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महा प्रसादी और ब्रज के रास के साथ 18 वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन

 

महाप्रसादी और ब्रज की रास से गूंजा महालक्ष्मी मंदिर, भक्ति के रंग में हुआ श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का समापन
मां महालक्ष्मी की आरती से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ, 7000 से अधिक श्रद्धालुओं ने ग्रहण की महाप्रसादी

बाबा न्यूज़ 

आगरा। यमुना मैया के पावन तट पर स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का शनिवार को भक्ति, सेवा और ब्रज संस्कृति के मनोहारी संगम के साथ समापन हुआ। पांच दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन आयोजित महा प्रसादी एवं सांस्कृतिक संध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। ब्रज के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण की रासलीला ने वातावरण को ब्रजधाम की अनुभूति से भर दिया।
समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा श्री देवी जी ट्रस्ट के राम मोहन कपूर, सतीश गोपाल कपूर, कपिल कपूर एवं तुषार कपूर ने मां महालक्ष्मी की आरती कर किया। आरती के दौरान मंदिर परिसर मां महालक्ष्मी के जयकारों से गूंज उठा।
समापन अवसर पर आयोजित विशाल महा प्रसादी में 7000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई।
महा प्रसादी की विशाल व्यवस्था को सुचारु रूप देने के लिए दर्जनों रोटी बनाने की मशीनें लगातार संचालित रहीं। सैकड़ों कार्यकर्ता सेवा भाव से भोजन तैयार करने, परोसने और श्रद्धालुओं तक प्रसाद पहुंचाने में जुटे रहे। प्रसाद में श्रद्धालुओं की पसंद और स्वाद का विशेष ध्यान रखा गया, ताकि हर भक्त मां महालक्ष्मी के आशीर्वाद के साथ प्रेम और संतोष से महाप्रसादी ग्रहण कर सके।

ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण की रास से बांधा समां
महा प्रसादी के साथ आयोजित सांस्कृतिक संध्या में ब्रज के कलाकारों ने राधा-कृष्ण की मनोहारी रास प्रस्तुत की। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण के प्रेम और ब्रज की भक्ति परंपरा को कलाकारों ने नृत्य, संगीत और अभिनय के माध्यम से जीवंत कर दिया।
मंच पर राधा-कृष्ण के स्वरूपों के आते ही श्रद्धालुओं में उत्साह छा गया। मुरली की धुन, ब्रज के लोक संगीत और कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के बीच पूरा मंदिर परिसर मानो ब्रजधाम में परिवर्तित हो गया।

पांच दिनों तक चला भक्ति और संस्कृति का उत्सव
श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों, निशान यात्रा, पोशाक यात्रा, भजन संध्या, मां महालक्ष्मी के फूल बंगला श्रृंगार, सतरंगी पोशाक एवं छप्पन भोग सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महामंत्री मनोज जैन और कोषाध्यक्ष अशोक सिंघल ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ना है। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
समापन अवसर पर दिलीप बंसल, संजीव अग्रवाल, प्रीति पवन जैन, अमित अग्रवाल, सुमित, अजय, भोलानाथ अग्रवाल, कुशल बंसल, विनोद राठौर, अखिलेश, आशीष, गौरव, राकेश, नवीन, नीरज आदि उपस्थित रहे।

श्री मनः कामेश्वर मठ मंदिर में नंदोत्सव की धूम, बाल कलाकारों ने सजाया ब्रज का संसार

 

बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण रास और गोवर्धन लीला की दी मनोहारी प्रस्तुतियां, नंदोत्सव में गूंजे कान्हा के जयकारे

