अवसर पैदा किए। साधारण नहीं उदाहरण बनना
विशिष्ट अतिथि भवानी भीख तिवारी जी ने संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में ‘पांच परिवर्तन’ और ‘स्व’ के बोध के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में स्व आधारित जीवनशैली को अपनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने स्वभूषा, स्वभाषा, स्वभोजन, स्वभ्रमण और स्वभवन जैसे सूत्रों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि “साधारण नहीं, उदाहरण बनना है।” स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख श्री प्रवीण मिश्र जी ने कहा कि युवाओं के बीच उद्यमिता और स्वावलंबन की भावना को बढ़ावा देने के लिए ऐसे सम्मेलन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
नौकरी देने वाला कौन होगा अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. विशाल अवस्थी ने युवाओं से सवाल किया कि यदि सभी लोग नौकरी मांगने वाले बन जाएंगे तो नौकरी देने वाला कौन होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित और मजबूत अर्थतंत्र के लिए स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को बढ़ावा देना आवश्यक है।
25 उद्यमियों को किया गया सम्मानित कार्यक्रम में सफल स्टार्टअप एवं उद्यम स्थापित करने वाले 25 उद्यमियों को सम्मानित किया गया तथा उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। मंच संचालन प्रभाकर सिंह ने किया। उन्होंने सम्मानित उद्यमियों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए “गांव-शहर की एक पुकार—उद्यमिता और स्वरोजगार” का संदेश दिया।इस मौके पर डॉ दिव्यांश शुक्ला, प्रान्त सह समन्वयक उपेंद्र त्रिपाठी, प्रांत सांस्कृतिक विभाग प्रमुख रश्मि सविता, विभाग संयोजक अमरदीप मिश्रा आदि रहे।

BHU चीफ प्राक्टर पर सुरक्षाकर्मी ने लगाया भेदभाव का आरोप:वीडियो जारी किया,बोला- पूर्व सैनिकों की जगह महिला सुरक्षाकर्मियों की कर रहे भर्ती

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप पोखरिया की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र संगठनों के विरोध के बाद अब प्राक्टोरियल बोर्ड में तैनात रहे एक पूर्व सैनिक सुरक्षाकर्मी ने भी सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को सुरक्षाकर्मी का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। हालांकि, दैनिक भास्कर इस प्रसारित वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में प्रमोद कुमार सिंह नामक व्यक्ति विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था, पूर्व सैनिकों की जगह महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, वेतन से जुड़े मामलों और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर कई आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था में पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता देने की मांग भी की है। वीडियो में चीफ प्राक्टर समेत अन्य अधिकारियों पर सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार और छात्रों के उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुटा है। इसके तहत नए सीसी कैमरे लगाने और सुरक्षा पोस्ट की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। चीफ प्राक्टर बोले- अनुशासनहीनता के कारण हटाया गया चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने वीडियो में लगाए गए आरोपों पर कहा कि प्रमोद कुमार सिंह को करीब दो माह पहले अनुशासनहीनता के आरोप में सुरक्षा सेवा से हटाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सेवा से हटाए जाने के बाद इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, इसलिए इन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

वाराणसी-कोर्ट से करोड़ों के लेनदेन में दंपती की जमानत खारिज:कोर्ट ने मांगे लेनदेन के दस्तावेजी साक्ष्य, 2016 में व्यापार के लिए 1.20 करोड़

