पांचवीं तक पढ़ी लड़की हिंदी अखबार भी नहीं पढ़ सकी:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी की शिक्षा व्यवस्था पर जताई गंभीर चिंता
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने वाली लड़की के हिंदी अखबार न पढ़ पाने और अपने नाम के अलावा हिंदी में कुछ न लिख पाने पर यूपी की शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने सवाल उठाया कि लड़की की पढ़ाई पांचवीं कक्षा के बाद क्यों छूट गई और राज्य यह सुनिश्चित क्यों नहीं कर पाया कि वह आगे भी शिक्षा प्राप्त करती। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा- राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता गंभीर चिंता का विषय है। अदालत एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसका संबंध POCSO एक्ट 2012 के तहत लंबित मामले से था। याचिकाकर्ता राकेश यादव उर्फ पप्पू ने उस लड़की को अदालत में पेश करने की मांग की थी, जिसके साथ उसके अनुसार वह वर्ष 2025 में घर से चला गया था। बाद में लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया।