बाबा न्यूज़ 

आगरा। रावतपाड़ा स्थित श्री मनःकामेश्वर मठ मंदिर के श्रीनाथजी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित नंदोत्सव एवं सांस्कृतिक संध्या में ऐसा लगा मानो महादेव के आंगन में स्वयं ब्रज उतर आया हो। नन्हे-मुन्ने कलाकारों ने राधा-कृष्ण के प्रेम, श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज की भक्ति संस्कृति पर आधारित मनोहारी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर में गूंजते श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु देर तक झूमते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीनाथजी के समक्ष मधुराष्टकम पाठ से हुआ। इसके पश्चात बच्चों ने रंग-बिरंगे परिधानों में राधा-कृष्ण रास, श्रीकृष्ण जन्म, माखन चोरी, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन लीला और ग्वाल-बालों के साथ कान्हा की बाल लीलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।
नन्हे कलाकारों के मंच पर आते ही पूरा वातावरण ब्रजमय हो गया। किसी ने कान्हा बनकर माखन चोरी की तो किसी ने राधा का स्वरूप धारण कर कृष्ण के साथ रास की मनोहारी छटा बिखेरी। राधा-कृष्ण रास की प्रस्तुति के दौरान शास्त्रीय एवं ब्रज संगीत की धुनों पर बच्चों की भाव-भंगिमाओं ने श्रद्धालुओं की खूब तालियां बटोरीं।
गोवर्धन लीला की प्रस्तुति में बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत धारण कर ब्रजवासियों की रक्षा करने का संदेश दिया। वहीं कालिया नाग मर्दन की प्रस्तुति ने भगवान श्रीकृष्ण के पराक्रम और धर्म की विजय का संदेश दिया।
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण राधा-कृष्ण रास रहा।
मठ-मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि नंदोत्सव भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में ब्रज की परंपरा के अनुरूप मनाया गया। नंदोत्सव के अवसर पर बच्चों को खिलौने एवं प्रसाद वितरित किए गए। उन्होंने कहा कि बच्चों के माध्यम से श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर प्रस्तुत कराने का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सनातन संस्कृति, ब्रज परंपरा और भगवान श्रीकृष्ण के जीवन संदेश से जोड़ना है।
श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, वात्सल्य, मित्रता और धर्म का संदेश देती हैं। बच्चों द्वारा इन लीलाओं की प्रस्तुति करना हमारी संस्कृति के संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सुंदर माध्यम है।
नंदोत्सव के समापन पर श्रीनाथजी की आरती हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

कीर्तन और अरदास के साथ हुआ दर्शन ड्योढ़ी का उद्घाटन

 

कीर्तन और अरदास के साथ हुआ दर्शन ड्योढ़ी का उद्घाटन

गुरुद्वारा गुरु का ताल में दो वर्ष से चल रहा था दर्शन ड्योढ़ी का निर्माण कार्य

जल्द ही लंगर हॉल और आधुनिक रसोई के लिए शुरू होगा निर्माण कार्य

रिमझिम वर्षा के बीच कीर्तन करते हुए निकाली गई परिक्रमा

कीर्तन और अरदास के साथ गुरुद्वारा गुरु का ताल में बन रही दर्शन ड्योढ़ी संगत को हुई समर्पित 

बाबा न्यूज़ 

आगरा। पिछले 2 वर्ष से गुरुद्वारा गुरु का ताल में के मुख्य प्रवेश द्वार दर्शन ड्योढ़ी के निर्माण की कार सेवा चल रही थी। निर्माण पूरा होने के बाद 6 सितंबर रविवार को कीर्तन के साथ प्रभात फेरी निकाली गई । मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी की अगुवाई और निशान साहिब के सानिध्य में निकली यह कीर्तन परिक्रमा दर्शन ड्योढ़ी पर पहुंची। इसके बाद यहां कीर्तन हुआ और अरदास के बाद दर्शन ड्योढ़ी से संगत ने गुरुद्वारा गुरु का ताल में प्रवेश कर दर्शन ड्योढ़ी का औपचारिक उद्घाटन किया।
गुरुद्वारा गुरु का ताल के मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया कि पिछले दो वर्ष से इस दर्शन ड्योढ़ी का निर्माण चल रहा था ।गुरुद्वारे के मुख्य प्रवेश द्वार को विशेष रूप से भव्य बनाया गया है। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के ऐतिहासिक स्थान गुरुद्वारा गुरु का ताल की भव्यता में यह विशाल प्रवेश द्वार अवश्य ही एक नहत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां आने वाली संगत इस विशाल दर्शन ड्योढ़ी में प्रवेश करते हुए और अधिक गौरव की अनुभूति करेगी।