वाराणसी कोर्ट ने कैंट थाना क्षेत्र में करीब 1 करोड़ 20 लाख 50 हजार रुपये के कथित वित्तीय लेनदेन, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़े मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पंचम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई की। कोर्ट ने सामने आए दस्तावेजों, कथित दो PAN कार्ड, लेनदेन तथा जांच की स्थिति को देखते हुए प्रयागराज निवासी आरोपी उमंग ग्रोवर व उनकी पत्नी पूजा ग्रोवर की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। अग्रिम ज़मानत अर्जी का विरोध सेंट्रल बार एसोसिएशन के निवर्तमान उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता दीपक राय कान्हा ने किया। अभियोजन ने बताया पूरा मामला अभियोजन ने बताया कि वादी पीयूष वर्मा की ओर से आरोप लगाया गया कि वर्ष 2016 से 2017 के बीच उनके, उनकी पत्नी और उनकी माता से संबंधित बैंक खातों तथा स्वर्ण आभूषणों से जुड़ी रकम के माध्यम से आरोपी पक्ष को कुल 1,20,50,000 रुपये दिए गए। आरोपी उमंग ग्रोवर ने प्रयागराज के कटरा क्षेत्र में साड़ियों का कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता मांगी थी। आरोप है कि रकम को निवेश या साझेदारी के बजाय ब्याज पर लिए गए निजी असुरक्षित ऋण के रूप में बताया गया था और मूलधन सुरक्षित रखने तथा नियमित ब्याज देने का भरोसा दिया गया था। वादी पक्ष ने अदालत के समक्ष यह भी दावा किया कि रकम के लेनदेन से संबंधित ई-मेल, बैंक ट्रांसफर, ब्याज की गणना और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। वर्ष 2021 में करीब 44 लाख रुपये का भुगतान किए जाने तथा उसमें TDS काटे जाने का भी उल्लेख किया गया। MOU और चेक को लेकर भी विवाद वादी पक्ष के अनुसार 31 मार्च 2023 को स्टाम्प पेपर पर दो MoU तैयार किए गए थे। आरोप है कि इनमें बकाया रकम और ब्याज से संबंधित शर्तों का उल्लेख था। इसके साथ ही कथित तौर पर पोस्ट डेटेड चेक भी दिए गए। वादी की ओर से अदालत में यह दावा किया गया कि बाद में संबंधित चेक बैंक में लगाए जाने पर “No Such Account” की टिप्पणी के साथ वापस हो गए। इसी आधार पर वादी पक्ष ने लेनदेन और बैंक खाते की स्थिति की विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई। दो PAN कार्ड का मुद्दा भी उठा मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक आरोपी दंपती के नाम से कथित तौर पर दो-दो PAN कार्ड जारी होने का मुद्दा है। अभियोजन/वादी पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया कि पूजा ग्रोवर के नाम से जारी दोनों PAN में पिता के नाम और पते को लेकर अंतर है, जबकि जन्मतिथि समान बताई गई है। इसी तरह उमंग ग्रोवर के PAN से संबंधित दस्तावेजों में भी जन्मतिथि आदि में अंतर होने का दावा किया गया। वादी पक्ष ने इसे पहचान और दस्तावेजों की सत्यता से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए आयकर विभाग सहित संबंधित संस्थाओं से जांच की मांग की।