विशाल प्रवेश द्वार पर नहीं होगा कोई द्वार

गुरुद्वारा गुरु का ताल के मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह ने बताया कि गुरुद्वारा गुरु का ताल की दर्शन ड्योढ़ी हो या फिर गुरुद्वारा परिसर के भीतर गुरुद्वारे में प्रवेश करने की मुख्य सीढ़ियां पर बना द्वार हो ,किसी में भी कोई दरवाजा नहीं लगाया गया है ।मौजूदा मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह जी का कहना है कि गुरुद्वारा के द्वार हर धर्म ,जाति ,वर्ग के लिए हर समय खुले हैं लिहाजा यहां कोई भी दरवाजा नहीं बनाया गया है ।कोरोना काल के दौरान भी गुरुद्वारा साहिब को एक दिन के लिए भी बंद नहीं किया गया था और उसे समय जरूरतमंद वह अन्य शहरों के लिए पैदल गुजर रही संगत के लिए लंगर भी यहां लगातार जारी रहे।

लंगर हॉल का होगा विस्तार, बनेगी अत्याधुनिक रसोई

गुरुद्वारा गुरु का ताल में लगातार स्थानीय व बाहरी संगत की आवाजाही में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लंगर हॉल के विस्तार किए जाने की योजना बनाई गई है। संत बाबा प्रीतम सिंह जी ने बताया पिछले कुछ वर्षों में बाहरी प्रदेशों से संगत व पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है साथ ही स्थानीय स्तर पर भी विभिन्न गुरु पर्वों पर संगत की संख्या काफी रहती है। जिसके चलते लंगर के दौरान संगत को इंतजार करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए गुरुद्वारा गुरु का ताल ने लंगर हॉल की क्षमता को दुगना किए जाने की योजना बनाई है। जिसके लिए लंगर हॉल का विस्तार किया जाएगा साथ ही एक अत्याधुनिक रसोई के निर्माण की भी योजना बनाई गई है ।जिसमें नवीनतम तकनीकों के आधार पर मशीनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा, साथ ही गैस के स्थान पर भाप से लंगर बनाए जाने की नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लंगर तैयार किया जाएगा। जल्द ही इन दोनों प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

यह रहे उपस्थित

दर्शन ड्योढ़ी के उद्घाटन अरदास के दौरान गुरुद्वारा गुरु का ताल के जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया ,बाबा अमरीक सिंह ,ग्रंथि हरबंस सिंह ,अजायब सिंह टीटू, महंत हरपाल सिंह ,जोगा सिंह ,ज्ञानी केवल सिंह, श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान कवलजीत सिंह , गुरुद्वारा माईथान के हेड ग्रंथी ज्ञानी कुलविंदर सिंह, सरदार दलजीत सिंह सेतिया ,श्याम भोजवानी, वीर महेंद्र पाल सिंह ,अवनीत कौर ,गुरमीत सिंह सेठी, लकी सेतिया आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

रंग-बिरंगे पुष्पों की बगिया में विराजे श्याम बाबा, जन्माष्टमी पर उमड़ा भक्तों की आस्था का सैलाब

स्वर्ण मुकुट, कुंडल और दिव्य आभूषणों से सजे श्याम बाबा के मनोहारी दर्शन कर भक्त हुए निहाल

बाबा न्यूज़ 

आगरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर श्री खाटू श्याम जी मंदिर, जीवनी मंडी में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर में विराजमान श्याम बाबा का विशेष रूप से रंग-बिरंगे पुष्पों से अलौकिक श्रृंगार किया गया। लाल, गुलाबी, सफेद और पीले पुष्पों की मनमोहक बगिया के मध्य विराजे श्याम बाबा ने स्वर्ण मुकुट, कुंडल एवं दिव्य आभूषण धारण कर प्रातःकाल से लेकर देर रात्रि तक अपने भक्तों को दर्शन देकर निहाल किया।
जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा को इलायची और मखाने की सुगंधित मालाएं धारण कराई गईं तथा चरणों में कमल पुष्प अर्पित किए गए। फूलों की अनुपम छटा और बाबा के दिव्य स्वरूप ने मंदिर परिसर को मानो ब्रजधाम की भक्ति और आनंद से सराबोर कर दिया।
श्री खाटू श्याम जी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न भक्तों एवं समितियों ने सेवा का सौभाग्य प्राप्त किया। पोशाक एवं श्रृंगार सेवा विजय गुप्ता, फूल बंगला सेवा अनुराग एवं दीपक गर्ग, प्रसाद सेवा श्री खाटू श्याम जी ग्लोबल समिति, टॉफी, चॉकलेट एवं खिलौने सेवा श्री श्याम सेवक परिवार समिति, लाइटिंग सेवा पंकज कुमार अग्रवाल, झांकी सेवा अभिषेक गोयल, माखन-मिश्री सेवा राकेश गर्ग तथा इत्र सेवा हरिश्चंद्र अग्रवाल की ओर से की गई।
पूरे मंदिर परिसर को भव्य पुष्प सज्जा, गुब्बारों और आकर्षक खिलौनों से सजाया गया था। मंदिर में प्रवेश करते ही भगवान श्रीकृष्ण की जन्मलीला की भव्य झांकी भक्तों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। नंदलाल के जन्मोत्सव की इस अनुपम झांकी को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट द्वारा दर्शन की विशेष एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई, जिससे भक्तजन सहजता से बाबा के दर्शन कर सकें। बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिन्हें टॉफी, चॉकलेट और खिलौने वितरित किए गए। वहीं भक्तों को सुगंधित इत्र का वितरण भी किया गया।
भव्य विद्युत सज्जा से जगमगाते मंदिर परिसर में देर रात्रि तक भक्ति की रसधार बहती रही। भजन संध्या में श्रद्धालु “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” और “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” जैसे भजनों एवं जयकारों पर झूमते रहे। पूरा वातावरण “हारे के सहारे की जय, श्याम बाबा की जय” और “जय कन्हैया लाल की” के उद्घोषों से गुंजायमान रहा।
जन्माष्टमी की पावन रात्रि में श्याम बाबा के दिव्य श्रृंगार और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं ने देर रात्रि तक मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आनंद लिया।
इस अवसर पर हेमेंद्र अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विपिन बंसल, विकास गोयल, अमित गोयल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव: कान्हा के नाम की मेहंदी से रचे हाथ

 

वल्लभा बैंड के भजनों पर झूमा महालक्ष्मी मंदिर परिसर

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया रहीं मेहंदी उत्सव की मुख्य अतिथि
श्रीमहंत योगेश पुरी ने दीप प्रज्वलित कर किया म्यूजिक भजन कंसर्ट का शुभारंभ
आज निकलेगी भव्य निशान एवं पोशाक यात्रा, हजारों श्रद्धालु करेंगे सहभागिता
बाबा न्यूज
आगरा। यमुना तट स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर परिसर में चल रहे 18वें श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को भक्ति, संस्कृति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। संध्याकाल में आयोजित कान्हा के नाम की मेहंदी कार्यक्रम में महिलाओं और पुरुषों ने उत्साह के साथ अपने हाथों पर कान्हा के नाम, मोरपंख, बांसुरी और राधा-कृष्ण की आकर्षक आकृतियां सजाईं, वहीं शाम को आयोजित म्यूजिक भजन कंसर्ट में अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वल्लभा बैंड की भक्ति प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
श्री देवी जी ट्रस्ट एवं श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन महिलाओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं महिलाओं ने भक्ति और उत्सव के रंगों को अपने हाथों पर मेहंदी के रूप में उकेरा।
मेहंदी उत्सव की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि महिलाओं की सहभागिता के बिना कोई भी सामाजिक, सांस्कृतिक या धार्मिक आयोजन पूर्ण नहीं हो सकता।
इसके बाद श्री महालक्ष्मी मंदिर परिसर में आयोजित म्यूजिक भजन कंसर्ट का शुभारंभ श्री मन:कामेश्वर मठ मंदिर के श्रीमहंत योगेश पुरी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर श्रीमहंत योगेश पुरी ने कहा कि भजन केवल संगीत नहीं, बल्कि मन को प्रभु से जोड़ने का माध्यम हैं। जब व्यक्ति श्रद्धा और समर्पण के साथ भगवान का नाम स्मरण करता है तो उसके भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति का संचार होता है।
दीप प्रज्वलन के बाद अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वल्लभा बैंड ने म्यूजिक भजन कंसर्ट में अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। श्री महालक्ष्मी भक्त मंडल के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और शहरवासियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता मिल रही है।
महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों में गुरुवार को प्रात: भव्य निशान यात्रा, शाम को राधानगर से श्री महालक्ष्मी मंदिर तक 11 किलो की विशेष पोशाक यात्रा, 4 सितंबर को भव्य श्याम दरबार एवं भजन संध्या, मां महालक्ष्मी का फूल बंगला वाटिका श्रृंगार एवं छप्पन भोग, तथा 5 सितंबर को 7000 से अधिक श्रद्धालुओं के लिए विशाल शाम की रसोई आयोजित की जाएगी।