38 BLO के तबादले पर सपा ने उठाए सवाल:शिक्षक मतदाता सूची में 5 हजार से ज्यादा अपात्र नाम जोड़ने का लगाया आरोप

समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की मतदाता सूचियों में गड़बड़ी और एसआईआर के बाद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के तबादलों को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन सौंपकर मेरठ में बड़ी संख्या में BLO के तबादले रद्द करने और अमेठी की तिलोई विधानसभा क्षेत्र में कथित डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों की जांच कराने की मांग की है। सपा ने मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में भी 5 हजार से अधिक कथित फर्जी और अपात्र मतदाताओं के नाम होने का दावा किया है। पार्टी ने आयोग से पूरे मामले की तत्काल जांच कराकर अपात्र और डुप्लीकेट नाम हटाने की मांग की है। SIR कराने वाले BLO के तबादले का आरोप सपा का आरोप है कि मेरठ की 48-मेरठ विधानसभा सीट पर 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक एसआईआर की प्रक्रिया में काम करने वाले कई BLO को स्थानांतरित किया जा रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि अब तक 38 से अधिक BLO के तबादले किए जा चुके हैं। सपा का आरोप है कि कुछ BLO से उनके चुनावी ऐप और OTP की जानकारी मांगी जा रही थी। जिन्होंने ऐप और OTP देने से इनकार किया, उनके तबादले किए जाने की शिकायत पार्टी ने की है। सपा ने कहा है कि उसने जिला निर्वाचन अधिकारी यानी जिलाधिकारी मेरठ से भी इस संबंध में लिखित शिकायत की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने आयोग से मामले की जांच कराने की मांग की है। तिलोई में एक ही मतदाता का चार जगह नाम होने का दावा सपा ने अमेठी की 178-तिलोई विधानसभा सीट की मतदाता सूची में डुप्लीकेट नामों का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी का दावा है कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में 2 हजार से अधिक डुप्लीकेट मतदाता दर्ज हैं। ज्ञापन में दो उदाहरण भी दिए गए हैं। पार्टी के मुताबिक, मतदाता क्रम संख्या 850 पर शबनम शाह के रिलेटिव के रूप में दर्ज मोहम्मद हलीम शाह का नाम क्रम संख्या 852 पर भी दर्ज है। इसके अलावा मतदेय स्थल संख्या 304 और 305 पर भी इसी व्यक्ति का नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। सपा के अनुसार चारों प्रविष्टियों में अलग-अलग EPIC नंबर हैं। दूसरे मामले में सपा ने मतदाता क्रम संख्या 1066 पर मो. रोबीन खान के रिलेटिव के रूप में दर्ज मो. सफी का नाम बताया है। पार्टी के मुताबिक यही नाम क्रम संख्या 830 तथा मतदेय स्थल संख्या 287 की क्रम संख्या 862 और 863 पर भी दर्ज है। सपा का दावा है कि इस मामले में भी अलग-अलग EPIC नंबर इस्तेमाल किए गए हैं। सपा ने मांग की है कि ऐसे सभी मामलों की घर-घर अथवा दस्तावेजों के आधार पर जांच कराई जाए और यदि एक ही व्यक्ति के नाम की कई प्रविष्टियां पाई जाती हैं तो नियमों के मुताबिक अनावश्यक या गलत प्रविष्टियां हटाई जाएं। शिक्षक मतदाता सूची में अपात्र नामों का भी मुद्दा ज्ञापन में मेरठ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सपा का कहना है कि सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए हैं जो निर्धारित शैक्षिक अथवा व्यावसायिक पात्रता पूरी नहीं करते। पार्टी के अनुसार, कुछ ऐसे लोगों के नाम भी शिक्षक मतदाता के रूप में दर्ज किए गए हैं जिन्होंने केवल हाईस्कूल या इंटर तक पढ़ाई की है। कुछ ऐसे लोगों के नाम शामिल होने का भी दावा किया गया है जिन्होंने इंटर की परीक्षा तक पास नहीं की है। सपा ने यह भी आरोप लगाया है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम शिक्षक मतदाता सूची में जोड़े गए हैं जो शिक्षण संस्थानों में काम नहीं करते। पार्टी के अनुसार, इनमें कुछ लोग निजी व्यवसाय, मिठाई की दुकान, कपड़े की दुकान या अन्य कारोबार से जुड़े हैं। गौतमबुद्ध नगर में 5 हजार से ज्यादा नामों का दावा ज्ञापन में गौतमबुद्ध नगर का भी जिक्र किया गया है। सपा का दावा है कि यहां शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में 5 हजार से अधिक अपात्र और कथित फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। पार्टी ने उदाहरण के तौर पर 340 ऐसे नामों का उल्लेख किया है, जिनके बारे में उसका दावा है कि संबंधित व्यक्ति किसी शिक्षण संस्थान में शिक्षक नहीं हैं और इंटरमीडिएट भी उत्तीर्ण नहीं हैं। सपा ने कहा है कि इन नामों की दस्तावेजों के आधार पर जांच कराई जानी चाहिए। यदि जांच में अपात्रता साबित होती है तो संबंधित नाम मतदाता सूची से हटाए जाएं।

आगरा में 72.74 करोड़ से होगा जलभराव का समाधान:स्टार्म वाटर ड्रेन की दो योजना को शासन से मिली मंजूरी