ये रहे उपस्थित
पार्षद पूजा बंसल, अध्यक्ष संजय अग्रवाल, महामंत्री मनोज जैन, कोषाध्यक्ष अशोक सिंघल, रितु अग्रवाल, आयुषी गर्ग, अंजना अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, रितु अग्रवाल, सुनीता मित्तल, आशा अग्रवाल, श्वेता बंसल, निर्मला अग्रवाल, ममता अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, गिर्राज बंसल, अजय अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता, अमित मित्तल, दिलीप बंसल, ध्रुव गर्ग, गौरव वार्ष्णेय, हेमंत मोहता, करतार चंद्र शास्त्री, मनोज जैन, केएल अग्रवाल, मनीष सिंघल, मनीष गोयल, मुकेश गुप्ता, पवन जैन, राकेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, सुमित बंसल, तनु गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, विष्णु गर्ग आदि उपस्थित रहे।

 

नंदोत्सव में छाया आनंद, भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु

बाबा न्यूज
आगरा। जीवनी मंडी स्थित श्री खाटूश्याम जी मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा मे नन्दोत्सव में गोकुल धाम जैसा माहौल उत्पन्न हो गया। श्री कृष्ण के प्राकट्य की कथा के बीच कथा स्थल भगवान कृष्ण के जय जयकारों से गूंज उठा। कथा में चौथे दिन नरसिंघ अवतार, राम जन्म व श्रीकृष्ण जन्म का भावपूर्ण संजीव वर्णन किया। नंदोत्सव में रंग-बिरंगे गुब्बारों से खाटूश्याम मंदिर मे पुष्प वर्षा के साथ ही टॉफी और चॉकलेट की बरसात हुई।

व्यासपीठ से आचार्य अश्वनी मिश्रा महाराज ने बताया कि नंदोत्सव ऐसा महान उत्सव है जो नित्य ही भगवान के प्यारे भक्त देह और गेह की सुध भुलाकर अपने ही मनमंदिर में मनाते हैं। नंदोत्सव में यशोदा ने जायो ललना, मैं जमुना पे सुन आई.., नन्द घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की… आदि भजनो पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। कथा व्यास के मुख से एक के बाद एक बधाई गीतों की धुनें प्रस्फुटित होती गयीं। कान्हा बने अभियुक्त अग्रवाल को वासुदेव अपने सिर पर टोकरी में रखकर लाये तो श्रद्धालुओ ने कान्हा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर जय कनैह्या लाल के जयघोष से गूंज उठा। माखन मिश्री का प्रसाद भोग लगा कर भक्तों को वितरित किया गया।

बाल लीला व गोवर्धन पूजन आज
मुख्य यजमान दीपक अग्रवाल और निशि अग्रवाल ने बताया कि कथा के पांचवे दिन श्री कृष्ण बाल लीला, छप्पन भोग और गोवर्धन पूजन किया जाएगो श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन छह सितम्बर तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक किया जायेगा। इस अवसर पर रोहित अग्रवाल, प्रियंका अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, गोविन्द सिंघल, मनोज सिंघल, राधा अग्रवाल, मधु अग्रवाल, विमलेश सिंघल, अथर्व, पार्थी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।

25 सितंबर को मुकुट पूजन से होगा रामलीला का शुभारंभ

वार्षिक पत्रिका रामांजली का हुआ विमोचन,150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करेगी आगरा की ऐतिहासिक श्रीरामलीला
बाबा न्यूज
आगरा। आगरा की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की पहचान श्रीरामलीला इस वर्ष अपने इतिहास के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है। 149 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पूर्ण कर श्रीरामलीला महोत्सव अब अपने 150वें स्वर्णिम वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए श्रीरामलीला कमेटी द्वारा इस वर्ष महोत्सव को भव्य, आकर्षक और अविस्मरणीय स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
आगामी 150वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए गौरवशाली आयोजनों की विशेष रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस वर्ष आयोजित होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव में जहां सदियों पुरानी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण किया जाएगा, वहीं आधुनिक तकनीक और नवीन प्रयोगों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी श्रीराम के आदर्शों और रामलीला की परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
रविवार को रामलीला मैदान स्थित श्रीराम हनुमान मंदिर पर श्रीरामलीला कमेटी की वार्षिक पत्रिका रामांजली का विमोचन किया गया। कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि श्रीरामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी महान संस्कृति, परंपराओं और आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। 150वें वर्ष में प्रवेश कर रही इस ऐतिहासिक रामलीला को विशेष और भव्य स्वरूप देने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

महामंत्री राजीव अग्रवाल ने बताया कि वार्षिक पत्रिका रामांजली में 25 सितंबर से प्रारंभ होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव के दैनिक कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी एवं मुकुट पूजन के साथ श्रीरामलीला महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसके बाद धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला प्रारंभ होगी।
26 सितंबर को मुकुट की सवारी निकाली जाएगी। 28 एवं 29 सितंबर को रावण की दुहाई की सवारियां निकाली जाएंगी। 30 सितंबर को मंचीय श्रीरामलीला का शुभारंभ होगा। 6 अक्टूबर को भव्य एवं ऐतिहासिक श्रीराम बारात निकाली जाएगी। 20 अक्टूबर को रावण वध की लीला का मंचन होगा तथा रावण के विशाल पुतले का दहन किया जाएगा। इस अवसर पर आकर्षक एवं मनमोहक आतिशबाजी भी आयोजित की जाएगी। हर वर्ष की भांति इस बार भी श्रीरामलीला के मंचीय आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने की जिम्मेदारी भगवान दास बंसल एवं विष्णु दयाल बंसल निभाएंगे।
रामांजली में प्रकाशित हुआ श्रीराम वन गमन विशेषांक
रामांजली केवल वार्षिक पत्रिका नहीं, बल्कि श्रीराम और रामायण संस्कृति से जुड़े ज्ञान एवं शोध का महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती जा रही है। गत वर्षों में पत्रिका में आगरा के श्रीराम मंदिरों तथा 21 रामायणों पर विशेषांक प्रकाशित किए जा चुके हैं। इस वर्ष रामांजली का विशेष आकर्षण श्रीराम वन गमन विशेषांक है। इसमें भगवान श्रीराम के वन गमन के दौरान आने वाले प्रमुख तीर्थ स्थलों और उनसे जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को विशेष रूप से प्रकाशित किया गया है। इस विशेषांक का संपादन एवं लेखन आदर्श नंदन गुप्ता ने किया है।
राम बारात की झांकियों में होगा एआई तकनीक का अभिनव प्रयोग
150वें स्वर्णिम वर्ष की ओर बढ़ रही श्रीरामलीला में इस बार अनेक नए और अभिनव प्रयोग किए जाएंगे। विशेष रूप से श्रीराम बारात की झांकियों के डिजाइन तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। नेत्रदान, रक्तदान और अन्य सामाजिक सरोकारों पर आधारित झांकियां भी श्रीराम बारात का प्रमुख आकर्षण होंगी।

प्राचीन स्वरूप की झलक भी होगी राम बारात में
आधुनिक तकनीक के साथ-साथ इस बार श्रीराम बारात में आगरा की पुरानी और ऐतिहासिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत करने का भी प्रयास किया जाएगा।

ये रहे उपस्थित
विमोचन समारोह में उपाध्यक्ष विजय कुमार गोयल, भगवान दास बंसल, मुकेश जौहरी, अंजुल बंसल, प्रवीण स्वरूप, संजय तिवारी, अजय गर्ग, राहुल गौतम, विनोद जौहरी, विष्णु दयाल बंसल, शैलेंद्र अग्रवाल, राकेश जैन, आयुष अग्रवाल, सौरभ गौतम, राहुल शर्मा, नितिन अग्रवाल, ऋषि गोयल, निक्की जौहरी आदि उपस्थित रहे।

 