आगरा में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से काफी हद तक राहत मिलेगी। शासन ने स्टॉर्म वाटर ड्रेन की दो बड़ी योजनाओं को मंजूरी दे दी है। 72.74 करोड़ रुपये की लागत से सुल्तानगंज की पुलिया से वाटर वर्क्स कल्वर्ट तक और नवीन गल्लामंडी में एनएच-19 कल्वर्ट से एसटीपी तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश के 14 नगर निगमों की कुल 24 परियोजनाओं के लिए 1380.21 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को अनुमोदित किया गया है। इसी कार्ययोजना में आगरा की दो परियोजनाएं भी शामिल हैं।
अब विस्तार से पढ़िये…
आगरा में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर विकास विभाग ने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। अर्बन फ्लड/जल प्लावन नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत शहर में इन दोनों परियोजनाओं पर कुल 72.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। प्रभारी मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया, नगर विकास अनुभाग की ओर से जारी पत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अर्बन फ्लड/जल प्लावन नियंत्रण एवं स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों की कुल 24 परियोजनाओं के लिए 1380.21 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को अनुमोदित किया गया है। इसी कार्ययोजना में आगरा की दो परियोजनाएं भी शामिल हैं।
ये है योजना
मुख्य अभियंता के अनुसार, आगरा में पहली परियोजना के तहत सुल्तानगंज की पुलिया से वाटर वर्क्स कल्वर्ट तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 35.30 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य इस मार्ग और आसपास के क्षेत्र में बरसात के पानी की निकासी के लिए व्यवस्थित और मजबूत ड्रेनेज सुविधा विकसित करना है।
जबकि दूसरी परियोजना के तहत नवीन गल्लामंडी में एनएच-19 कल्वर्ट से एसटीपी तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 37.44 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 72.74 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं को सीएनडीएस द्वारा पूरा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर में तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र और बरसात के दौरान पानी की निकासी की जरूरत को देखते हुए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। आरसीसी ड्रेन के निर्माण से बारिश के पानी को निर्धारित निकासी मार्ग तक पहुंचाने में सुविधा होगी और जलभराव वाले क्षेत्रों में समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्य अभियंता के मुताबिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन से शहर के संबंधित हिस्सों में बरसाती पानी की निकासी के लिए दीर्घकालिक आधारभूत ढांचा तैयार होगा। इससे बारिश के दौरान सड़कों और आबादी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने की स्थिति को नियंत्रित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
आगरा में स्वीकृत दोनों परियोजनाओं को शहर के स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज नेटवर्क को बेहतर बनाने की की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कौशांबी में सेवा संकल्प अभियान विकास प्रदर्शनी शुरू:केंद्र के 12 और यूपी सरकार के 10 साल की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

कौशांबी के मंझनपुर सभागार में रविवार शाम 5 बजे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक विकास प्रदर्शनी शुरू की गई। इसका मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सेवाकाल की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाना और उन्हें ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ चायल विधायक पूजा पाल, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा और अमरनाथ यादव ने किया। इस मौके पर ज्योति केसरवानी, प्रेमचंद चौधरी और राकेश पाण्डेय सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनी में केंद्र और प्रदेश सरकार की अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों, उपलब्धियों और विकास कार्यों को आकर्षक तरीके से दिखाया गया है। इसमें केंद्र सरकार के 12 साल और उत्तर प्रदेश सरकार के 10 साल के कार्यकाल में चलाई गई योजनाओं और कराए गए विकास कार्यों की जानकारी दी जा रही है। इस प्रदर्शनी के जरिए आम लोगों को एक ही जगह पर विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी मिल रही है। इससे पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी लेने और अपनी पात्रता के हिसाब से उनका लाभ उठाने में आसानी होगी। यह विकास प्रदर्शनी 5 अक्टूबर 2026 तक लगी रहेगी। लोगों से अपील की गई है कि वे प्रदर्शनी देखने आएं और जनकल्याणकारी योजनाओं व विकास कार्यों की जानकारी लें।