108 रुद्राभिषेक की पूणार्हुति, पूर्णिमा की महाआरती में गूंजा हर-हर महादेव

श्वेत पुष्पों से सजे बाबा श्याम, सावन महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा और भक्ति का सैलाब
बाबा न्यूज
आगरा। जीवनी मंडी परिसर स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर के श्री श्यामेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे सावन महोत्सव के अंतर्गत एक माह से प्रतिदिन आयोजित किए जा रहे 108 रुद्राभिषेक का सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर विधि-विधान एवं भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर विशेष महा आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से गूंज उठा।
सावन मास के प्रारंभ से ही श्री श्यामेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिदिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया जा रहा था। सावन के प्रत्येक दिन श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जल, दूध, दही, घी, शहद सहित विभिन्न पूजन सामग्रियों से अभिषेक कर सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं परिवार की मंगलकामना की। सावन पूर्णिमा पर इस धार्मिक अनुष्ठान की पूणार्हुति विशेष महाआरती के साथ हुई।
समापन अवसर पर मंदिर के मुख्य ट्रस्टी हेमेंद्र अग्रवाल एवं सीमा अग्रवाल ने विधि-विधान के साथ महा रुद्राभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान शिव के जयकारों के बीच हुए अभिषेक से मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। पंडित मुकेश शर्मा और अनंत उपाध्याय ने विधि विधान से पूजन संपन्न कराया।
मंदिर के अध्यक्ष दिनेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि सावन महोत्सव के अंतर्गत विगत एक माह से प्रतिदिन रुद्राभिषेक का आयोजन किया जा रहा था। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ मंदिर में पूरे सावन माह श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति और रुद्राभिषेक से जोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि 108 रुद्राभिषेक की पूणार्हुति के अवसर पर विशेष महाआरती का आयोजन किया गया।
सावन पूर्णिमा के अवसर पर बाबा श्याम का विशेष श्वेत पुष्पों से श्रृंगार किया गया। सफेद पुष्पों से सजे बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर में बाबा श्याम के मनोहारी दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रही। श्वेत पुष्पों की मनमोहक सजावट और दीपों की रोशनी से मंदिर परिसर का वातावरण अत्यंत आकर्षक और आध्यात्मिक नजर आया।
सावन पूर्णिमा की विशेष महाआरती में श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भाग लिया। घंटा-घड़ियाल और शंखनाद के बीच भगवान श्यामेश्वर महादेव एवं बाबा श्याम की आरती उतारी गई।
इस अवसर पर संजय अग्रवाल, अमित गोयल, विपिन बंसल, विकास गोयल आदि उपस्थित रहे।

रक्षाबंधन पर ठाकुर श्याम बिहारी को धराई राखी

यशोदा मैया के वात्सल्य भाव में रंगा प्रेमनिधि मंदिर
सफेद घटा के हिंडोले में विराजे बाल कृष्ण
हरिनाम संकीर्तन से गूंजा नाई की मंडी का श्री प्रेमनिधि जी मंदिर
बाबा न्यूज
आगरा। नाई की मंडी स्थित श्री प्रेमनिधि जी मंदिर में सावन पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर पुष्टिमार्गीय सेवा-परंपरा के अनुरूप हिंडोला उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर ठाकुर श्याम बिहारी जी को सफेद घटा का मनोहारी श्रृंगार धारण कराकर हिंडोले पर विराजित किया गया और रक्षाबंधन के विशेष भाव के अनुरूप उन्हें रक्षा-सूत्र अर्थात राखी धराई गई। बाल स्वरूप ठाकुरजी के प्रति वात्सल्य, ममत्व और उनकी रक्षा की कामना से जुड़ा यह प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए विशेष भाव-विभोर करने वाला रहा।
सफेद घटा के मध्य हिंडोले पर विराजमान ठाकुरजी के दिव्य स्वरूप के दर्शन के साथ मंदिर में हरिनाम संकीर्तन एवं पुष्टिमार्गीय पद गायन हुआ। पदों और कीर्तन में यशोदा मैया के वात्सल्य भाव, अपने लाल कन्हैया की बलैया लेने और उन्हें बुरी नजर एवं समस्त बाधाओं से बचाने के प्रसंगों का भावपूर्ण गायन हुआ। दिनेश पचौरी और अमित शर्मा द्वारा किए गए संकीर्तन की मधुर स्वर लहरियों से पूरा मंदिर परिसर कृष्णमय हो उठा।
पुष्टिमार्ग में रक्षाबंधन का भाव भाई-बहन के रिश्ते से अलग
मुख्य सेवायत हरिमोहन गोस्वामी और सुमित गोस्वामी ने बताया कि पुष्टिमार्ग में रक्षाबंधन का भाव सामान्य रूप से प्रचलित भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है। यहां इस उत्सव का मूल भाव ठाकुरजी के बाल स्वरूप के प्रति वात्सल्य और उनकी रक्षा की मंगलकामना से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन वैष्णव माँ यशोदा के भाव से ठाकुरजी की सेवा करते हैं। जिस प्रकार यशोदा मैया अपने लाल कन्हैया और बलदाऊ की बुरी नजर, बाधा एवं किसी भी अपशकुन से रक्षा के लिए उनकी कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधती थीं, उसी वात्सल्य भाव से ठाकुरजी को राखी धराई जाती है। इसमें भक्त स्वयं को यशोदा मैया के वात्सल्य भाव में अनुभव करते हुए ठाकुरजी के सुख, मंगल और रक्षा की कामना करता है।
सेवायतों ने बताया कि पुष्टिमार्गीय सेवा में ठाकुरजी को केवल आराध्य मानकर पूजा नहीं की जाती, बल्कि उन्हें बालक के रूप में प्रेम, ममता और वात्सल्य से सेवा-सुख दिया जाता है। रक्षाबंधन पर राखी धराना भी इसी आत्मीय सेवा का हिस्सा है।
इस अवसर पर गाए जाने वाले कीर्तन और पदों में मैया यशोदा द्वारा अपने लाल की बलैया लेने, नजर उतारने और उन पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने का भाव प्रकट होता है। यही वात्सल्य भाव रक्षाबंधन को पुष्टिमार्ग में विशिष्ट आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान करता है।
रक्षाबंधन के अवसर पर सफेद घटा के हिंडोले में ठाकुर श्याम बिहारी जी के दर्शन और राखी की सेवा ने मंदिर परिसर में वात्सल्य एवं कृष्ण प्रेम की अनुपम अनुभूति कराई। श्रद्धालु ठाकुरजी के बाल स्वरूप के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते रहे।

 

भजनों की रसधार में झूमे श्याम प्रेमी, 101 दीपों से हुई बाबा की भव्य आरती

श्री श्याम मित्र मंडल एवं श्री श्याम महिला मित्र मंडल द्वारा आयोजित हरियाली तीज एवं झूलन महोत्सव के साथ 20 वां मासिक अरदास-कीर्तन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न
बाबा न्यूज
आगरा। श्री श्याम मित्र मंडल एवं श्री श्याम महिला मित्र मंडल, के तत्वावधान में सोमवार को भैरो बाबा मंदिर, पुनिया पाड़ा, लोहामंडी में 20वां मासिक अरदास-कीर्तन एवं हरियाली तीज-झूलन महोत्सव भक्तिभाव के साथ आयोजित किया गया। श्याम भक्तों ने भजनों की मधुर धुनों पर बाबा का गुणगान किया और परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना के साथ सामूहिक अरदास की।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक सचिन मनचंदा, विकास वर्मा एवं भजन गायिका काव्या गोला ने एक से बढ़कर एक श्याम भजनों की प्रस्तुतियां दीं। गोस्वामी म्यूजिकल ग्रुप की संगीतमय प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों के दौरान श्रद्धालु झूमते-गाते हुए बाबा की भक्ति में लीन नजर आए। भजन गायकों ने जब स्वर छेड़े ह्लहारे का सहारा है, बाबा श्याम हमारा है, जिसका नहीं कोई, उसका श्याम सहारा है।
तो पूरा मंदिर परिसर ह्लश्याम बाबा की जयह्व और खाटू नरेश की जय के जयघोष से गूंज उठा।
हरियाली तीज एवं झूलन महोत्सव के अवसर पर बाबा श्याम को आकर्षक श्रृंगार कराया गया। झूले पर विराजमान बाबा के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इसके बाद 101 दीपों से बाबा की भव्य आरती की गई।
आयोजन में बाबा की सेवा में इत्र वर्षा एवं पुष्प वर्षा की गई। भक्तों ने श्रद्धा के साथ बाबा पर पुष्प अर्पित किए। आयोजन के दौरान श्याम रसोई के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
आयोजकों ने बताया कि मासिक अरदास-कीर्तन का उद्देश्य श्याम भक्तों को एकजुट कर सामूहिक रूप से बाबा के चरणों में अरदास करना और समाज में सेवा, भक्ति तथा आपसी प्रेम की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रम में अभी जैन, अमित अग्रवाल, अतुल गुप्ता, अखिल अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, इंद्र खंडेलवाल, मोहित अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, शिवम मिश्रा, अंकुश गुप्ता, आशीष गोयल, प्रदीप जैन आदि उपस्थित रहे।